गुरुबृहस्पति – वीरवार के उपाय: गुरु की विंशोत्तरी दशा में या आयु के 18-19-20 वें वर्षों में अवश्य करें |

 

  1. सिलोनी पीलापुखराज 6-7+ रत्ती सोने में दायें/बाएं हाथ इंडेक्स फिंगर में वीरवार किसी समय या दुपहर 3-4 बजे पहनें | तत्पश्चात वीरवार के दान करें |
  2. हर वीरवार : 500 ग्राम चने की दाल, 12 पके केले, पीले फूल या हार +21 रूपये भगवान लक्ष्मी नारायण/श्री राधे कृष्ण /श्री सीता राम जी को अर्पित करें |
  3. ॐ ग्रां ग्रीं ग्रों, सः गुरुवे नमःमन्त्र हर रोज़ करें |
  4. विष्णु चालीसा/नारायण कवच/विष्णु सहस्त्र नाम का जाप हर रोज़/हर वीरवार करें या मोबाइल पर सुनें |
  5. केसर का तिलक माथे व् नाभी पर हर रोज़ लगायें व् केसर खाएं भी |
  6. हर रोज़ धर्म स्थान/घर के बाहर केले के पेड़ व् पीपल को जल दिया करें |
  7. गले में सोने की चैन पहने | बाएं हाथ रिंग फिंगर में सोने का छल्ला पहनें
  8. वीरवार के व्रत करें व् ब्राह्मण को भोजन कराएँ |
  9. ब्राह्मणों को पीले वस्त्र, मीठे फल व् धन दान करें |
  10. पीतल के 3 लोटे मंदिर में दान करें/रख आयें |
  11. वीरवार क्रीम कलर या पीले या बसंती कपड़े पहने | पीला/क्रीम रुमाल जेब में रखें
  12. अपने पुराने अध्यापकों/गुरुओं/संतों/घर के बड़े बुजुर्गों का आशीर्वाद हर रोज़ लें |
  13. वीरवार सर व् कपड़े न धोया करें |
  14. धार्मिक स्थानों की यात्रा करें व् वहां दान आदि करें |

(वक्र काल में, अति आवश्यक होने पर, टेस्ट करके ग्रह का स्टोन धारण करें )

 

सूर्य - रविवार के उपाय : सूर्य की विंशोत्तरी दशा में या जीवन के 22-23 वें वर्षों में अवश्य करें |

1. बर्मी माणिक 9+रत्ती ताम्बे/ सोने में रिंग फिंगर दायाँ/बायाँ हाथ में पहने |

2. हर रोज़/रविवार:सूर्य को जल दें ताम्बे के लोट में जल व् थोड़ा गुड डालकर |

2-A : हर रोज़/रविवार:सूर्य को लाल मिर्चों के 21 बीज डालकर ताम्बे के लोटे से जल दें |

2-B: हर रविवार थोड़ा गुड या मिठाई+11 रूपये धर्म स्थान में दिया करें |

3. हर रोज़ ॐ ह्रां ह्रीं ह्रों, सः सूर्याय नमः मन्त्र व् आदित्य हृदय स्तोत्र का पाठ करें या मोबाइल पर सुनें | सूर्य चालीसा पढ़ें / सुनें |

4. अपने हर जन्म दिन पर अपने भार के बराबर गेहूं+सवा किलो गुड+5 ताम्बे के लोटे+लाल परना+सवा किलो लाल सेब या लाल मीठा फल + 101 रूपये पंडित जी को दान करें |

5. ताम्बे का 50+ग्राम का बिना जोड़ का कड़ा दायें/बाएं बाजू में पहने

6. कार्य पर जाने से पहले थोड़ा गुड+ पानी लेकर जाएँ व् रविवार को नमक (व् तेल) न खाया करें |

7. बुजुर्ग/ दादा/ पिता के पैर छूकर भेंट देकर आशीर्वाद लिया करें |

8. लाल रंग का रुमाल जेब में रखें, प्रयोग करें या न करें |

9. गन्ने का रस पिया करें व् साधू या गरीब या ब्राह्मण को भी पिलायें |

10. घोड़ी को चने की दाल खिलाएं |

11. पति/पत्नी में लड़ाई रहती हो तो कच्चे दूध से अग्नि बुझाया करें |

12. ताम्बे के 43 सिक्के चलते पानी में बहायें |

13. सूर्य षष्ठी/कार्तिक स्नान पर सूर्य शांति कराएँ |

14. शिव चालीसा/शिव तांडव स्तोत्र का पाठ करें |

15. रविवार व्रत करें व् नमक ना खाएं |

 

चन्द्र –सोमवार के उपाय : चन्द्र की विंशोत्तरी दशा/ आयु के 24-25 वें वर्षों में अवश्य करें

  1. सुच्चा मोती साउथ सी 9+ रत्ती चांदी में दायें/बाएं हाथ चिचली ऊँगली में पहनें |
  2. हर सोमवार 2 पैक दूध, पाव कच्चे चावल, 1 भूरा पानी वाला खाने वाला नारियल व् 11 रूपये शिवलिंग पर अर्पित करें या धर्म स्थान पर दान करें |
  3.  ॐ श्रां श्रीं श्रो सः चन्द्राये नमः का जाप रोज़ करें या मोबाइल पर सुनें | चन्द्रमा को हर रोज़ प्रणाम करें |
  4. चन्द्र चालीसा हर रोज़ पढ़े /मोबाइल पर सुनें | सोमवार व्रत करें |
  5. ॐ नमः शिवाय का जप व् अपने आप महामृत्युंजय जपकरें/ मोबाइल पर सुनें |
  6. अपनी माता या दादी से चांदी का रुपया लेकर पर्स/जेब में रखें |
  7. सोमवार चन्द्र दर्शन के बाद : गले में चांदी की 5+ ग्राम की गोली पहनें |
  8. चांदी का 40+ ग्राम का कड़ा दायें/बाएं बाजू में पहने | चांदी की 4 गोली/चांदी के पत्रे/चांदी का रुपया पर्स/जेब में रखें | चांदी के बर्तनों में भोजन किया करें व् दूध/दूध से बनी चीज़ें खाया करें |
  9. चन्द्र नीच राशि वृश्चिक का /चन्द्र -8) होने पर :श्मशान से एक बोतल में पानी लाकर अपने घर में रखें व् इसके सूख जाने पर फिर से इसी तरह पानी फिर रखते रहें |
  10. चांदी की डिब्बी में शहद भर कर मिटटी में दबाएँ |
  11. सफेद कपड़े+सफेद रुमाल का प्रयोग करें, विशेषकर सोमवार व् शुक्रवार |
  12. हर पूर्णिमा पर देसी घी की जोत जगा कर चन्द्र को अर्घ दें |
  13. बुजुर्ग स्त्री/माता आदि के पैर छूकर भेंट देकर आशीर्वाद लें |
  14. स्त्रियाँ धोबिन से सुहाग लेकर अपने सर में लगायें |

 

शुक्रवार के उपाय : शुक्र की विंशोत्तरी दशा में या जीवन के 25-26 वें वर्षों में अवश्य करें |

  1. जरकन 12 रत्ती चांदी/ सोने में या असली हीरा 2 कैरट सोने में दायें/बाएं हाथ पहनें |
  2. हर रोज़ : (क) ताज़ी मीठी दही से नहायें, (ख) ताज़ी मीठी दही सुबह खाएं |(ग) हर शुक्रवार या हर रोज़ ताज़ी मीठी दही शिवलिंग के पास रखा करें |
  3. ॐ द्रां द्रीं द्रों सः शुक्राय नमः मन्त्र हर रोज़ करें |
  4. हर शुक्रवार माता लक्ष्मी जी का व्रत करें | मोबाइल पर हर रोज़ सुबह शाम माता लक्ष्मी जी का भजन व् आरती सुनें/पढ़ें | घर से निकलते वक्त मां लक्ष्मी के चित्र को देखकर नमस्कार करके जाया करें |
  5. गाय को 2 चुपड़ी चपाती पर खीर रख कर देंहर शुक्रवार
  6. हर रोज़ सुंदर साफ़ सुगन्धित परिधान पहनें | खुशबु परफ्यूम आदि का प्रतिदिन प्रयोग करें | सफेद रेशमी चमकीले कपड़ों का अधिक प्रयोग करें | सफेद रेशमी रुमाल जेब में रखें |
  7. शेखी, क्रोध व् अधिक उत्तेजित से बचें | मनोवेग/वासना/अनावश्यक जोश पर काबू रखें |
  8. बछड़े सहित गाय दान करें जिससे सभी रिश्तों से मिठास बनी रहे |
  9. स्त्रियाँ चार लाइनों वाली लाल रंग की चूड़ियाँ पहनें |

शुक्र नीच/अस्त/वक्री होने पर:

  1. 100 गायों को लज़ीज़ भोजन कराएँ |
  2. कार्यालय से लोटते वक्त कुछ भी मीठा या मीठा फल आदि घर जरुर ले जाया करें |
  3. पति/पत्नी का सम्मान करें | पराई स्त्री/पुरुष से बचें |
  4. धागे वाली मिश्री/ खीर/ देसी घी धर्म स्थान में दान किया करें | धागे वाली मिश्री           स्वयम खाकर काम पर जाया करें |
  5. पत्नी या परिवार में अधिक गलतफहमी होने पर 43 दिन तक हर रोज़ एक नीला           फूल गंदे नाले में फेंक दिया करें |

(ग्रह के वक्र काल में अति आवश्यक होने पर, टेस्ट करके, ग्रह का स्टोन धारण करें )

 

मंगलवार के उपाय : मंगलकी विंशोत्तरी दशा में या जीवन के 28-29 वें वर्षों में अवश्य करें |

1. इटेलियन मूंगा 9 -10 रत्ती सोने/ताम्बे में दायें/बाएं हाथ रिंग फिंगर में पहने |

  2. हर मंगलवार सिंदूर +चमेली का तेल + 9 केसरी लड्डू + 11 रूपये हनुमान जी को   अर्पित करें - पुरुष (स्त्रियां नहीं) तेल में सिंदूर डालकर हनुमान जी के शरीर पर लेप करें     तो अधिक अच्छा है |

  3. “ॐ क्रां क्रीं करों, सः भोमाय नमः मन्त्र रोज़ करें | मंगलवार का व्रत करें |

  4. हनुमान चालीसा /बजरंग बाण /हनुमाष्टक /सुंदर काण्ड पाठ हर मंगलवार या हर   रोज़ करें या मोबाइल पर सुनें |

  5. हनुमान जी को मीठे रोट अर्पित करें, उनका प्रसाद बांटें व् स्वयं भी खाएं |

  6. हनुमान जी को अनार, केले व् केसरी लड्डू का भोग लगाया करें |

  7. भाइयों कजिन चचेरे ममेरे भाई – साले व् जीजा - सबसे सम्बन्ध अपनी ओर से   ठीक व् अच्छे रखें | भेंट देकर आशीर्वाद लें |

  8. अपने वाहन में मारुती यंत्र स्थापित करें |

  9. साधुओं को भोजन व् मिष्टान्न खिलाएं | बंदरों को गुड़ व् भुने हुए चने खिलाएं |

  10. अस्पताल में खून या दवाइयां दान करें |

  11. खून या दवाइयां खरीद कर गरीब की सहायता करें | रोगियों की सहायता   धन/भोजन आदि से भी करें |

  12. घर में रामायण पाठ हर रोज़ स्वयम करें या करवाते रहें |

  13. याद रखें : कभी भी - मंगलवार भूमि न खरीदें, रजिस्ट्री न कराएँ, रहना शुरू न करें |         मंगलवार मिटटी न खोदें व् गोबर न लीपें या कच्ची पक्की दिवार ना बनाएं |

  14. मिटटी के कुज्जे में शहद भर कर जमीन में दबाएँ |

(ग्रह के ,वक्र काल में अति आवश्यक होने पर, टेस्ट करके, ग्रह का स्टोन धारण करें )

 

शनिवार के उपाय: शनि की विंशोत्तरी दशा में या आयु के 30-31 तथा 36-37 वें वर्षों में अवश्य करें |

  1. सिलोनी नीलम 6-7 + रत्ती पहनें चांदी/सोने में मिडिल फिंगर पुरुष दायें व् स्त्रियां बाएं हाथ, शनिवार सांय पहनें |
  2. हर शनिवार : साबत माह 500/800 ग्राम+ एक बंद शीशीतेल सरसों +कोई फल+काले तिल + 3 मुली पत्ते सहित + 1 भूरा पानी वाला खाने वाला नारियल + 21 रूपये शनि मूर्ति या शिवलिंग पर अर्पित करें |
  3. शनि मन्त्रॐ प्रा प्रीं प्रों सः शनये नमः हर रोज़ जपें | शनि चालीसा/शनि स्तोत्र हर रोज़ पढ़ें/ या मोबाइल पर सुनें |
  4. हर शनिवार गरीबों को चाय-पकोड़े खिलाएं-पिलायें या भोजन कराएँ |
  5. शनिदेव के गुरु भैरव नाथ जी को भोजन आदि भैरों मन्दिर में दें |
  6. मजदूरों/गरीबों का मेहनताना पूरा दें, उन्हें तंग न करें व् उनके कल्याण के कार्य करें |
  7. घर की पुरानी अनावश्यक चीजें, पुराना लोहा, कचरा आदि शनिवार के दिन घर से निकाला करें |
  8. हर महीने नया झाड़ू खरीद कर शनि मन्दिर में रख आयें | काले नये चमड़े के जूते एक जोड़ी खरीद कर दान करें |
  9. लोहे के 3 तसले शनिवार के दिन मन्दिर/धर्म स्थान में रख आयें |धर्म स्थान में लोहे का दान करें |
  10. 10.  सूर्योदय के पश्चात जमीन पर सरसों का तेल या शराब 43 दिन डाल दिया करें |
  11. 11.  कुत्तों व् कव्वों को सरसों तेल लगी रोटी 43 दिन डालें | गायों को 43 दिन लगातार भोजन दें |
  12. 12.  सुरमा जमीं में दबाएँ |

13. मछलियों को आटे की एक ही दिन में 100 अलग अलग पास पास के स्थानों पर शनिवार के दिन खिलाएं |

  1. 14.  शनिवार का व्रत करें |

(ग्रह के ,वक्र काल में अति आवश्यक होने पर, टेस्ट करके, ग्रह का स्टोन धारण करें )

 

बुधवार के उपाय :बुध की विंशोत्तरी दशा में या आयु के 32-33 वें वर्षों में अवश्य करें | मिथुन व् कन्या राशि वाले लोग 50-51 तथा 55-56 वें वर्ष में भी बुध के उपाए करें |

  1. जाम्बिया या कोलम्बियन पन्ना 6-7+ रत्ती चांदी या सोने में लिटिल फिंगर पुरुष दायें व् स्त्रियां बाएं हाथ पहनें – बुधवार किसी भी समय या सांय |
  2. साबत मूंग 500 ग्राम +फूल + मीठे हरे फल +21 रूपये दुर्गा माता को अर्पित करें |
  3. ॐ ब्रां ब्रीं ब्रों सः बुधाय नमः मन्त्र हर रोज़ करें, बुधवार विशेषकर |
  4. गणेश जी की पूजा आरती हर रोज़ करें | बुधवार के व्रत करें |
  5. दुर्गा शप्तशती का पाठ बार बार बार करें | चांदी की दुर्गा/लक्ष्मी जी व् गणेश जी की मूर्ति घर के मन्दिर में स्थापित करें |
  6. बुधवार गाय को हरा चारा या/+ 2 रोटी चुपड़ी थोड़ा गुड रखकर दें |
  7. बुधवार माता मनसा देवी के दर्शन करें या समीपस्थ मन्दिर में देवी की पूजा अर्चना करें |
  8. गरीब विद्यार्थियों को फीस, कापियां, पुस्तकें, धार्मिक पुस्तकें, स्टेशनरी आदि दें |
  9. 500 ग्राम साबत मूंग मंगलवार भिगोयें व् बुधवार पक्षियों को डालें |
  10. 10.  हरे कपड़े पहनें | हरा रुमाल जेब में रखें चाहे प्रयोग न करें | अंडर गारमेंट्स हरे पहनें | टॉवल टूथ ब्रश आदि भी हरे प्रयोग करें |
  11. 11.  पुत्र के लिए माता बुद्धा देवी को मीठे फल+श्रृंगार का सामान व् दक्षिणा अर्पित करें |
  12. 12.  बुआ, बहन, बेटी व् गुरुमाता का हक ना मारें, उन्हें उचित धन वस्त्र व् मिठाई देकर ही विदा किया करें |
  13. 13.  माता का जागरण कराएँ/ जागरण में दान दक्षिणा जरुर दिया करें |
  14. 14.  हीजड़ों को हरी चूड़ियाँ व् हरे वस्त्र दान करें |
  15. 15.  अपना नाक छिदवायें | हर रोज़ अपने दांत फिटकरी से साफ़ करें |
  16. 16.  छेद वाले ताम्बे के सिक्के चलते पानी में बहायें 43 दिन | ताम्बे का पैसा गले में बांधें |
  17. 17.  कांसे का कटोरा बुधवार के दिन मन्दिर में रख आयें | तावीज़ आदि न पहनें |

(ग्रह के ,वक्र काल में अति आवश्यक होने पर, टेस्ट करके, ग्रह का स्टोन धारण करें )

 

राहू के उपाय : काल सर्प दोष/राहू नीच उपाय : राहू की विंशोत्तरी दशा में या जीवन के 42-43 वें वर्षों में अवश्य करें | ( उपाय शनिवार या बुधवार करें |)

1. सिलोनी गोमेद 10+ रत्ती, चांदी में मिडिल फिंगर पुरुष दायें /स्त्रियां बाएं हाथपहनें बुधवार या शनिवार, सांय गोधुली समय में |

2. हर शनिवार या बुधवार : काले तिल+जों+3 मूली पत्ते सहित+ 1 खाने वाला नारियल शिवलिंग या शनि मूर्ति पर अर्पित करें |

3. “ॐ भ्रां भ्रीं भ्रों सः राहवे नमः मंत्र हर रोज़ जपें या मोबाइल पर सुनें |

4. ॐ नमः शिवाय का जाप रामबाण औषधि है | चाहें तो शनिवार व्रत करें |

5. शक्कर+काले तिल मिलाकर मकोड़ों को रोज़ सांय डालें | मछलियों को जों के आटे की गोलियां बनाकर डालें | भूरे-काले ऊनी कम्बल शनिवार गरीबों को/धर्म स्थान में दान करें

6. रसोई के अंदर बैठकर खाना खाया करें | काले नीले वस्त्र पहनें |

7. रात को सोते हुए सोंफ/चीनी लाल कपड़े में रखकर सोया करें | गंगा जल डाल कर स्नान करें | माता सरस्वती की पूजा करें व् घर से जाते समय माता के दर्शन करके जाएँ |

8. पका कर लाल साबत मसर की दाल घर के सफाई कर्मचारी को दें या धन से उसकी सहायता करें |

राहू नीच : चांदी का हाथी बेडरूम में शीशे के जार में पानी में रखें | चांदी की ईंट 50+ ग्राम घर में रखें | चांदी की 4 गोली या चांदी के 4 चोकोर पत्रे या चांदी का रुपया पर्स/जेब में रखें

9). 3 नारियल खाने वाले+ 108 राहू बाधा निवारण यंत्र चलते पानी में बहायें हर महीने एक बार या लेड- सिक्का 4 किलो चलते पानी में हर महीने एक बार बहायें या अपने भार के बराबर या 10 किलो कच्चा कोयला चलते पानी में बहायें या सवा किलो जों कच्चे दूध में धो कर चलते पानी में- पहले जों व् बाद में दूध बहायें या सवा चार किलो जों खुले स्थान में दबा कर उस पर कोई बोझ रख दें या चांदी का एक टुकड़ा चलते पानी में बहायें व् एक टुकड़ा सारी उम्र अपने पास रखें |

10. अपने नानके व्/या ससुराल की सहायता करें |

11. काल सर्प दोष : चांदी के नाग नागिन की 4 जोड़ियाँ + 108 काल सर्प दोष यंत्रों के साथ बहायें |

         

 

केतु के उपाय : केतु की विंशोत्तरी दशा/या आयु के 48-49 वें वर्षों में अवश्य करें | वीरवार या शनिवार करें |

1. इटालियन लहसुनिया कैट्स आई 9+ रत्ती चांदी में मिडिल फिंगर,पुरुष दायें व् स्त्रियां हाथ पहनें, वीरवार या शनिवार दुपहर /सांय |

2. कुत्ते को हर रोज़ दूध व् अपनी झूठी रोटी/बिस्कुट/ब्रेड आदि दें| हो सके तो घर में सफेद+काला/सफेद/कोई भी कुत्ता पालें |

3. कुत्ते को देसी घी में बनी जलेबी खिलाएं व् तुरंत परिणाम पायें |

4. “ॐ स्त्रत्रां (सत्रां) स्त्रीं स्त्रों सः केतुवे नमः हर रोज़ जपें | चाहें तो वीरवार के व्रत करें |

5. गणेश जी की पूजा हर रोज़करें व् गणेश चतुर्थी का व्रत किया करें | मस्तक पर केसर का तिलक लगायें |

6. कोढियों/ अपंगो/ गरीबों को भोजन, चितकबरे ऊनी कम्बल, कपड़े, धन आदि दान करें |

7.कबूतरों/पक्षियों को बाजरा व् पानी घर से बाहर डाला करें |

8. नों वर्ष से कम आयु के बच्चों को खाने की खट्टी चीज़ें दें |

9. कानों में सोना पहनें | अपने पाँव के अंगूठे में चांदी का छल्ला पहनें | ग्रे रंग/स्मोक/धुंए के रंग के कपड़े पहनें व् दान दिया करें |

10. केतु वर्ष/केतु दशा में यदि पत्नी/पुत्र या स्वयम को कष्ट हो तो सवा किलो सफेद तिल श्मशान घाट की चार दिवारी के अंदर कहीं भी किसी भी दिन डालें जब तक सम्बन्धित व्यक्ति स्वस्थ न हो जाये |

11. सफेद तिल / पीले पके साफ़ निम्बू / केले का दान करें- वीरवार |

12. अनजाना/ठंडा बुखार, चिकेन गुनिया/डेंगू आदि बुखारों में केतु व् सूर्य के उपाय करें |

13. बवासीर या गुदा सम्बन्धी बीमारी पर केतु के सर्वाधिक उपाए करें |

14. 21 मिटटी के कुत्ते चलते पानी में बहायें | भूत प्रेत व् ओपरे असर की विद्याओं/ताकतों से बचाव करें |

15. किसी व्यक्ति को म्रत्यु तुल्य कष्ट हो परन्तु विद्वान् ज्योतिषी कुंडली से देख पायें कि कष्ट होकर जीवन बचा है तो बीमार व्यक्ति के लिए कफन खरीद लें | उसे कफन में लपेट कर 5-10 मिनट उसमें लेते रहने दें | उसके बाद कफन उतार कर, व्यक्ति का इलाज जारी रखें | उतारा हुआ कफन पास के श्मशान के एरिया में कहीं भी रख आयें/छोड़ आयें | बीमार व्यक्ति धीरे धीरे ठीक होता चला जायेगा | यह उपाय अखिल भारतीय ज्योतिष सम्मेलन, नाभा(पंजाब) (श्री एम् आर जिंदल जी द्वारा संचालित) में बताया गया था |