संक्षिप्त वर्षफल  2022  

 आप की प्रसिद्ध नाम राशि पर आधारित  वर्ष 2022  के लिए
आप के बारे में  वर्षफल प्रस्तुत है |

                                                                     
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डॉ जे के शर्मा

सूचना: 

  • Ø शास्त्रों के अनुसार, आपके प्रसिद्ध नाम  के  अनुसार ही आपको सारी उम्र लाभ हानि  कार्य व्यापार प्रमोशन आदि प्राप्त होते हैं |
  • Ø आपका प्रसिद्ध नाम आपकी जन्म राशि पर आधारित भी हो सकता है अर्थात आपकी जन्म राशि व् प्रसिद्ध नाम राशि एक ही हो सके हैं  | इसलिए, प्रसिद्ध नाम पर आधारित यह भविष्य फल आप पर पूरा सटीक रहेगा, ऐसा पूरा विश्वास है |
  • तब भी, व्यक्तिगत कुंडली आप विद्वान ज्योतिषी को दिखाएँ व् पूरे वर्ष का विवरण प्राप्त करें |

विभिन्न  ग्रहों के उपायों के  लिए इसी वेबसाइट पर ढूंढें | केवल उचित व् सम्भव उपाय करें |

स्टोन-नग आदि केवल तब पहने जब उस स्टोन-नग का ग्रह वक्री-रेट्रोग्रेड न हो |

          सम्वत 2079 के राजा शनिदेव हैं व् मंत्री गुरु बृहस्पति हैं |

                                     

शनि साढ़ेसाती कैसे शुरुहोती है ? : शनि एक राशि पर ढाई वर्ष रहते हैं | चन्द्र राशि से पहली राशि पर शनि आने पर शनि साढ़ेसाती का पहला चरण शुरू हो जाता है | यहाँ शनि ढाई वर्ष रहता है | जन्म/चन्द्र राशि (जिनकी कुंडली आदि नहीं है तो उनकी प्रसिद्ध नाम राशि) पर शनि आने पर शनि साढ़ेसाती का दूसरा चरण होता है  | इन  ढाई वर्षों में साढ़ेसाती चरम सीमा पर होती है | इसके बाद, फिर शनि राशि परिवर्तन करके  चन्द्र राशि से अगली राशि पर जाने पर साढ़ेसाती का तीसरा चरण होता है | इसकी अवधि समाप्त होने पर, शनि साढ़ेसाती समाप्त हो जाती है | इस तरह साढ़े सात-आठ वर्ष लग जाते हैं क्योंकि हर वर्ष शनि 140 दिन वक्री भी चलता है |

  • Ø जिन लोगों का जन्म कुंडली में  यदि  जन्म से ही शनि  वक्री व्/या नीच राशि मेष का है तो उन जातकों को शनि-प्रदत्त लाभ नगण्य मिलते  हैं |
  • Ø अलग अलग राशियों पर पहले ढाई वर्ष, अगले ढाई वर्ष व् अंतिम ढाई वर्ष में अलग अलग शुभ व् अशुभ  साढ़ेसाती के प्रभाव होते हैं, सभी राशियों पर एक जैसा समान पर हव नहीं होता | 
  • Ø अभी धनु, मकर व् कुम्भ राशियों पर शनि साढ़ेसाती  चल रही है |
  • Ø परन्तु 29 अप्रैल 2022 से  शनि के कुम्भ राशि में जाने पर, धनु राशि पर शनि साढ़ेसाती समाप्त हो जाएगी | मकर, कुम्भ व् मीन राशियों पर शनि साढ़ेसाती चलेगी  |
  • Ø साथ ही, शनि के ढईये के प्रभाव मिथुन तथा तुला राशियों पर साथ  साथ  चल रहा है |
  • Ø शनि के 29 अप्रैल 2022 से कुम्भ राशि में जाने पर,  शनि का ढईया  मिथुन तथा तुला राशियों पर समाप्त होकर कर्क व् वृश्चिक राशियों पर शुरू हो जायेगा |

फिर भी, शनि 6 जून से वक्री चलेंगे व् वक्र गति से चलते हुए  वापिस मकर राशि  में  12-7-2022 से 23-10-2022 तक वक्री  चलते  रहेंगे  | शनि  24 अक्तूबर से  मार्गी होकर मकर राशि  में ही 16 जनवरी 2023 तक रहेंगे | इसलिए, 12 जुलाई से 23 अक्तूबर तक मिथुन व् तुला राशियों पर फिर ढईया चलेगा परन्तु लाभकारी | शनि  17 जनवरी 2023 से फिर कुम्भ राशि में आ  जायेंगे |

इसके अतिरिक्त:

ü मंगल : मिथुन राशि में 30 अक्तूबर से वक्री होकर वापिस 13 नवम्बर से वृष राशी में वक्री चलेंगे व् 13 जनवरी 2023 को मार्गी  होगा  |

ü बुध :  वृष राशि में 10 मई से 3 जून तक, कन्या राशि में 10 सितम्बर से 1  अक्तूबर तक, मकर में 29 दिसम्बर से वक्र चलते हुए धनु में 30 दिसम्बर से 17 जनवरी 2023 तक वक्री चलेंगे   |

ü  गुरु बृहस्पति 13-4-2022 से राशि परिवर्तन करके अपनी ही मीन राशि में आयेंगे व् उच्च बृहस्पति जैसा लाभ देंगे | गुरु बृहस्पति  हर वर्ष 120 दिन वक्री उल्टा चलते हैं व् इस वर्ष 29 जुलाई से मीन राशि में वक्री चलेंगे व् 24 नवम्बर से मार्गी होंगे |

ü राहू  मेष राशि में 12-4-2022 से 28-10-2023 तक रहेंगे |

ü केतु   तुला  राशि में 12-4-2022 से 28-10-2023 तक रहेंगे |

 

                                  भविष्यफल

  • Ø जहाँ कहीं जन्म तारीख के अनुसार दैनिक/साप्ताहिक भविष्य लिखा जाता है, वह वेस्टर्न एस्ट्रोलॉजी अनुसार है जो सूर्य के एक महीने में एक राशि के भ्रमण के आधार पर है |
  • Ø  भारतीय वैदिक ज्योतिष  आपका भविष्यफल  कथन चन्द्रमा का एक राशि में सवा दो दिन के आधार पर  बताता है जो अधिक सूक्ष्म व् सटीक है  | ) 

 

मेष लगन/राशि  (Aeries) आपके प्रसिद्ध नाम का पहला अक्षर : चू,चे,चो,ला,ली,लू,ले,लो, 

 ( शुभ अंक 1, आपकी राशी का स्वामी ग्रह मंगल  )

आपकी प्रसिद्ध नाम कुंडली में  :   आपकी नाम  राशि का स्वामी मंगल अभी  भाग्य स्थान पर है व् 26 फरवरी से दसवें घर आकर आपके सभी अन-सुलझे कार्यों को तुरंत पूरा करेगा | प्रॉपर्टी, सरकारी कार्य, जॉब, आय, प्रमोशन आदि सब कुछ मिलता जायेगा | 17  मई से26 जून तक लाभहीन व् अनावश्यक खर्चे, परन्तु  27 जून से 29 अक्तूबर तक  मंगल अत्यंत लाभकारी होगा-अन्य ग्रहों की थोड़ी रुकावटों के बावजूद  | 30 अक्तूबर से 13 जनवरी 2023 तक हानि होगी, स्वास्थ्य आदि का ध्यान करें |

          गुरु  बृहस्पति  भी 12 अप्रैल तक  आय स्थान पर कुम्भ राशि में रहकर  उपरोक्त  सब लाभ देंगे  | गुरु 13 अप्रैल 2022  से 20 अप्रैल 2023 तक बाहरवें घर रह कर धर्म कार्यों व् या शुभ कार्यों पर खर्च कराएगा | घर से दूर की यात्रायें कराएगा | 

          शनि अपने ही दसवें घर में  मकर राशि में होकर आपके सारे कार्य सिद्ध कर रहा है/करेगा | उच्च जिम्मेदारी व् पद, निवास व् कार्यालय, भूमि सम्बन्धी कार्य आदि सब में सफलता मिलेगी | व्यापारी वर्ग को सरकार से  सम्पूर्ण सुविधाएँ, व्यापार, आय व् लाभ मिलेंगे शनि  29 अप्रैल 2022 से 29 मार्च 2025 तक कुम्भ राशि में जाने पर आपकी आय में वृद्धि करेगा | असीमित  धन की प्राप्ति होगी |  रुका हुआ धन प्राप्त होगा |

श्रेष्ट व् लाभकारी समय : 26 फरवरी से 16 मई/27 जून से 29 अक्तूबर-थोड़ी रुकावटों से साथ |

समस्याओं का समय: (क) शनि 6 जून से वक्री चलेंगे व् वक्र गति से चलते हुए  वापिस मकर राशि  में  12-7-2022 से 23-10-2022 तक वक्री  होने पर जॉब कार्य आय में समस्याएँ रखेंगे | पेट की खराबी व् सन्तान को कष्ट सम्भव है |  (ख) गुरु बृहस्पति आपकी कुंडली में बाहरवें घर में   29 जुलाई से 23  नवम्बर तक मीन राशि में वक्री चलेंगे जिससे वाहन खराबी आदि, स्वास्थ्य कमजोर, फ्लैट प्रॉपर्टी सम्बन्धी समस्या, पति/पत्नी/पुत्र को कष्ट आदि दे सकते हैं | (ग) आपकी राशि का  स्वामी मंगल 30 अक्तूबर से मिथुन में वक्री होकर वापिस 13 नवम्बर को वृष में 13 जनवरी 2023 तक वक्री रहकर आपके स्वास्थ्य, प्रॉपर्टी, भाई बहनों से मनमुटाव आदि व् जमा किये धन का खर्चा/हानि करेगा | क्रोध पर काबू रखें, भाई-जीजा-साला-कज़िन आदि से लड़ाई झगड़े से बचें |

 जन्म से ही :  (1) शनि-1 मेष में नीच तथा गुरु-10 मकर में नीच अथवा (2) जन्म  से ही  शनि/गुरु बृहस्पति-या दोनों   वक्री/ अस्त होने से  लाभ में कमी रखेंगे| 

          आप मंगल, सूर्य, गुरु व् शनि के उपाय करें  | 

 वृष लग्न/राशि  Taurus:  (आपके प्रसिद्ध नाम का पहला अक्षर :ई,,,,वा,वी,वू,वे,वो ): (शुभ अंक 2, आपकी राशी का स्वामी ग्रह शुक्र )

आपकी प्रसिद्ध नाम कुंडली में  :   शुक्र आपको आत्म विश्वासी, निडर व् मजबूत मनोबल वाला बनाये  रखता है बेशक बैल की तरह मेहनती आप हैं ही | 21 नवम्बर से आपका भाग्य जागृत हुआ है | अब,  अप्रैल 13 व् 29 से आपको  और अधिक धन लाभ, प्रमोशन, सुख, मनचाहा पद आदि भी प्राप्त होगा |

          गुरु  बृहस्पति  भी  13 अप्रैल 2022  से 20 अप्रैल 2023 तक अपनी ही राशी मीन में आय स्थान पर जाकर  व् शनि 29 अप्रैल 2022 से 29 मार्च 2025 तक कुम्भ राशि में अपने ही दसवें घर में जाकर आप के कार्य, व्यापार, आय व् लाभ में वृद्धि करेंगे | प्रगति तरक्की व् समृद्धि अपरम्पार होगी |  रुका हुआ धन प्राप्त होगा | इस वर्ष आपको असीम सफलताएँ, कार्य व्यापार लाभ आदि मिलेंगे |  आप   अपनी पसंद के कार्य, जॉब व् व्यापार आदि में सफल होंगे | पारिवारिक सुख, सन्तान सुख  में वृद्धि होगी | नया घर, वाहन, विवाह, सन्तान व् प्रॉपर्टी आदि के  योग बनेंगे, लाभ उठायें  |  नया व्यापार करने या व्यापार बढ़ाने की शुरुआत ठीक रहेगी |

श्रेष्ट व् लाभकारी समय : 27 फरवरी से 22 मई /18 जून से वर्षांत तक थोड़ी समस्याओं सहित |

समस्याओं का समय: (क) शनि 6 जून से वक्री चलेंगे व् वक्र गति से चलते हुए  वापिस मकर राशि  में  12-7-2022 से 23-10-2022 तक वक्री  होने पर जॉब कार्य व्यापर में  समस्याएँ व् रुकावटें होंगी  | ससपेंड आदि होने से बचें | वाहन खराबी व् दुर्घटना  आदि सम्बन्धी समस्या सम्भव है | (ख) गुरु बृहस्पति आपकी कुंडली में ग्याहरवें घर में   29 जुलाई से 23  नवम्बर तक मीन राशि में वक्री चलकर पेट की खराबी व् सन्तान को कष्ट आदि से सकते हैं  |  (ग) मंगल 30 अक्तूबर से मिथुन में वक्री होकर वापिस 13 नवम्बर को वृष में 13 जनवरी 2023 तक वक्री रहकर चोट, दुर्घटना, बी पी, होमोग्लोबिन व् रक्त विकार आदि समस्या देगा | दवाओं व् अस्पताल के खर्चे होंगे | क्रोध पर काबू रखें, भाई-जीजा-साला-कज़िन आदि से लड़ाई झगड़े से बचें | शुगर व् प्राइवेट पार्ट्स सम्बन्धी स्वास्थ्य समस्या बढ़ सकती है |  

जन्म से ही :  यदि  शुक्र वक्री या नीच शुक्र-6 या शुक्र अस्त हो,  तथा (1) शनि-1 मेष में नीच तथा गुरु-10 मकर में नीच अथवा (2) जन्म  से ही  शनि/गुरु बृहस्पति-या दोनों   वक्री/ अस्त होने से आपको गुरु-शनि-मंगल के वक्र काल में  स्वास्थ्य समस्या हो सकती है, बचाव करें |

 

          आप शुक्र, गुरु व् शनि के उपाय करें  | 

           

मिथुन लगन/राशि Gemini :(आपके प्रसिद्ध नाम का पहला अक्षर:क,की,कु,,,,के,को,ह) (शुभ अंक 5, आपकी राशी का स्वामी ग्रह  बुध )

शनि का ढाई वर्ष का ढईया  : 30 अप्रैल 2022 को  आप पर शनि का ढईया समाप्त हो जायेगा | परन्तु, 12 जुलाई को शनि वक्री चलता हुआ फिर मकर राशी में आकर 16 जनवरी 2023 तक फिर ढईया बनाएगा | 23 अक्तूबर से शनि मार्गी होने पर यह ढईया लाभकारी होगा  |

आपकी प्रसिद्ध नाम कुंडली में  :   आपकी राशि का स्वामी बुध आपको कुशल व्यवहारिक व् काम-निकलने वाला गुण दिए रखता है | मिथुन-लग्न कुंडली अनुसार,  21 नवम्बर से गुरु भाग्य स्थान पर आकर शुभ फल देने लगा है | 

          मिथुन-लग्न कुंडली अनुसार,  गुरु  बृहस्पति  गुरु 13 अप्रैल 2022  से 20 अप्रैल 2023 तक अपनी ही राशी मीन में कार्य-जॉब के स्थान पर जाकर  व् शनि 29 अप्रैल 2022 से 29 मार्च 2025 तक कुम्भ राशि में आपके भाग्य जगाने भाग्य स्थान पर  जाकर आप के कार्य, व्यापार, आय व् लाभ में वृद्धि करेंगे | अधिक धन लाभ, प्रमोशन, सुख, मनचाहा पद आदि भी प्राप्त होंगे | अच्छी  प्रगति, तरक्की व् समृद्धि होगी | आपको असीम सफलताएँ, प्रॉपर्टी,  कार्य व्यापार लाभ आदि मिलेंगे |  आप   अपनी पसंद के नये कार्य, जॉब व् व्यापार आदि में सफल होंगे या प्रमोशन पाएंगे  | नया व्यापार करने या व्यापार बढ़ाने की शुरुआत ठीक रहेगी | पारिवारिक सुख व्  सन्तान सुख अच्छा होगा  | नया घर, वाहन, विवाह, सन्तान व् प्रॉपर्टी आदि के  योग बनेंगे, लाभ उठायें  |  

श्रेष्ट व् लाभकारी समय : 27 फरवरी से 15 मार्च /8अप्रैल से 9 मई/3  जून  से 1 जुलाई/2 से 16 जुलाई/21 अगस्त  से 9 सितम्बर, 2 अक्तूबर से 25 अक्तूबर/3 से 27  दिसम्बर तक |

समस्याओं का समय: (क) शनि 6 जून से वक्री चलेंगे व् वक्र गति से चलते हुए  वापिस मकर राशि  में  12-7-2022 से 23-10-2022 तक वक्री  होने पर जॉब कार्य व्यापर में  धन की कमी व् थोड़ी अन्य समस्याएँ दे सकता है  | पेट खराबी बनेगी  | (ख) गुरु बृहस्पति आपकी कुंडली में दसवें  घर में   29 जुलाई से 23  नवम्बर तक मीन राशि में वक्री चलकर  जॉब में समस्याएँ,  वाहन खराबी व् दुर्घटना  आदि सम्बन्धी समस्या देगा |  (ग) मंगल 30 अक्तूबर से मिथुन में वक्री होकर वापिस 13 नवम्बर को वृष में 13 जनवरी 2023 तक वक्री रहकर चोट, दुर्घटना, बी पी, होमोग्लोबिन व् रक्त सम्बन्धी समस्या देगा, बचाव करें | दवाओं व् अस्पताल के खर्चे होंगे | क्रोध पर काबू रखें, भाई-जीजा-साला-कज़िन आदि से लड़ाई झगड़े से बचें | पेट सम्बन्धी रोग, शुगर व् प्राइवेट पार्ट्स सम्बन्धी स्वास्थ्य समस्या बढ़ सकती है | 

          आपकी नाम  राशि का स्वामी  बुध हर वर्ष तीन बार 24-24 दिन के लिए वक्री चलता है व् उस समय आपको हानि कर बैठता है |

जन्म से ही : यदि बुध वक्री हो या मीन राशि में नीच हो,  शनि वक्री हो या  शनि-1 मेष में नीच हो तथा गुरु-10 मकर में नीच हो  तो  धन हानि व् कष्ट आदि अधिक  होते हैं  |

           बुध, गुरु व् शनि के उपाय करने पर  आप को विशेष सफलता मिलेगी  | 

 

कर्क लगन/राशि -Cancer:  (आपके प्रसिद्ध नाम का पहला अक्षर : हि,हु,हे,हो,डा,डी,डू,डे,डो): (शुभ अंक 2, आपकी राशी का स्वामी ग्रह चन्द्र )

शनि का ढाई वर्ष का ढईया  : 30 अप्रैल 2022 से 29 मार्च 2025 तक  आप पर शनि का ढईया शुरू हो जायेगा | रजतपाद  होने से प्रगति, समृद्धि, सुख सम्पदा लाभ, शुभ मंगल उत्सव हों व् जॉब कार्य आदि में सम्मान प्राप्त हो |

आपकी प्रसिद्ध नाम कुंडली में  :   कर्क-लग्न कुंडली अनुसार,  गुरु  बृहस्पति  गुरु 13 अप्रैल 2022  से 20 अप्रैल 2023 तक अपनी ही राशी मीन में आपके भाग्य स्थान पर अपने ही घर जाकर आपके भाग्य को जगायेगा व् शुभ लाभ आदि प्रदान करेगा | घर, वाहन, विवाह, पारिवारिक व् सन्तान सुख में वृद्धि करेगा | प्रॉपर्टी व्  सन्तान योग बनेगा तथा समृद्धि होती जाएगी |

          शनि 29 अप्रैल 2022 से 29 मार्च 2025 तक आठवें घर कुम्भ राशि में  जाकर आप को विदेश की सैर कराना चाहेगा | विदेश से लाभ, शिक्षा, ट्रेनिंग  व् कार्य-आय भी सम्भव होगी | कार्य, व्यापार, आय व् लाभ सामान्य रहेंगे | आप भविष्य के लिए धन कहीं इन्वेस्ट करेंगे व् इसलिए इस अवधि में धन की कुछ कमी रह सकती है |

श्रेष्ट व् लाभकारी समय : (क) शुक्ल पक्ष (ख) शुक्ल पक्ष पंचमी से कृष्ण पक्ष दसवीं तक (ग) विशेषकर जब चन्द्रमा आपकी राशि पर हो या सामने हो (पंचांग/कैलेंडर/समाचार पत्र/गूगल से पता लग जायेगा  |

समस्याओं का समय: (क) शनि 6 जून से वक्री चलेंगे व् वक्र गति से चलते हुए  वापिस मकर राशि  में  12-7-2022 से 23-10-2022 तक वक्री  होने पर जॉब कार्य व्यापर में  धन की कमी व् थोड़ी अन्य समस्याएँ दे सकता है  | पेट खराबी चलती रहेगी  | (ख) गुरु बृहस्पति 29 जुलाई से 23  नवम्बर तक मीन राशि में वक्री चलकर  कार्यों में रुकावटें  आदि देगा | जॉब में समस्याएँ व्  वाहन खराबी  आदि समस्या बन सकती हैं |  (ग) मंगल 30 अक्तूबर से मिथुन में वक्री होकर वापिस 13 नवम्बर को वृष में 13 जनवरी 2023 तक वक्री रहकर चोट, दुर्घटना, बी पी, होमोग्लोबिन, रक्त सम्बन्धी व् पेट सम्बन्धी समस्याएँ देगा, बचाव करें | दवाओं व् अस्पताल के खर्चे होंगे | क्रोध पर काबू रखें, भाई-जीजा-साला-कज़िन आदि से लड़ाई झगड़े से बचें | बुखार व् इन्फेक्शन आदि से बचें |

 जन्म से ही : यदि चन्द्र अस्त-अमावस का/चन्द्र वृश्चिक राशि में नीच हो – कुंडली में मंगल कमजोर/मंगल नीच-4  हो,  शनि वक्री हो या  शनि-1 मेष में नीच हो तथा गुरु-10 मकर में नीच हो  तो  गुरु शनि के वक्र काल में कष्ट व् समस्याएँ अधिक मिलेंगी| आप महामृत्युंजय जाप हर वर्ष कराएं |    

           चन्द्र, गुरु व् शनि के उपाय करें |   

 

सिंह लगन/राशि   Leo:  (आपके प्रसिद्ध नाम का पहला अक्षर:मा,मी,मू,में,मो,टा,टी,टू,टे) : (शुभ अंक 1, आपकी राशी का स्वामी ग्रह  सूर्य )

आपकी प्रसिद्ध नाम कुंडली में  :   आपकी नाम  राशि का स्वामी   सूर्य है  | आप शक्तिशाली, दम्भी व् शीघ्र क्रोधी भी हैं |  

सिंह-लग्न कुंडली अनुसार, अभी  गुरु बृहस्पति  केंद्र में सातवें घर में आपको सुख समृद्धि कार्य व्यापर धन लाभ आदि बढ़ा कर दे रहा है |   गुरु  बृहस्पति  13 अप्रैल 2022  से 20 अप्रैल 2023 तक अपनी ही राशि  मीन में आठवें घर जाकर धार्मिक  यात्राएँ/विदेश यात्राएँ  कराएगा |

           शनि 29 अप्रैल 2022 से 29 मार्च 2025 तक कुम्भ राशि में कुंडली में सातवें घर आकर चहुँ ओर से सब सुख सुविधाएँ प्रमोशन आदि प्रदान करेगा | पिछले 3 वर्षों के कष्ट समाप्त होते नजर आयेंगे |  कार्य, व्यापार, आय व् लाभ में अप्रत्याशित वृद्धि होगी  | अधिक धन लाभ, प्रमोशन, सुख, विवाह, मनचाहा पद आदि सब कुछ  प्राप्त होंगे | अच्छी  प्रगति, तरक्की व् समृद्धि होगी | आपको असीम सफलताएँ, नए प्रोजेक्ट,  कार्य व्यापार लाभ आदि बढ़ते मिलेंगे |  आप   अपनी पसंद के नये कार्य, जॉब व् व्यापार आदि में सफल होंगे या प्रमोशन पाएंगे  | नया व्यापार करने या व्यापार बढ़ाने की शुरुआत ठीक रहेगी, नीलम व् पन्ना पहन कर  |  नया घर, वाहन व्  विवाह अफेयर्स  के  योग बनेंगे |  

श्रेष्ट व् लाभकारी समय : 17  अप्रैल से 16 मई/ 17 जुलाई से 16 अगस्त/17 अगस्त से 16 सितम्बर / 17 दिसम्बर से 16 मार्च |

समस्याओं का समय: (क) शनि 6 जून से वक्री चलेंगे व् वक्र गति से चलते हुए  वापिस मकर राशि  में  12-7-2022 से 23-10-2022 तक वक्री  होने पर जॉब कार्य व्यापर में  धन की कमी व् थोड़ी अन्य समस्याएँ दे सकता है  | स्वास्थ्य समस्या फिर शुरू होगी | शुगर, प्राइवेट पार्ट्स समस्या आदि का इलाज करवाना पड़ेगा | (ख) गुरु बृहस्पति आपकी कुंडली में आठवें   घर में   29 जुलाई से 23  नवम्बर तक मीन राशि में वक्री चलकर चोट, दुर्घटना, पेट खराबी, आय में कमी, वाहन खराबी आदि सम्बन्धी समस्याएँ देगा |  (ग) मंगल 30 अक्तूबर से मिथुन में वक्री होकर वापिस 13 नवम्बर को वृष में 13 जनवरी 2023 तक वक्री रहकर पेट खराबी, फ़ूड पाइप समस्या,  रक्त सम्बन्धी समस्या, जॉब में डीमोशन व् समस्याएँ आदि,  बचाव करें | दवाओं व् अस्पताल के खर्चे होंगे | क्रोध पर काबू रखें, भाई-जीजा-साला-कज़िन आदि से लड़ाई झगड़े से बचें | पेट सम्बन्धी रोग, शुगर व् मुंह सम्बन्धी स्वास्थ्य समस्या  आ सकती है | 

          सूर्य, शुक्र, मंगल, गुरु व् शनि के उपाय करने से लाभ रहेगा व् बचाव होगा   |

 

कन्या लगन/राशि   Virgo:   (आपके प्रसिद्ध नाम का पहला अक्षर:टो,पा,पी,पू,,,,पे,पो) : (शुभ अंक 5, आपकी राशी का स्वामी ग्रह  बुध )

आपकी प्रसिद्ध नाम कुंडली में  :   आपकी नाम  राशि का स्वामी   बुध है  |  बुध हर वर्ष तीन बार 24-24-24  दिन के लिए वक्री चलता है | आप  तेज बुद्धिमान, गम्भीर, शांत व् हास्य रस से भरपूर हैं | आप समय स्थिति व्यक्ति को देखकर तुरंत चाल बदल देते हैं व् आपना लाभ देखते हुए कार्य करते हैं | कार्य जॉब व्यापार स्थान पर आप की ही राशि  मिथुन होने से आप इन सबमें सकुशलता से कार्य कर लेते  हैं व् कार्य निकाल  लेते  हैं |

          कन्या-लग्न कुंडली अनुसार, अभी  गुरु बृहस्पति  छ्टे  घर में (बुध के घर – बीमारी कष्ट चोट आदि के घर में) आकर शांत बैठा है | बुध+गुरु सम्बन्धी शुभ कार्यों को पूर्ण करवा रहा है व् शुभ खर्चे करवा रहा है | गुरु  बृहस्पति 13 अप्रैल 2022  से 20 अप्रैल 2023 तक अपनी ही राशि  मीन में कुंडली में केंद्र में सातवें  घर जाकर आपको मनचाही सफलताएँ देने लगेगा | जॉब कार्य में प्रमोशन के अच्छे योग बनेंगे व् थोड़ी रुकावट के बाद प्रमोशन आदि हो जाएगी | व्यापार अच्छा होगा | विवाह योग, विवाह सुख आदि बढ़ेंगे | प्रसिद्धि व् मान सम्मान बढ़ेंगे |

           शनि 29 अप्रैल 2022 से 29 मार्च 2025 तक कुम्भ राशि में कुंडली में छ्टे घर (बुध के घर–बीमारी कष्ट चोट आदि के घर में) आकर अनावश्यक बीमारी आदि देगा | मन चंचल व् उदास भी होगा | अनावश्यक घबराहट बनेगी | मित्रों  बहनों रिश्तेदारों से थोड़ी अनबन शुरू होगी | मित्र शत्रु भी बनेंगे व् धोखा भी देंगे | लैपटॉप मोबाइल खराब भी होंगे, चोरी भी होंगे | धोखे से धन उड़ा लिया जा सकता है | ट्रेडिंग व् शेयर मार्किट में ध्यान से कार्य करें, अचानक ही लाभ के साथ अचानक ही बड़ा घाटा सम्भव |वाहन खराबी व् दुर्घटना होगी |   अफेयर्स/एक्स्ट्रा मैरिटल अफेयर्स से बचें | नीलम व् पन्ना पहन कर बचाव सम्भव होगा |   

श्रेष्ट व् लाभकारी समय : 27 फरवरी से 15 मार्च /25 अप्रैल से 9 मई/3  जून  से 31 जुलाई/21 अगस्त  से 9 सितम्बर, 2 अक्तूबर से 25 अक्तूबर/13 नवम्बर से वर्षांत तक  |

समस्याओं का समय: (क) शनि 6 जून से वक्री चलेंगे व् वक्र गति से चलते हुए  वापिस मकर राशि  में  12-7-2022 से 23-10-2022 तक वक्री  होने पर पेट खराबी, जॉब कार्य व्यापर में  बड़ी हानि, जॉब चले जाना आदि समस्याएँ  होंगी | स्वास्थ्य समस्या  बनी रहेगी | (ख) गुरु बृहस्पति आपकी कुंडली में सातवें घर में   29 जुलाई से 23  नवम्बर तक मीन राशि में वक्री चलकर पति/पत्नी का स्वास्थ्य व् सम्बन्ध खराब करेगा |  संतान की चिंता व् कष्ट व् कार्य-व्यापार, जॉब,आय व् लाभ  में कमी करेगा |  (ग) मंगल 30 अक्तूबर से मिथुन में वक्री होकर वापिस 13 नवम्बर को वृष में 13 जनवरी 2023 तक वक्री  सिर/चेहरे पर चोट, लड़ाई झगड़ा, शुगर व् या रक्त सम्बन्धी समस्या आदि करेगा | दवाओं व् अस्पताल के खर्चे होंगे | पुलिस केस आदि सम्भव होगा | क्रोध पर काबू रखें, भाई-जीजा-साला-कज़िन आदि से लड़ाई झगड़े से बचें |

जन्म से ही : (क)यदि बुध नीच राशि  मीन का हो या वक्री हो, (ख)शनि वक्री हो या  शनि-1 मेष में नीच हो तथा (ग)गुरु-10 मकर में नीच हो या वक्री हो  (घ) मंगल नीच  कर्क का या वक्री हो    तो यह वक्र काल थोड़ा कष्टकारक  होगा |    

            बुध, गुरु, मंगल  व् शनि के उपाय करें  |

 

 तुला लगन/राशि  Libra : (आपके प्रसिद्ध नाम का पहला अक्षर :रा,री,रु,रे,रो,ता,ती,तू,ते ) : (शुभ अंक 6, आपकी राशी का स्वामी ग्रह  शुक्र )

शनि का ढाई वर्ष का ढईया  : 30 अप्रैल 2022 को  आप पर शनि का ढईया समाप्त हो जायेगा | परन्तु, 12 जुलाई को शनि वक्री चलता हुआ फिर मकर राशी में आकर 16 जनवरी 2023 तक फिर ढईया बनाएगा | 23 अक्तूबर से शनि मार्गी होने पर यह ढईया आपके लिए 16 जनवरी 2023 तक लाभकारी होगा  |

आपकी प्रसिद्ध नाम कुंडली में  :   आपकी नाम  राशि का स्वामी शुक्र  है  | शनि आप की राशि के स्वामी शुक्र का मित्र है  |  आप स्वाभिमानी, अपनी प्रशंसा व्  प्रसिद्धी पसंद करते हैं |  

          तुला-लग्न कुंडली अनुसार, अभी  गुरु बृहस्पति  अपने व् सूर्य के घर-पांचवें घर में आकर सर्व सुख बनाये हुए है | आय वृद्धि, प्रमोशन, वैवाहिक सुख, सन्तान योग आदि गुरु बृहस्पति  दे रहे हैं |

           गुरु  बृहस्पति 13 अप्रैल 2022  से 20 अप्रैल 2023 तक अपनी ही राशि  मीन में छ्टे  घर में (बुध के घर – बीमारी कष्ट चोट आदि के घर में) जाकर थोड़ी स्वास्थ्य समस्याएँ दे सकता है |  तब भी, बुध अच्छा होने पर आपको प्रमोशन लाभ मिलेगा  व् यात्रायें /धार्मिक यात्राएँ आदि अधिक होंगी | जौंडिस, थाइरोइड आदि से बचाव करें |

           शनि 29 अप्रैल 2022 से 29 मार्च 2025 तक कुम्भ राशि में कुंडली में पांचवें घर आकर विदेश यात्रा, शिक्षा में थोड़ी समस्या परन्तु इंग्लिश व् या लॉ  की शिक्षा में श्रेष्टता देगा | पेट सम्बन्धी समस्याएँ व् पिता को कष्ट सम्भव हैं |

श्रेष्ट व् लाभकारी समय : 27 फरवरी से 26 अप्रैल/23 मई से 17 जून/ 7 अगस्त से  23 सितम्बर /18 अक्तूबर से वर्षांत तक |

समस्याओं का समय: (क) शनि 6 जून से वक्री चलेंगे व् वक्र गति से चलते हुए  वापिस मकर राशि  में  12-7-2022 से 23-10-2022 तक वक्री  होने पर पेट, चेस्ट सम्बन्धी रोग, जॉब कार्य व्यापर में धन  हानि, जॉब चले जाना, पति/पत्नी में मनमुटाव या अलग रहना/होना आदि सम्भव है | (ख) गुरु बृहस्पति आपकी कुंडली में छ्टे घर में  29 जुलाई से 23  नवम्बर तक मीन राशि में वक्री चलकर सांस, थाइरोइड, किडनी व् लीवर जौंडिस आदि समस्याएँ इस अवधि में दे सकता है | कार्य-व्यापार, जॉब,आय व् लाभ  में कमी करेगा तथा अनावश्यक खर्चे बढ़ेंगे |  (ग) मंगल 30 अक्तूबर से मिथुन में वक्री होकर वापिस 13 नवम्बर को वृष में 13 जनवरी 2023 तक वक्री  होकर भाग्य में रुकावट करेगा | छोटे भाई व् बहनों को कष्ट, पेट खराब आदि शुगर व् रक्त सम्बन्धी  समस्याएँ देगा  | दवाओं व् अस्पताल के खर्चे होंगे | पुलिस केस आदि सम्भव होगा | क्रोध पर काबू रखें, भाई-जीजा-साला-कज़िन आदि से लड़ाई झगड़े से बचें |

जन्म से ही : (क)यदि शुक्र  नीच राशि कन्या का हो या वक्री हो, (ख) शनि वक्री हो या  शनि-1 मेष में नीच हो तथा (ग)गुरु-10 मकर में नीच हो या वक्री हो  (घ) मंगल नीच  कर्क का या वक्री हो    तो इनके  वक्र काल  में  कष्ट अधिक होंगे | 

            शुक्र, बुध, गुरु, मंगल  व् शनि के उपाय करें  |

 

वृश्चिक लगन / राशि Scorpio(आपके प्रसिद्ध नाम का पहला अक्षर : तो, ना, नी, नू, ने, नो, या,यी,यू) ( शुभ  अंक 9, आपकी राशी का स्वामी ग्रह  मंगल )

आपकी नाम  राशि का स्वामी मंगल है जो आपको हर समय आत्म विश्वासी, मजबूत मनोबल व् शारीरिक ताकत वाला व्यक्ति बनाये रखता है |

आपकी प्रसिद्ध नाम कुंडली में  :   आपकी नाम  राशि का स्वामी मंगल अभी दूसरे घर में धन जोड़ने का समय दे रहा है | 26 फरवरी से 25 जून तक प्रॉपर्टी सम्बन्धी कार्य निबटाएगा |  भाई बहनों से रिश्ते अच्छे बनेंगे, प्रॉपर्टी, सरकारी कार्यों में सफलता, जॉब, आय, प्रमोशन आदि में लाभकारी रहेगा |

          गुरु  बृहस्पति  12 अप्रैल तक  चौथे घर में सुख सुविधाओं, वाहन, घर की रेनोवेशन या नया घर आदि सब कुछ देगा यदि जन्म से गुरु व् चन्द्र अच्छे  हैं | गुरु 13 अप्रैल 2022  से 20 अप्रैल 2023 तक पांचवें  घर जाकर  प्रमोशन, वैवाहिक सुख, सन्तान सुख, पुत्र योग  व् आय वृद्धि आदि देगा | 

          शनि अभी तीसरे घर से 3 वर्षों से घबराहट देता हुआ, अब हट जायेगा | शनि  29 अप्रैल 2022 से 29 मार्च 2025 तक कुम्भ राशि में चौथे घर आकर चन्द्र अच्छा होने पर सुखद शैया सुख देगा | अफेयर्स रहे हैं तो विवाह यो शुरू |   जॉब, कारोबार व्यापार पर भी शनि की नजर रहेगी | जन्म से शनि मार्गी व् सही है तो पूर्ण लाभ मिलेंगे | यदि शनि जन्म से वक्री  व्  मेष राशि का (नीच) है तो पति/पत्नी का स्वास्थ्य ढीला या अलगाव या डाइवोर्स ...आदि सम्भव है | 

श्रेष्ट व् लाभकारी समय : 16 जनवरी से 29 अक्तूबर तक |

समस्याओं का समय: (क) शनि 6 जून से वक्री चलेंगे व् वक्र गति से चलते हुए  वापिस मकर राशि  में  12-7-2022 से 23-10-2022 तक वक्री  होने पर उपरोक्त समस्याएँ बढ़ाएंगे व् घबराहट बढ़ाकर स्वास्थ्य समस्या खड़ी कर देंगे |  (ख) गुरु बृहस्पति पाचवें  घर में   29 जुलाई से 23  नवम्बर तक मीन राशि में वक्री चलेंगे जिससे पेट, लीवर, किडनी, माहवारी आदि की समस्या करे सकत हैं, सन्तान/पुत्र को कष्ट आदि दे सकते हैं | (ग) आपकी राशि का  स्वामी मंगल 30 अक्तूबर से मिथुन में वक्री होकर वापिस 13 नवम्बर को वृष में 13 जनवरी 2023 तक वक्री रहकर पेट खराब, बी पी समस्या, दुर्घटना चोट , स्वास्थ्य, प्रॉपर्टी आदि से सम्बन्धित समस्या देगा |  जमा धन भी  खर्च करा देगा  | अपने  क्रोध पर काबू रखें, भाई-जीजा-साला-कज़िन आदि से लड़ाई झगड़े से बचें |

 जन्म से ही :  (1) शनि-1 मेष में नीच तथा गुरु-10 मकर में नीच अथवा (2) जन्म  से ही  शनि/गुरु बृहस्पति-या दोनों   वक्री/ अस्त होने (3) जन्म से मंगल वक्री या नीच होने पर कष्ट आदि वक्र काल में अधिक होंगे  

          आप मंगल, गुरु व् शनि के उपाय करें  | 

 

धनु लगन/राशि  Sagitarious:  (आपके प्रसिद्ध नाम का पहला अक्षर :ये, यो, भा,भी,भू,धा,,,भे)    (शुभ अंक  3, आपकी राशी का स्वामी ग्रह गुरु बृहस्पति )

आपकी नाम  राशि का स्वामी गुरु बृहस्पति है  |यदि जन्म से बृहस्पति वक्री या नीच (मकर में) नहीं है तो आप धार्मिक दयावान ज्ञानवान व् परोपकारी व्यक्ति हैं |  

उतरती शनि  साढ़ेसाती:  आपकी राशी से शनि साढ़ेसाती 28 अप्रैल 2022 को समाप्त हो जाएगी |

आपकी प्रसिद्ध नाम कुंडली में  :   आपकी नाम  राशि का स्वामी गुरु अभी तीसरे  घर में 12 अप्रैल तक  आपका निवास घर मकान बना रहा है व् आने वाले समय में आपको घर आदि की सुविधाएँ देने जा रहा है | आप घर बड़ा करेंगे घर की रेनोवेशन कर रहे हैं  या बड़ा घर खरीदेंगे तथा वाहन नया लेंगे, तैयारी कर लें  | मंगल व् शनि भी आपको इस विषय में सहयोग देंगे |   भाई बहनों से रिश्ते अच्छे बनेंगे |  

          गुरु  बृहस्पति  13 अप्रैल 2022  से 20 अप्रैल 2023 तक चन्द्र के  घर में (यदि जन्म से गुरु व् चन्द्र अच्छे  हैं ) सुख सुविधाओं, वाहन या नया घर आदि सब कुछ देगा |  यहाँ गुरु   जॉब, आय, आदि में प्रमोशन, शैया सुख, वैवाहिक सुख,  आय वृद्धि, आदि देगा | प्रॉपर्टी, व् सरकारी कार्यों में सफलता तथा अधिक लाभ देगा  | 

          शनि  29 अप्रैल 2022 से 29 मार्च 2025 तक कुम्भ राशि में तीसरे घर आकर मनोबल मजबूत करेगा | शनि या बुध या मंगल वक्री के समय घबराहट आदि हो तो इलाज कराएँ  |भाई बहनों से मनमुटाव सम्भव है, शांति से समस्याएँ सुलझाएं |  अफेयर्स का भी मन होगा  |   जॉब, कारोबार व्यापार में  शनि लाभ देगा यदि जन्म से नीच या वक्री नहीं |

श्रेष्ट व् लाभकारी समय : 21 नवम्बर 2022 से निरंतर/ 13 अप्रैल से 28 जुलाई/ 24 नवम्बर से 20 अप्रैल 2023 तक |

समस्याओं का समय: क) शनि 6 जून से वक्री चलेंगे व् वक्र गति से चलते हुए  वापिस मकर राशि  में  12-7-2022 से 23-10-2022 तक वक्री  होने पर  अनावश्यक घबराहट बढ़ाकर स्वास्थ्य समस्या व् अनावश्यक खर्चा दे सकते हैं |   (ख) गुरु बृहस्पति चौथे  घर में   29 जुलाई से 23  नवम्बर तक मीन राशि में वक्री चलेंगे पति/पत्नी/प्रेयसी से मनमुटाव व् गम्भीर समस्या सम्भव | वाहन खराबी दुर्घटना से बचाव करें | (ग) मंगल 30 अक्तूबर से मिथुन में वक्री होकर वापिस 13 नवम्बर को वृष में 13 जनवरी 2023 तक वक्री रहकर पति/पत्नी का स्वास्थ्य खराब करे, व्यापार में हानि व् जॉब में परेशानी |  प्रॉपर्टी सम्बन्धित झगड़ा होगा ही | अपने  क्रोध पर काबू रखें, भाई-जीजा-साला-कज़िन आदि से लड़ाई झगड़े से बचें |

 जन्म से ही :  (1) शनि-1 मेष में नीच तथा गुरु-10 मकर में नीच अथवा (2) जन्म  से ही  शनि/गुरु बृहस्पति-या दोनों   वक्री/ अस्त  हों तो वक्र काल में अधिक कष्ट सम्भव हैं  

          आप मंगल, गुरु, चन्द्र  व् शनि के उपाय करें  |  श्री लक्ष्मी नारायण व् शनि  की पूजा  दान-उपाय  आदि अति आवश्यक हैं 

 मकर लगन/राशि  Capricorn: (आपके प्रसिद्ध नाम का पहला अक्षर : भो,,जा,जी,जे,जो,खा,खी,खु,खे,खो,गा,गी ) :   (शुभ अंक 8, आपकी राशी का स्वामी ग्रह  शनि )

आपकी प्रसिद्ध नाम कुंडली में  :   आपकी नाम  राशि के  स्वामी शनिदेव हैं  |   यदि जन्म से  शनि वक्री या नीच (मेष में) नहीं है तो आप अत्यंत  मेहनती, सेल्फ-मेड, तार्किक, दयावान, धार्मिक व् परोपकारी व्यक्ति हैं |

 अभी शनि  साढ़ेसाती-द्वितीय चरण : 24 जनवरी 2020 से 28  अप्रैल 2022 तक |

ज्योतिष-नियम अनुसार साढ़ेसाती का  यह चरण कष्टकारी चल रहा है |  28  अप्रैल 2022 तक  अभी शनि  मार्गी  चल रहा है  जो  अब  आपको मान सम्मान, मनोबल, आत्म विश्वास, अधिक शक्तियाँ,  पदोन्नति व् सुख सुविधाएँ प्रदान कर रहा है  |  

          गुरु  बृहस्पति  13 अप्रैल 2022  तक दूसरे घर में रहकर परिवार से मिलन,  विवाह, सुख सन्तान आदि का लाभ देंगे |   तत्पश्चात गुरु   13 अप्रैल 2022  से 20 अप्रैल 2023 तक तीसरे घर आकर  अपनी ही राशि मीन में आकर  आपका मनोबल बढ़ाएंगे |  आप नई योजनायें बनायेंगे व् शुरू भी करेंगे | घर/नया घर या नये वाहन का विचार बनेगा | सुख सुविधाओं में वृद्धि होगी |     जॉब, आय, आदि में प्रमोशन व् आय वृद्धि  आदि देगा | प्रॉपर्टी, व् सरकारी कार्यों में सफलता  मिलेगी |   

उतरती शनि  साढ़ेसाती-तृतीय  चरण : 29 अप्रैल 2022 से 29 मार्च 2025 तक

उतरती साढ़ेसाती में, शनि  कुम्भ राशि में दूसरे घर आकर धन वृद्धि, लाभ वृद्धि, विदेश  यात्रा, विदेश में जॉब, विदेश से धन लाभ,  जॉब, जॉब में प्रमोशन,  कारोबार व्यापार में मनचाहा लाभ  देगा (यदि शनि जन्म से नीच या वक्री नहीं | तब भी, आप 6-7 रत्ती सिलोनी नीलम पहनें, शनिदेव से सम्पूर्ण लाभ प्राप्त करें |

श्रेष्ट व् लाभकारी समय : अभी से /29  अप्रैल से  5 जून /26 अक्तूबर से मई 2023 तक |

समस्याओं का समय: (क) शनि 6 जून से वक्री चलेंगे व् वक्र गति से चलते हुए  वापिस मकर राशि  में  12-7-2022 से 23-10-2022 तक वक्री  होने पर  अनावश्यक खर्चा व् स्वास्थ्य समस्या दे सकते हैं | चोट दुर्घटना से बचाव करे | दूसरा घर आठवें (मृत्यु के) घर को भी देखता है, इसलिए शनि के उपाय अवश्य करें |   (ख) गुरु बृहस्पति चौथे  घर में   29 जुलाई से 23  नवम्बर तक मीन राशि में वक्री  होने से आप अपने कार्यों में विचलित होकर पीछे हटेंगे | भाई बहनों से उदासी व्यवहार होगा | वाहन –स्टीयरिंग ध्यान से चलायें | (ग) मंगल 30 अक्तूबर से मिथुन में वक्री होकर वापिस 13 नवम्बर को वृष में 13 जनवरी 2023 तक वक्री रहकर स्वास्थ्य समस्या देगा  | रिश्तेदारों से ना बिगाड़ें |  अपने  क्रोध पर काबू रखें, भाई-जीजा-साला-कज़िन आदि से लड़ाई झगड़े से बचें |

 जन्म से ही :  (1) शनि-1 मेष में नीच तथा गुरु-10 मकर में नीच अथवा (2) जन्म  से ही  शनि/गुरु बृहस्पति-या दोनों   वक्री/ अस्त  हों तो वक्र काल में अधिक कष्ट सम्भव हैं  

          आप गुरु, मंगल  व् शनि के उपाय करें  | 

 

 कुम्भ लगन/राशि Aquarious: (आपके प्रसिद्ध नाम का पहला अक्षर:गु,गे,गो,सा,सी,सु,से,सो,दा   (शुभ अंक 8, आपकी राशी का स्वामी ग्रह  शनि )

शनि  साढ़ेसाती: ज्योतिष नियम अनुसार आप पर शनि  साढ़ेसाती का प्रथम चरण (24 जनवरी 2020 से 28  अप्रैल 2022 तक) कष्टकारी, दूसरा चरण  (अप्रैल 2022 से मार्च 2025 तक) लाभकारी व् तीसरा चरण (मार्च 2025 से फरवरी 2028 तक) फिर कष्टकारी होगा | तब भी,  जन्म कुंडली देखकर साढ़ेसाती प्रभाव में बदलाव देखने को मिलते हैं | 

आपकी प्रसिद्ध नाम कुंडली में  :   आपकी नाम  राशि के  स्वामी शनिदेव हैं  | शनि अपनी कुम्भ राशि पर बहुत प्रसन्न होते हैं व् अपनी कृपा से कुम्भ भरते रहते हैं (यदि जन्म से शनि नीच या वक्री नहीं) |  

शनि  साढ़ेसाती: प्रथम चरण : 28  अप्रैल 2022 तक पहला  चरण कष्टकारी है | तब भी, गुरु बृहस्पति व् सूर्य आदि आपको लाभ दे रहे हैं | अभी, शनि मार्गी है, शांत है इसलिए अभी कष्ट आदि भी नगण्य हैं |

शनि  साढ़ेसाती:  दूसरा  चरण : 29  अप्रैल 2022 से 29 मार्च 2025 तक :

शनि  लग्न में आकर  अधिक ताकतवर, आत्म विश्वासी, मज़बूत मनोबल वाला बनाएगा |  आपको पूर्ण मान सम्मान, अधिक शक्तियाँ,  पदोन्नति, उच्च पद, समाज में प्रतिष्ठा  व् सुख सुविधाएँ प्रदान करेगा  |   विशेष व् आपेक्षित लाभ के लिए, निडर होकर, चाहें तो आप 6-7 रत्ती सिलोनी नीलम पहनें  |

          अभी भी, गुरु  बृहस्पति  13 अप्रैल 2022  तक प्रथम घर लग्न में सूर्य सहयोग से आपके सारे कार्यों में सफलताएँ दे रहा है | घर पर या घर के आस पास आप पहुँच रहे हैं | विवाह, वाहन,  सुख व् समृद्धि  आदि आपको अब प्राप्त हो रही हैं  |  गुरु  13 अप्रैल 2022  से 20 अप्रैल 2023 तक दूसरे  घर में मीन में आकर आपका धन लाभ  बढ़ाएंगे | घर परिवार से सोहार्द होगा, वृद्धि होगी | नये प्रोजेक्ट्स शुरू करेंगे |  सुख सुविधाओं में वृद्धि होगी | जॉब, आय,व्यापार  आदि में प्रमोशन व् आय वृद्धि  आदि  मिलेगी  | 

श्रेष्ट व् लाभकारी समय : 29  अप्रैल से  5 जून /26 अक्तूबर से मई 2023 तक |

समस्याओं का समय: (क) शनि 6 जून से वक्री चलेंगे व् वक्र गति से चलते हुए  वापिस मकर राशि  में  12-7-2022 से 23-10-2022 तक वक्री  होने पर  दिमाग हिला देंगे | दादा,पिता को कष्ट |  स्वास्थ्य समस्या, अनियंत्रित व्यापार, हानि व् धोखा तथा  अनावश्यक खर्चा आदि सम्भव होगा  |  चोट दुर्घटना से बचाव अवश्य करें  |    (ख) गुरु बृहस्पति चौथे  घर में   29 जुलाई से 23  नवम्बर तक मीन राशि में वक्री  पर पति/पत्नी में कलह-अलगाव करा सकते हैं, परिवार के सदस्य/पुत्र को कष्ट सम्भव  | जमा पूँजी से खर्च या घर/प्लाट बेचकर खर्च निभाना पड़ सकता है | (ग) मंगल 30 अक्तूबर से मिथुन में वक्री होकर वापिस 13 नवम्बर को वृष में 13 जनवरी 2023 तक वक्री रहकर पेट को हिला देगा, स्वास्थ्य समस्या देगा, फ़ूड पाइप समस्या आदि सम्भव   | वाहन खराब हो या आग लग सकती है | वैवाहिक जीवन थोड़ा अस्त व्यस्त सम्भव |  अपने  क्रोध पर काबू रखें, भाई-जीजा-साला-कज़िन आदि से लड़ाई झगड़े से बचें | अकाल मृत्यु से बचाव करें |

 जन्म से ही :  (1) शनि-1 मेष में नीच तथा गुरु-10 मकर में नीच अथवा (2) जन्म  से ही  शनि/गुरु बृहस्पति-या दोनों   वक्री/ अस्त  हों तो वक्र काल में अधिक कष्ट सम्भव हैं  

          आप  चन्द्र, गुरु, मंगल  व् शनि के उपाय करें  |  शिव शक्ति व् शनि  की पूजा दान उपाय आदि से कष्ट दूर होंगे | स्वयम महा मृत्युंजय जाप करें या करवाएं  |

         

मीन लगन/राशि  Pisces:  (आपके प्रसिद्ध नाम का पहला अक्षर :दी,दू,,,दे,दो,चा,चि ) (शुभ अंक 3, आपकी राशी का स्वामी ग्रह  गुरु बृहस्पति )

आपकी प्रसिद्ध नाम कुंडली में  :   आपकी नाम  राशि के  स्वामी गुरु बृहस्पति  हैं  जो आपको धार्मिक, परोपकारी व्  दयावान बनाते हैं यदि जन्म से गुरु नीच (मकर राशी में) या अन्यथा वक्री नहीं हैं | 

 शनि  साढ़ेसाती:   ज्योतिष नियम अनुसार मीन राशी पर शनिदेव तीनों चरणों में कष्टकारी ही रहेंगे | परन्तु, यदि कुंडली में राशि स्वामी गुरु मजबूत है व्  सही घर में है तथा शनि जन्म से वक्री या नीच नहीं है  तो साढ़ेसाती में बहुत से विशेष लाभ सुख आदि मिलते रहेंगे | जन्म कुंडली देखकर ही इस राशि के इन वर्षों में शुभाशुभ प्रभाव निश्चित किये जा सकते हैं |

           आप पर शनि  साढ़ेसाती का प्रथम चरण  29  अप्रैल 2022 से 28  मार्च 2025 तक,  दूसरा चरण 29 मार्च2025 से 23 फरवरी2028 तक व् तीसरा चरण 24 फरवरी 2028 से 8 अगस्त 2029 तक चलेंगे  |

शनि  साढ़ेसाती: प्रथम चरण : 29  अप्रैल 2022 से 29 मार्च 2025 तक

मीन लग्न कुंडली में  इस अवधि में शनि बाहरवें घर आकर खर्चे अधिक बढ़ा देगा | यहाँ से शनि दसवीं दृष्टि से भाग्य स्थान को भी देखेगा व् अवरोध पैदा करेगा | घर इ दूर जानने का समय होगा | विदेश यात्रा भी बनेगी | बायीं आँख में कमी आएगी | शनि जन्म से वक्री हो तो खर्चों की कोई सीमा ही नहीं होगी | यदि गुरु बृहस्पति भी जन्म से वक्री हैं तो अत्यंत कष्टमय समय रहेगा | तब भी, राशी स्वामी गुरु व् अन्य पॉजिटिव ग्रह साथ देंगे, लाभ देंगे |

          अभी, राशी स्वामी गुरु  बृहस्पति  13 अप्रैल 2022  तक बाहरवें घर में शुभ खर्चे करा रहा है | घर से दूर या विदेश यात्रा योग बना हुआ है |  गुरु  13 अप्रैल 2022  से 20 अप्रैल 2023 तक लग्न में  अपनी ही राशि मीन में आकर आपका धन लाभ  बढ़ाएंगे |  आप घर पर या घर के आस पास  पहुँच रहे हैं | विवाह, वाहन,  सुख व् समृद्धि  आदि आपको अब प्राप्त होने वाले  हैं | घर परिवार में नई उर्जा आएगी,  सोहार्द बढ़ेगा | नई  योजनायें बनेगी/मिलेंगी  |  सुख सुविधाओं  आदि में  वृद्धि होगी | संतान योग बनेगा अथवा सन्तान को आप का मार्गदर्शन व् प्यार अधिक मिलेगा |  जॉब, कार्य, व्यापार, आय व् लाभ   आदि में बढ़ोतरी होगी | प्रमोशन भी  मिलेगी  |   

श्रेष्ट व् लाभकारी समय : 13   अप्रैल से  28 जुलाई/24 नवम्बर से 20 अप्रैल 2023 तक |

समस्याओं का समय: (क) शनि 6 जून से वक्री चलेंगे व् वक्र गति से चलते हुए  वापिस मकर राशि  में  12-7-2022 से 23-10-2022 तक वक्री  होने पर  असीमित अनावश्यक  खर्चे, वाहन खराबी, चोट दुर्घटना, स्वास्थ्य, इनकम टैक्स-बैंक आदि से सम्बन्धित समस्याएँ उभरेंगी  |  व्यापार में हानि, मित्र/साथियों द्वारा धोखा, धन हानि, चोरी, लैपटॉप मोबाइल की खराबी व् या चोरी   आदि  सम्भव होंगे  होगा  |  (ख) गुरु बृहस्पति 29 जुलाई से 23  नवम्बर तक मीन राशि में लग्न पर वक्री व् शनि बाहरवें  घर में वक्री होकर मृत्यु-तुल्य कष्ट दे सकते हैं | मानसिक अवस्था हिल सकती है | ॐ नमः शिवाय व् महामृत्युंजय जाप अवश्य करें |  (ग) मंगल 30 अक्तूबर से मिथुन में वक्री होकर वापिस 13 नवम्बर को वृष में 13 जनवरी 2023 तक वक्री रहकर स्वास्थ्य समस्या बढाएगा, अस्पताल के खर्चे कराएगा,पेट-मुंह खराब करेगा | अपने  क्रोध पर काबू रखें, भाई-जीजा-साला-कज़िन आदि से लड़ाई झगड़े से बचें |

 जन्म से ही :  (1) शनि-1 मेष में नीच तथा गुरु-10 मकर में नीच अथवा (2) जन्म  से ही  शनि/गुरु बृहस्पति-या दोनों   वक्री/ अस्त  हों तो वक्र काल में अधिक कष्ट सम्भव हैं  

          आप  गुरु, शनि व् मंगल  के उपाय करें  | 

          ॐ नमः शिवाय व् महामृत्युंजय जाप अवश्य करें | श्री लक्ष्मी नारायण व् शनि  की पूजा  दान-उपाय  आदि अति आवश्यक हैं  | 

  • Ø यदि आप (1) अपनी समस्या व्यक्तिगत रूप से पूछना चाहते हों (2)  आप अपना या अपने  व्यवसाय का मासिक  व्/या वार्षिक फल लिखित में मंगाना चाहते हों (3)  जन्म से सारी उम्र का लिखित फलादेश, विशेष वर्षों में लाभ हानि आदि व् हर स्थिति के लिए उपायों सहित बनवाना चाहते हों  तो आप व्हट्स एप्प 9876042656 पर अपना विवरण (नाम, जन्म की  तारीख, समय व् स्थान-जिला)  व् प्रश्न  भेजें जिनका उत्तर आपको प्राप्त होगा, बताये गये मानदेय देने के बाद |
  • Ø आप आवश्यक समझें तो मेरे इन्स्टाग्राम  jyotish­_jksharma पर अपना कमेंट  या सीमित चैट  कर सकते हैं | 
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          आप सभी के लिए शुभकामनाएं |  जय श्री लक्ष्मी नारायण जी की   |