संक्षिप्त वर्षफल 2021
आप की प्रसिद्ध नाम राशि पर आधारित वर्ष 2021 के लिए आपका संक्षिप्त वर्षफल प्रस्तुत है |
-डॉ जे के शर्मा
सूचना : शास्त्रों के अनुसार, आपके प्रसिद्ध नाम के अनुसार ही आपको सारी उम्र लाभ हानि कार्य व्यापार प्रमोशन आदि प्राप्त होते हैं | आपका प्रसिद्ध नाम आपकी जन्म राशि पर आधारित भी हो सकता है | इसलिए, प्रसिद्ध नाम पर आधारित यह भविष्य फल आप पर पूरा सटीक रहेगा, ऐसा पूरा विश्वास है | तब भी, व्यक्तिगत कुंडली आप विद्वान ज्योतिषी को दिखाएँ व् पूरे वर्ष का विवरण प्राप्त करें |
विभिन्न ग्रहों के उपायों के लिए इसी वेबसाइट पर ढूंढें | केवल उचित व् सम्भव उपाय करें |
स्टोन-नग आदि केवल तब पहने जब उस स्टोन-नग का ग्रह वक्री-रेट्रोग्रेड न हो |
शनि साढ़ेसाती कैसे शुरुहोती है ? : शनि एक राशि पर ढाई वर्ष रहते हैं | चन्द्र राशि से पहली राशि पर शनि आने पर शनि साढ़ेसाती का पहला चरण शुरू हो जाता है | यहाँ शनि ढाई वर्ष रहता है | जन्म/चन्द्र राशि (जिनकी कुंडली आदि नहीं है तो उनकी प्रसिद्ध नाम राशि) पर शनि आने पर शनि साढ़ेसाती का दूसरा चरण होता है | इन ढाई वर्षों में साढ़ेसाती चरम सीमा पर होती है | इसके बाद, फिर शनि राशि परिवर्तन करके चन्द्र राशि से अगली राशि पर जाने पर साढ़ेसाती का तीसरा चरण होता है | इसकी अवधि समाप्त होने पर, शनि साढ़ेसाती समाप्त हो जाती है | इस तरह साढ़े सात-आठ वर्ष लग जाते हैं क्योंकि हर वर्ष शनि 140 दिन वक्री भी चलता है |
जिन लोगों का जन्म कुंडली में यदि जन्म से ही शनि वक्री व्/या नीच राशि मेष का है तो उन जातकों को शनि प्रदत्त लाभ नगण्य मिलते हैं |
अभी धनु, मकर व् कुम्भ राशियों पर शनि साढ़ेसाती चल रही है |
साथ ही, शनि के ढईये के प्रभाव मिथुन तथा तुला राशियों पर साथ साथ चल रहा है |
भविष्यफल
(जहाँ कहीं जन्म तारीख के अनुसार दैनिक/साप्ताहिक भविष्य लिखा जाता है, वह वेस्टर्न एस्ट्रोलॉजी अनुसार है जो सूर्य के एक महीने में एक राशि के भ्रमण के आधार पर है | परन्तु भारतीय वैदिक ज्योतिष आपका भविष्यफल कथन चन्द्रमा का एक राशि में सवा दो दिन के आधार पर बताता है जो अधिक सूक्ष्म व् सटीक है | )
मेष लगन/राशि (Aeries) : आपके प्रसिद्ध नाम का पहला अक्षर : चू,चे,चो,ला,ली,लू,ले,लो,अ
( शुभ अंक 1 )
आपकी प्रसिद्ध नाम कुंडली में : इस वर्ष का राजा व् मंत्री भी मंगल देव हैं | 25 दिसम्बर 2020 से आपकी नाम राशि का स्वामी मंगल आपको अत्यंत शक्तिशाली बनाये हुए है | अपनी पसंद का कार्य, जॉब व्यापार आदि आप कर पाएंगे व् सफल होंगे | शनि अपने ही दसवें घर में मकर राशि में आकर आपको शुभ लाभ देगा | प्रमोशन, उच्च जिम्मेदारी व् पद, सरकार से सभी लाभ व् सब सुख प्रदान करेगा | व्यापारी वर्ग को सरकार से सब सुविधाएँ, व्यापार, आय व् लाभ मिलेंगे | गुरु बृहस्पति भी 5 अप्रैल से आय स्थान कुम्भ राशि पर आकर सर्व लाभ देंगे |
शनि 23 मई से 11 अक्तूबर तक व् गुरु बृहस्पति 20 जून से कुम्भ में /14 सितबर से मकर में 18 अक्तूबर तक वक्री चलने पर थोड़ी रुकावटें डालेंगे | जन्म से ही : शनि/गुरु बृहस्पति वक्री/ शनि-1 मेष में नीच तथा गुरु-10 मकर में नीच या शनि अस्त होने से लाभ में कमी रखेंगे|
आप मंगल, गुरु व् शनि के उपाय करते रहें व् 19 अक्तूबर के बाद फिर से मनचाही व् पूर्ण सफलताएँ पा लेंगे |
वृष लग्न/राशि Taurus (आपके प्रसिद्ध नाम का पहला अक्षर :ई,उ,ए,ओ,वा,वी,वू,वे,वो ): (शुभ अंक 2 )
आपकी प्रसिद्ध नाम कुंडली में : नव वर्ष से ही आपकी नाम राशि का स्वामी शुक्र वृश्चिक राशि पर होकर आपको (वृष को) लग्न पर देख रहा है जो श्रेयस्कर है | शुक्र आपको आत्म विश्वासी, निडर व् मजबूत मनोबल वाला बनाये रखेगा | जनवरी 2020 से आपका भाग्य फिर बदला | इस वर्ष आपको सफलताएँ अधिक मिलेंगी क्योंगी गुरु भी 5 अप्रैल से कुम्भ में आपके कार्य, जॉब व् व्यापार स्थान पर आकर उन्नति देगा | आप अपनी पसंद के कार्य, जॉब व् व्यापार आदि में सफल होंगे | पारिवारिक सुख में यथोचित वृद्धि होगी | नया घर, वाहन, सन्तान योग बनेंगे | नया व्यापार करने या व्यापार बढ़ाने की शुरुआत ठीक रहेगी |
शनि 23 मई से 11 अक्तूबर तक व् गुरु बृहस्पति 20 जून से कुम्भ में /14 सितबर से मकर में 18 अक्तूबर तक वक्री चलने पर थोड़ी रुकावटें डालेंगे | जन्म से ही : यदि शनि वक्री हो या शनि-1 मेष में नीच हो, गुरु-10 मकर में नीच हो व् शुक्र वक्री या कन्या राशी में नीच हो तो लाभ व् सफलता नगण्य रहेंगे |
आप शुक्र , गुरु व् शनि के उपाय करते रहें 19 अक्तूबर के बाद शुभ लाभ बढ़ेंगे | 18 दिसम्बर 21 से 30 जनवरी 22 तक शुक्र वक्री मकर/धनु में वक्री होकर स्वास्थ्य समस्याएँ देगा, बचाव करें
मिथुन लगन/राशि Gemini (आपके प्रसिद्ध नाम का पहला अक्षर:क,की,कु,घ,ड,छ,के,को,ह) (शुभ अंक 5 )
शनि का ढाई वर्ष का ढईया : 24 जनवरी 2020 से 30 अप्रैल 2022 तक आप पर शनि का ढईया चल रहा है जिस कारण आपको शरीर पीड़ा, स्त्री-पुत्र को कष्ट, व्यापार में कमी/हानि तथा वितीय समस्याएँ आदि झेलनी पड़ रही हैं |
आपकी प्रसिद्ध नाम कुंडली में : आपकी नाम राशि का स्वामी बुध हर वर्ष तीन बार 24-24 दिन के लिए वक्री चलता है | शनि द्वारा दिए जा रहे परीक्षात्मक कष्ट के साथ ही वक्र काल में राशी स्वामी बुध भी आपकी हानि कर बैठता है | आपकी नाम राशि अनुसार, शनि चलित में जनवरी 2020 से आपकी कुंडली में आठवें घर में धन व् आय की कमी किये बैठा है जो अप्रैल/मई 2022 में भाग्योदय के साथ सुधरेगी | आपका भाग्य तब बदलेगा व् मनचाहा व् लाभकारी होगा | गुरु 5 अप्रैल से कुम्भ में आकर भाग्य जगायेगा पदोन्नति के योग बनेंगे |
शनि 23 मई से 11 अक्तूबर तक व् गुरु बृहस्पति 20 जून से कुम्भ में /14 सितबर से मकर में 18 अक्तूबर तक वक्री चलने पर पेट, सांस व् अन्य स्वास्थ्य समस्याएँ दे सकता है | जन्म से ही : यदि बुध वक्री हो या मीन राशि में नीच हो, शनि वक्री हो या शनि-1 मेष में नीच हो तथा गुरु-10 मकर में नीच हो तो धन हानि व् कष्ट अधिक होंगे |)
बुध, गुरु व् शनि के उपाय करने पर आप को सफलता मिलेगी विशेषकर 19 अक्तूबर के बाद |
कर्क लगन/राशि - Cancer (आपके प्रसिद्ध नाम का पहला अक्षर : हि,हु,हे,हो,डा,डी,डू,डे,डो): (शुभ अंक 2)
आपकी नाम राशि का स्वामी चन्द्र है | आपकी नाम राशि अनुसार, शनि चलित में जनवरी 2020 से आपकी कुंडली के सातवें घर में आकर आपको विशेष लाभ प्रमोशन पद प्रतिष्ठा दे चुका है या शीघ्र ही देने वाला है | पिछले वर्षों का प्यार परवान चढ़ेगा या विवाह योग बनेगा | जॉब, कार्य व्यापार आय व् लाभ निरंतर रहेंगे व् बढ़ेंगे भी |
शनि 23 मई से 11 अक्तूबर तक व् गुरु बृहस्पति 20 जून से कुम्भ में /14 सितबर से मकर में 18 अक्तूबर तक वक्री चलने पर काफी हानि कर सकते हैं | अपने विवाहित जीवन, जॉब, व्यापार व् आय को सुरक्षित चलाते रहें | जन्म से ही : यदि चन्द्र अस्त-अमावस का/चन्द्र वृश्चिक राशि में नीच हो – कुंडली में मंगल कमजोर हो, शनि वक्री हो या शनि-1 मेष में नीच हो तथा गुरु-10 मकर में नीच हो तो गुरु शनि के वक्र काल में कष्ट व् समस्याएँ अधिक मिलेंगी|
आप अभी से चन्द्र, शुक्र, गुरु व् शनि के उपाय करें | 19 अक्तूबर के बाद स्थिति फिर सामान्य व् लाभकारी होगी |
सिंह लगन/राशि Leo -(आपके प्रसिद्ध नाम का पहला अक्षर:मा,मी,मू,में,मो,टा,टी,टू,टे) : (शुभ अंक 1)
आपकी नाम राशि का स्वामी सूर्य है | आप शक्तिशाली, दम्भी व् शीघ्र क्रोधी भी हैं | आपके नाम का शत्रु, आपकी नाम राशि अनुसार, शनि चलित में जनवरी 2020 से आपकी कुंडली के छ्टे घर – बुध के घर - (बीमारी, शत्रु, चोट, दुर्घटना, विद्या-ट्रेनिंग आदि के घर ) में आ चुका हैं | जनवरी में सूर्य शनि गुरु बुध शुक्र यहाँ रहकर आपके स्वास्थ्य को बिगड़ देंगे | शारीरिक कष्ट, बीमारी आदि पर निरंतर खर्च होगा व् बढ़ेगा भी | अफेयर्स बनेगे बिगड़ेंगे, फिर बनेगे | जॉब, कार्य व्यापार आय व् लाभ चलते रहेंगे | प्रमोशन, धन लाभ आदि रुके रहेंगे या कम बढ़ोत्तरी पर होंगे | वक्र काल में विवाहित जीवन में कष्टादी सम्भव है | 16/23 फरवरी से सही आराम मिलेगा | गुरु बृहस्पति 5 अप्रैल से कुम्भ राशि में आकर बचाव करेंगे |
शनि 23 मई से 11 अक्तूबर तक व् गुरु बृहस्पति 14 सितबर से मकर राशि में 18 अक्तूबर तक वक्री चलेंगे | जन्म से ही : यदि सूर्य नीच तुला राशी का हो/कार्तिक महीने का जन्म हो, शनि वक्री हो या शनि-1 मेष में नीच हो तथा गुरु-10 मकर में नीच हो तो गुरु शनि के वक्र काल में गम्भीर कष्ट व् समस्याएँ मिलेंगी|
आप अभी से सूर्य, बुध गुरु व् शनि के उपाय करते रहें व् 19 अक्तूबर के बाद आपको अच्छी धीरे सफलता मिलेगी |
कन्या लगन/राशि Virgo (आपके प्रसिद्ध नाम का पहला अक्षर:टो,पा,पी,पू,ष,ण,ठ,पे,पो) : (शुभ अंक 5 )
आपकी नाम राशि का स्वामी बुध है | बुध हर वर्ष तीन बार 24-24 दिन के लिए वक्री चलता है | आप तेज बुद्धिमान, गम्भीर, शांत व् हास्य रस से भरपूर हैं | आप समय स्थिति व्यक्ति को देखकर तुरंत चाल बदल देते हैं व् आपना लाभ देखते हुए कार्य करते हैं | कार्य जॉब व्यापार स्थान पर आप की ही राशि मिथुन होने से आप इन सबमें सकुशलता से कार्य कर लेते हैं व् कार्य निकल लेते हैं | वर्तमान में, शनि चलित में जनवरी 2020 से आपकी कुंडली के पांचवें (सूर्य के घर- विद्या शिक्षा सन्तान)आदि के घर में आ चुका हैं | जॉब, कार्य व्यापार आय व् लाभ में बढ़ोत्तरी हुई, प्रमोशन उन्नति मिली | वैवाहिक सम्बन्धों व् सन्तान को थोड़ी समस्याएँ रही | पेट की गडबड बनी हुई है |
शनि 23 मई से 11 अक्तूबर तक व् गुरु बृहस्पति कुम्भ राशी में 18 जून से व् वापिस मकर में 14 सितबर से 18 अक्तूबर तक वक्री रहकर पेट खराब करेंगे, धन हानि व् पिता को कष्ट देंगे | जन्म से ही : यदि बुध नीच राशी मीन का हो या वक्री हो, शनि वक्री हो या शनि-1 मेष में नीच हो तथा गुरु-10 मकर में नीच हो तो यह वक्र काल थोड़ा हानिकारक रहेगा |
आप अभी से सूर्य, गुरु व् शनि के उपाय करते रहें व् 19 अक्तूबर के बाद आप खोया हुआ फिर से प्राप्त कर लेंगे |
तुला लगन/राशि Libra (आपके प्रसिद्ध नाम का पहला अक्षर :रा,री,रु,रे,रो,ता,ती,तू,ते ) : (शुभ अंक 6 )
शनि का ढाई वर्ष का ढईया24 जनवरी 2020 से 30 अप्रैल 2022 तक आप पर चल रहा है जिसमें आपकोशरीर पीड़ा, स्त्री-पुत्र को कष्ट, व्यापार में कमी/हानि तथा वितीय समस्याएँ आदि सम्भव हैं |
आपकी नाम राशि का स्वामी शुक्र है | शनि आपका मित्र है | आप स्वाभिमानी, अपनी प्रशंसा प्रसिद्धी पसंद करते हैं | वर्तमान में, शनि चलित में जनवरी 2020 से आपकी कुंडली के चौथे ( चन्दमा के शैय्या सुख, वाहन आदि के घर) में आ चुका है | आपके जॉब, कार्य, व्यापार आय व् लाभ में बढ़ोत्तरी हुई, प्रमोशन उन्नति मिली/मिलने वाली है | तब भी, वैवाहिक सम्बन्धों में छोटी या बड़ी या गम्भीर समस्याएँ आ गयी | यदि कुंडली में शनि लाभकारी/अच्छा नहीं तब ये समस्याएँ अधिक रही विशेषकर गुरु के मकर राशि पर नीच हो जाने से भी |
शनि 23 मई से 11 अक्तूबर तक व् गुरु बृहस्पति कुम्भ राशी में 18 जून से व् वापिस मकर में 14 सितबर से 18 अक्तूबर तक वक्री रहकर चेस्ट, हार्ट, लंग्स, शुगर, सांस सम्बन्धी कष्ट व् माता पिता का स्वास्थ्य ढीला कर सकते हैं | जन्म से ही : यदि शुक्र वक्री या कन्या राशि पर नीच हो, शनि वक्री हो या शनि-1 मेष में नीच हो तथा गुरु-10 मकर में नीच हो तो इस वक्र काल में गभीर कष्ट आदि सम्भव हैं |
18 दिसम्बर 21 से 30 जनवरी 22 तक शुक्र वक्री मकर/धनु में वक्री होकर स्वास्थ्य समस्याएँ देगा, बचाव करें
आप अभी से शुक्र, चन्द्र, गुरु व् शनि के उपाय करने से बचाव व् लाभ रहेगा |
वृश्चिक लगन /राशि Scorpio (आपके प्रसिद्ध नाम का पहला अक्षर:तो,ना,नी,नू,नेनो,या,यी,यू) ( शुभ अंक 9)
आपकी नाम राशि का स्वामी मंगल है जो आपको हर समय आत्म विश्वासी, मजबूत मनोबल व् शारीरिक ताकत वाला व्यक्ति बनाये रखता है | मंगल 21 फरवरी से 13 अप्रैल तक आपके सारे कार्य सिद्ध करेगा व् बाद में भी | शनि चलित में जनवरी 2020 से आपकी कुंडली के तीसरे घर पर हैं | यह घर मंगल का भी होता है व् बुध का भी | शनि यहाँ राहू के साथ मिलकर अदम्य साहस दे देता है | अन्यथा, शनि आत्मबल कमजोर भी कर देता है, यदि जन्म से शनि या बुध या मंगल वक्री हुआ तो हृदय में घबराहट/ऑपरेशन भी सम्भव है | जॉब में प्रमोशन व् लाभ मिलेगा | 14 सितबर से 18 अक्तूबर तक गुरु बृहस्पति मकर में वक्री आकर चेस्ट, हार्ट, लंग्स, बी पी, सांस सम्बन्धी समस्या बढ़ा सकते हैं |
शनि भी यहाँ मकर में 23 मई से 11 अक्तूबर तक वक्री चल कर उपरोक्त समस्याएँ दिखा सकते हैं | भाई बहनों को कष्ट व् उनसे अनबन रहेगी | जन्म से ही : यदि बुध/मंगल वक्री या नीच हो, शनि वक्री हो या शनि-1 मेष में नीच हो तथा गुरु-10 मकर में नीच हो तो इस वक्र काल में स्वास्थ्य समस्याएँ सम्भव हैं |
आप अभी से बुध, मंगल, गुरु व् शनि के उपाय करें व् 19 अक्तूबर के बाद विशेष लाभ आदि प्राप्त करें |
धनु लगन/राशि Sagitarious (आपके प्रसिद्ध नाम का पहला अक्षर :ये, यो, भा,भी,भू,धा,फ,ढ,भे) (शुभ अंक 3)
आपकी नाम राशि का स्वामी गुरु बृहस्पति है | अभी शनि साढ़ेसाती उतर रही है जो लाभकारी है | धन जमा करें, विदेश भ्रमण करें या सेटल हो जाएँ | राशि स्वामी गुरु बृहस्पति भी शनि के साथ दूसरे घर में हैं | कुछ कठिनाइयों के होते हुए भी पारिवारिक जीवन सुखद है | तब भी, शनि 23 मई से 11 अक्तूबर तक व् गुरु बृहस्पति कुम्भ राशी में 18 जून से व् वापिस मकर में 14 सितबर से 18 अक्तूबर तक वक्री रहकर कष्टकारी होगा | दूसरा घर मारक घर भी होता है क्योंकि आठवें घर को देखता है | अर्थात, इस अवधि में दुर्घटना आदि से बचें | (जन्म से ही : यदि शनि वक्री हो या शनि-1 मेष में नीच हो तथा गुरु-10 मकर में नीच हो तो इस वक्र काल में धन व्यर्थ खर्च होना आदि सम्भव है |)
आप अभी से गुरु व् शनि के उपाय करते रहें तो बचाव व् लाभ रहेगा | 19 अक्तूबर के बाद बचाव भी रहेगा व् लाभ भी बढ़ेगा |
मकर लगन/राशि Capricorn (आपके प्रसिद्ध नाम का पहला अक्षर : भो,ज,जा,जी,जे,जो,खा,खी,खु,खे,खो,गा,गी ) : (शुभ अंक 8)
शनि साढ़ेसाती का द्वितीय चरण शुरू : 24 जनवरी 2020 से 29 अप्रैल 2022 तक |
आपकी नाम राशि के स्वामी शनिदेव हैं | ज्योतिष-नियम अनुसार साढ़ेसाती का यह चरण भी कष्टकारी है | तब भी, शनि अभी मार्गी है जिसने आपको मान सम्मान, मनोबल, आत्म विश्वास, अधिक शक्तियाँ, पदोन्नति व् सुख सुविधाएँ प्रदान की हैं | अफेयर्स थोड़ा ठहर कर परवान चढ़ेंगे |
शनि 23 मई से 11 अक्तूबर तक व् गुरु बृहस्पति कुम्भ राशी में 18 जून से व् वापिस मकर में 14 सितबर से 18 अक्तूबर तक वक्री रहकर कष्टकारी होंगे व् मन मस्तिष्क को हिला देंगे | इस अवधि में वाहन दुर्घटना, बीमारी व् अचानक खर्चे आदि सामने आयेंगे | अकाल मृत्यु से बचाव करें |
जन्म से ही : यदि शनि वक्री हो या शनि-1 मेष में नीच हो तथा गुरु-10 मकर में नीच हो तो इस वक्र काल में गम्भीर बीमारी, दुर्घटना व् व्यर्थ ही धन खर्च होने का संकेत है |
सूर्य, शनि व् शिव शक्ति की पूजा पाठ दान आदि से कठिनाइयां या कमियां दूर रहेंगी | 19 अक्तूबर के बाद तन मन शांत होंगे व् उप्रिक्त लाभ आदि मिलेंगे |
कुम्भ लगन/राशि Aquarious (आपके प्रसिद्ध नाम का पहला अक्षर:गु,गे,गो,सा,सी,सु,से,सो,दा (शुभ अंक 8 )
शनि साढ़ेसाती का प्रथम चरण 24 जनवरी से शुरू : ज्योतिष नियम अनुसार आप पर शनि साढ़ेसाती का प्रथम चरण (24 जनवरी 2020 से 29 अप्रैल 2022 तक) कष्टकारी, दूसरा चरण (अप्रैल 2022 से मार्च 2025 तक) लाभकारी व् तीसरा चरण (मार्च 2025 से फरवरी 2028 तक) फिर कष्टकारी होगा | तब भी, जन्म कुंडली देखकर साढ़ेसाती प्रभाव में बदलाव देखने को मिलते हैं |
आपकी नाम राशि के स्वामी शनिदेव हैं | साढ़ेसाती का यह चरण कष्टकारी है | शनि अभी कुंडली के बाहरवें घर में है व् गुरु बृहस्पति भी यहाँ हैं | ये दोनों आपको बेघर करके घर से दूर या विदेश में जॉब कार्य आदि करने को मजबूर कर रहे हैं | परिवार से दूर रहने के योग बने हुए हैं इस अवधि में | कुंडली अनुसार मंगल आदि अन्य ग्रह बचाव कर रहे हो सकते हैं | व्यय खर्च आदि असीमित हैं व् बढ़ेंगे | शनि ने आपको फिर भी ताकतवर बनाया हुआ है | अफेयर्स का समय भी चल रहा है |
शनि 23 मई से 11 अक्तूबर तक व् गुरु बृहस्पति कुम्भ राशी में 18 जून से व् वापिस मकर में 14 सितबर से 18 अक्तूबर तक वक्री रहकर अत्यधिक कष्टकारी होंगे | इस अवधि में वाहन दुर्घटना, वाहन खराबी, सांस गले आदि की बीमारियाँ पर खर्च होगा | अकाल मृत्यु से बचाव करें | जन्म से ही : यदि शनि वक्री हो या शनि-1 मेष में नीच हो तथा गुरु-10 मकर में नीच हो तो इस वक्र काल में गम्भीर बीमारी, दुर्घटना व् अनायास धन खर्च होने का संकेत है |
शिव शक्ति, श्री लक्ष्मी नारायण व् शनि की पूजा पाठ दान आदि से कष्ट दूर होंगे | स्वयम महा मृत्युंजय जाप करें या करवाएं, आवश्यक है | 19 अक्तूबर के बाद शांति व् लाभ होंगे |
मीन लगन/राशि Pisces (आपके प्रसिद्ध नाम का पहला अक्षर :दी,दू,थ,झ,दे,दो,चा,चि ) (शुभ अंक 3 )
आपकी नाम राशि के स्वामी गुरु बृहस्पति हैं जो आजकल मकर राशी पर आय स्थान पर हैं | आपका कार्य जॉब व्यापार आय व् लाभ बढ़े ही हैं, उन्नति व् पदोन्नति भी हो गयी है | अगले वर्ष (या इस वर्ष के अंत में) घर से दूर या विदेश जाने की तैयारी कर लें | अप्रैल 2022 से शनि साढ़ेसाती शुरू हो जाएगी | परिवार से दूर जाना होगा | विवाह/ अफेयर्स का समय अभी चल रहा है |
शनि 23 मई से 11 अक्तूबर तक व् गुरु बृहस्पति कुम्भ राशी में 18 जून से व् वापिस मकर में 14 सितबर से 18 अक्तूबर तक वक्री रहकर पेट खराब करेंगे, आय में कमी होगी | अफेयर्स/सम्बन्धों में कमी रहेगी | जन्म से ही : यदि शनि वक्री हो या शनि-1 मेष में नीच हो तथा गुरु-10 मकर में नीच हो तो इस वक्र काल में जमा पूँजी में कमी व् बीमारी आदि पर खर्च होगा |
श्री लक्ष्मी नारायण व् शनि की पूजा पाठ दान आदि से कष्ट दूर होंगे |
- यदि आप (1) अपनी समस्या व्यक्तिगत रूप से पूछना चाहते हों (2) आप अपना या अपने व्यवसाय का मासिक व्/या वार्षिक फल लिखित में मंगाना चाहते हों (3) जन्म से सारी उम्र का लिखित फलादेश, विशेष वर्षों में लाभ हानि आदि व् हर स्थिति के लिए उपायों सहित बनवाना चाहते हों तो आप व्हट्स एप्प 9876042656 पर अपना विवरण (नाम, जन्म की तारीख, समय व् स्थान जिला) व् प्रश्न भेजें जिनका उत्तर आपको प्राप्त होगा, बताये गये मानदेय देने के बाद |
- इस लेख सम्बन्धी आपके सुझाव या आलोचना आदि का स्वागत रहेगा | ज्योतिष का ज्ञान रखने वाले विद्वान उपरोक्त लेख में कमियां लिखें तो मैं अपने ज्ञान वृद्धि के लिए उनका धन्यवादी होऊंगा | आलोचना करते हुए अपना तर्क अवश्य दें | केवल आलोचना के लिए आलोचना की आवश्यकता नहीं है | अकारण या नास्तिक होने पर अज्ञानी की तरह टिप्पणी करने से क्या लाभ ? आपके सुझाव आदि का स्वागत है ईमेलजेकेशर्मा2075@जीमेल.कॉम पर |
आप सभी के लिए शुभकामनाएं | जय श्री लक्ष्मी नारायण |