मंगल वक्री होने से मिनी वार की सम्भावना

मेष, मीन, वृश्चिक राशियाँ अधिक  कष्टित
आर्मी-सेना/डिफेन्स /पुलिस/डॉक्टर/केमिस्ट/
होटल–बेकरी/ प्रॉपर्टीडीलर अधिक प्रभावित

                                                                                                                            -डॉ जे के शर्मा

 

          मंगल ग्रह :  मंगल ग्रह सामान्यत  मंगल व् शुभ कार्य ही करता व् कराता है | मांगलिक युवाओं का विवाह 28 वें वर्ष में करा देता है | मंगल अग्नि का द्योतक है |  सेना, आर्मी, डिफेन्स, असलाह, पुलिस, मेडिकल स्टाफ डॉक्टर व् अन्य, अस्पताल  तथा मेडिकल लैब, प्रॉपर्टी-डीलर/डीलिंग, होटल व्यवसाय/फायर सर्विसेज/स्पोर्ट्स   आदि मंगल की ही देन  हैं |

          परन्तु यही मंगल जन्म  समय से ही यदि अस्त या कर्क राशि में नीच या  किसी भी राशि में वक्री  हो तो यह लाभ देने की जगह हानि करता है –  जैसे कि कर्ज़ा चढ़ना, घर-कार्यालय बिक जाना, प्रॉपर्टी विवाद, बीमार रहना, पुरुषत्व की कमी, चोटें लगते रहना, खून खराबा लड़ाई झगड़ा, भाइयों-जीजा–साले  में  मनमुटाव होना  आदि |

10 सितम्बर  से मंगल वक्री

          मंगल 10 सितम्बर प्रात: 3.53 पर अपनी ही राशि मेष पर वक्री-उल्टा चल पड़ेगा, 4 अक्तूबर को वक्री मंगल वापिस मीन राशि  में जायेगा   व् 14 नवम्बर प्रात: 06.08 पर मार्गी होगा  | इस दौरान संसार के सभी स्त्री-पुरुष, देश, संस्थान प्रभावित होंगे | स्वास्थ्य सम्बन्धी समस्याएँ अत्यधिक बढ़ जाएँगी | सेना, आर्मी, डिफेन्स, असलाह, पुलिस, मेडिकल स्टाफ डॉक्टर व् अन्य, अस्पताल  तथा मेडिकल लैब, प्रॉपर्टी-डीलर/डीलिंग, होटल व्यवसाय  आदि  जन धन  व्यवसाय व्यापार आदि में हानि देखेंगे |  मेष, मीन, वृश्चिक राशियों पर अधिक नकारात्मक प्रभाव सम्भव हैं |

          नोट :  इस दौरान गुरु बृहस्पति  30-3-20 से  वक्री व् अभी भी धनु राशि  में 30 जून से 13 सितम्बर तक वक्री चल रहे हैं |  शनि देव मकर में 11-5-20 से 29-9-20 तक वक्री चल  रहे हैं | मंगल मेष राशि में 10-9-20 से वक्री चलेंगे, वक्री मंगल वापिसमीन में 4-10-20 से 14-11-20 तक रहकर मीन में मार्गी होंगे | मंगल  फिर से अपनी राशी मेष में 24-12-20 से  आकर लाभकारी होते जायेंगे | बुध तुला राशि में 14-10-20 से  4-11-20 तक वक्री चलेंगे | राहू मिथुन राशी  से  वृष राशि में तथा केतु धनु राशी से वृश्चिक राशि में 23-9-20 से 10-4-22 तक राशी परिवर्तन करेंगे | शनि साढ़ेसाती के प्रभाव के अतिरिक्त, मिथुन व् तुला राशियों पर  शनि के  ढईये के प्रभाव भी समस्याएँ दिखायेंगे  |

सारे संसार में ही   सभी बारह  राशियों के  लोगों/देशों/संस्थानों पर ये घटनाएँ घटेंगी |

(नोट : इस दौरान सभी के लिए रामबाण  उपाय  निम्न लिखित हैं:

  • ॐ नमः शिवाय, शिव शक्ति की हर सोमवार पूजा, तथा महामृत्युंजय का जाप निरंतर करें |
  • हनुमान जी की किसी भी प्रकार से आराधना  करें,   रामायण पाठ करें | कष्ट अधिक हो तो सुंदर काण्ड का पाठ हर रोज़ करें या मोबाइल पर सुनें व् हनुमान जी को राम जी की सोगंध दें, रक्षा के लिए |
  • अपना खून दान करें (या खून खरीद कर दान करें ) व् दवाइयां  गरीब मरीज़ के लिए दान करें,
  •  भूखे व्/या साधुओं को भोजन कराएँ  |

                                                भारत

 

(भारत की प्रभाव राशि मकर मानी गयी है | मकर राशि पर शनि की साढ़ेसाती का दूसरा कष्टप्रद चरण चल रहा है |)

  • भारतमें   स्वास्थ्य  सेवाएं प्रभावित होंगी  | डॉक्टर, नर्स  अन्य मेडिकल स्टाफ तथा मेडिकल लैब स्टाफ आदि संक्रमित होंगे या अस्वस्थ होंगे | अस्पतालों की व्यवस्था चरमरा जाएगी | आम आदमी को स्वास्थ्य सेवाओं के ना होने या लाभ न  मिलने से अधिक कष्ट व् हानि होगी |
  • किसीभीधर्मस्थल के संचालकों /स्टाफ  में लड़ाई झगड़ा खून खराबा सम्भव है | अलग अलग धर्मों में  धार्मिक उन्माद से खून खराबा सम्भव है |
  •  प्रॉपर्टी-डीलर/डीलिंग में हेरा फेरी मिलेगी | आपस में भाई भाई/ चचेरे ममेरे भाई/जीजा साला  का  लड़ाई झगड़ा आदि खून खराबे तक बढ़ जायेगा तथा कोर्ट जाने की स्थिति बन सकेगी |
  • होटल/रेस्तरां/ढाबा के  व्यवसाय  आदि में आर्थिक हानि होगी व् अनावश्यक लड़ाई झगड़े की नौबत सम्भव है |
  • फायर ब्रिगेड सेवाओं के कर्मी  आग से पूरी तरह बच कर कार्य करें |
  • विस्फोट करना/होना,  आग लगना, पटाखे/बम आदि फटने से या आग लगने से हानि के संकेत हैं | 
  • िनी वॉर के योग (चीन व्  पाकिस्तान  से ) बनेंगे व्  भारत सहित इन सभी देशों के  बहुत से  सैनिक शहीद होंगे | लद्दाख (मेष राशि -मंगल) पर 10 से 13 सितम्बर के दौरान जब गुरु बृहस्पति  व् मंगल  दोनों वक्री होंगे  तब झड़पें आदि अधिक होंगी | वक्री मंगल वापिस मीन राशि रेवती नक्षत्र पर ( चीन की नाम राशि  पर ) 4 अक्तूबर से (14 नवम्बर तक) आने से चीन  फिर अनावश्यक बुधिहीनता का परिचय देते हुए सीमा पर लड़ाई झगड़े करेगा व् दोनों ओर के सैनिक शहीद होंगे  विशेषकर बुध भी उस समय तुला राशि में 14-10-20 से 4-11-20 तक वक्री होने पर  |    कोई कमी रह गयी तो घी में आग का काम करेगा केतु,  जो  धनु राशि से वृश्चिक राशि में 23-9-20  से  आएगा,  क्योंकि मंगल (वृश्चिक) व् केतु घोर शत्रु हैं और खून खराबे बिना रुकेंग नहीं जब तक मंगल वक्री होगा | पाकिस्तान भी छेड़खानी करेगा और मुंह की खायेगा | यदि चीन या अन्य  देशों  के उकसाने पर पाकिस्तान ने ज्यादा पंगा ले लिया तो भारत, भारतीय नागरिक, मोदी जी, राजनाथ व् अमित शाह आदि पीओके भारत में जोड़ भी सकते हैं |
  • नेपाल (वृश्चिक राशि – स्वामी मंगल)  को भी खुजली होगी व् सैनिकों की झडपें बढेंगी |
  • मेष, वृश्चिक, मीन व्  तुला राशि के देश मिनी वॉर में सक्रिय होंगे |
  • मंगल के वक्र काल में कहीं चूक हो सकती है | सेना, आर्मी व्  डिफेन्स में समन्वय की कमी हो सकती है | सफलता पाने के लिए इन्हें बलिदान देने होंगे |
  • पुलिस, सिक्यूरिटी गार्ड व्  होम गार्ड कर्मी असहाय हो जायेंगे कहीं कहीं | जन धन आदि की  हानि के संकेत हैं  | 
  • स्पोर्ट्स में 15 नवम्बर तक पीछे रहने के योग होंगे |

 

प्रस्तुत है : आप की प्रसिद्ध नाम राशि पर आधारित 10 सितम्बर से 14 नवम्बर तक  मंगल ग्रह के वक्री चलने-उल्टा चलने तथा उस समय अन्य ग्रहों  के नकारात्मक होने से  विभिन्न राशियों व् संस्थानों पर सम्भावित  प्रभावों का विवरण दिया जा रहा है |

 (नोट : शास्त्रों के अनुसार, आपके प्रसिद्ध नाम  के  अनुसार ही ( आपका प्रसिद्ध नाम व् जन्म राशि एक ही/भी हो  सकते हैं ) आपको सारी उम्र लाभ हानि  कार्य व्यापार प्रमोशन आदि प्राप्त होते हैं | इसलिए, प्रसिद्ध नाम पर आधारित यह भविष्य फल आप पर पूरा सटीक रहेगा, ऐसा पूरा विश्वास है | तब भी, व्यक्तिगत कुंडली आप विद्वान ज्योतिषी को दिखाएँ व् पूरे वर्ष का विवरण प्राप्त करें | )

 

मेष लगन/जन्म राशि/प्रसिद्ध नाम राशि: आपके प्रसिद्ध नाम का पहला अक्षर :       चू,चे,चो,ला,ली,लू,ले,लो,  :

 

             मंगल 10 सितम्बर से आपकी अपनी मेष राशि में ही वक्री होकर आप का स्वास्थ्य खराब करेगा 14 नवम्बर तक विशेषकर 4 अक्तूबर से 13 नवम्बर तक   | बी पी आदि पर नजर रखें | चोट दुर्घटना व् खून सम्बन्धी बीमारी,  संक्रमण  से बचें | केतु वृश्चिक राशि में आने से भी स्वास्थ्य समस्या बवासीर आदि होने पर इलाज कराएँ  | 14 नवम्बर के बाद  कष्ट व् रुकावटें आदि समाप्त होंगी  

 

वृष लग्न/राशि            (आपके प्रसिद्ध नाम का पहला अक्षर :,,,,वा,वी,वू,वे,वो ):

 

            मंगल 10 सितम्बर से मेष राशि में  वक्री होकर आपका सिर  दर्द, चोट, बी पी आदि  समस्याएँ बढाएगा व् दवाइयों पर खर्चा करायेगा | अस्पताल का खर्चा  सम्भव है | वक्री मंगल मीन में 4 अक्तूबर से 14 नवम्बर तक आकर आय में कमी, पेट की खराबी कराएगा | बुध तुला में 14-10-20 से 20-11-20 तक वक्री होकर  जॉब-व्यापार आदि में समस्याएँ लायेगा | 23 सितम्बर से राहू वृष राशि  व् केतु वृश्चिक राशि में अनावश्यक क्रोध बढाएगा | पत्नी/पति की सेहत खराब होने पर इलाज से ठीक हो जाएगी |

 

मिथुन लगन/राशि               (आपके प्रसिद्ध नाम का पहला अक्षर:,की,कु,,,,के,को,)

शनि का ढाई वर्ष के लिए ढईया 24 जनवरी 2020 से  चल रहा है जिसमे शरीर पीड़ा, स्त्री-पुत्र को कष्ट, व्यापार में कमी/हानि तथा वितीय समस्याएँ बनी रहती हैं |  |

 

            मंगल 10 सितम्बर से मेष राशि में वक्री होकर पेट खराबी आदि होने से दवा पर  खर्चे कराएगा | 4 अक्तूबर मंगल कार्य जॉब स्थान पर आकर समस्याएँ अधिक खड़ी करेगा | इस अवधि वाहन भी  ध्यान से चलायें |  बुध तुला में 14-10-20 से 20-11-20 तक वक्री होकर  वाहन खराबी दुर्घटना का संकेत देता है, बचाव करें |  23 सितम्बर से राहू वृष राशि में आकर आप को विदेश भेजना चाहेगा |

 

कर्क लगन/राशि (आपके प्रसिद्ध नाम का पहला अक्षर : हि,हु,हे,हो,डा,डी,डू,डे,डो):

 

मंगल मेष राशि में 4 अक्तूबर तक  वक्री  10 सितम्बर से 4 अक्तूबर तक कार्य स्थान जॉब की स्थान पर होने से  होकर जॉब-आय-व्यापार में हानि करेगा | फिर 4 अक्तूबर  से 14 नवम्बर तक वापिस मीन में  वक्री भाग्य स्थान पर आकर स्वास्थ्य समस्या देगा | पत्नी/पति/भाई/साले/सलज/जीजा का स्वास्थ्य भी ढीला सम्भव |  बुध तुला में 14-10-20 से 20-11-20 तक वक्री होकर बुधि हिलाएगा |  वाहन  ध्यान से चलायें |  23 सितम्बर से राहू वृष राशि में आकर धन वृद्धि करेगा व् केतु पेट खराब करेगा – कुत्ते को अपनी झूठी रोटी आदि हर रोज़ दें |

 

सिंह लगन/राशि (आपके प्रसिद्ध नाम का पहला अक्षर:मा,मी,मू,में,मो,टा,टी,टू,टे) :

 

मंगल 10 सितम्बर से मेष राशि में 4 अक्तूबर तक  वक्री  होकर स्वास्थ्य ढीला रखेगा  व् विशेषकर  4 अक्तूबर  से 14 नवम्बर तक वापिस मीन में  वक्री  रहते अधिक कष्ट व् पेट सम्बन्धी समस्याएँ अधिक  देगा | छोटे भाई/भाई/साले/जीजा से अनबन होगी | बुध तुला में 14-10-20 से 20-11-20 तक वक्री होकर घबराहट आदि दे सकता है |  वाहन ध्यान से चलायें |  23 सितम्बर से राहू वृष राशि में आकर धन वृद्धि करेगा व् केतु पत्नी/पति  का स्वास्थ्य  खराब करेगा – कुत्ते को अपनी झूठी रोटी आदि हर रोज़ दें |

 

कन्या लगन/राशि (आपके प्रसिद्ध नाम का पहला अक्षर:टो,पा,पी,पू,,,,पे,पो) :

 

 आठवें घर से मंगल 10 सितम्बर से मेष राशि में 4 अक्तूबर तक  वक्री  होकर  चोट दुर्घटना या रक्त सम्बन्धी समस्या देगा | 4 अक्तूबर से सातवें घर मीन में वक्री मंगल पत्नी/पति को कष्ट देगा | अनावश्यक बेचैनी सम्भव, दवा लें |  भाई/साले/जीजा से अनबन सम्भव | बुध तुला में 14-10-20 से 20-11-20 तक वक्री होकर वाणी खराब करे व् जमा धन खर्च कराए |  वाहन ध्यान से चलायें |  23 सितम्बर से राहू वृष राशि में आकर भाग्य व् कार्यों में थोड़ी रुकावटें खड़ी कर सकता है |  केतु आपको अनावश्यक घबराहट व् चिंता देगा | पत्नी/पति दोनों कुत्ते को अपनी झूठी रोटी आदि हर रोज़ दें | रामबाण  उपाय हैं : ॐ नमः शिवाय, शिव शक्ति की हर सोमवार पूजा, तथा महामृत्युंजय का जाप निरंतर करें |

 

तुला लगन/राशि (आपके प्रसिद्ध नाम का पहला अक्षर :रा,री,रु,रे,रो,ता,ती,तू,ते ) :

शनि का ढाई वर्ष के लिए ढईया 24 जनवरी 2020 से शुरू हो चुका है  जिसमे शरीर पीड़ा, स्त्री-पुत्र को कष्ट, व्यापार में कमी/हानि तथा वितीय समस्याएँ सम्भव हैं  |

 

 सातवें घर पर मंगल 10 सितम्बर से मेष राशि में 4 अक्तूबर तक  वक्री  होकर जीवन साथी/प्रेमी/प्रेमिका  का स्वास्थ्य खराब करेगा व् या सम्बन्धों में खटास लायेगा | 4 अक्तूबर से 13 नवम्बर तक वक्री मंगल बीमारी चोट दुर्घटना आदि दे सकता  विशेषकर  14-10-20 से 20-11-20 तक | बुध तुला में 14-10-20 से 20-11-20 तक गम्भीर चोट दुर्घटना का संकेत देता है |   वाहन ध्यान से चलायें |  23 सितम्बर से राहू वृष राशि में आकर घर से दूर या विदेश भेजेगा, पेट खराब करेगा |  केतु आपको विदेश से लाभ दिलाएगा |

 

वृश्चिक लगन/राशि (आपके प्रसिद्ध नाम का पहला अक्षर:तो,ना,नी,नू,नेनो,या,यी,यू)

 

छ्टे घर (बीमारी के घर में) मंगल 10 सितम्बर से मेष राशि में 4 अक्तूबर तक  वक्री  होकर स्वास्थ्य खराब करेगा व् चोट दुर्घटना करा सकता है  | 4 अक्तूबर से 13 नवम्बर तक वक्री मंगल मीन राशि में होने पर पेट खराब करेगा व् रक्त विकार सम्भव हैं  |  बुध भी तुला में 14-10-20 से 20-11-20 तक वाहन सम्बन्धी समस्या व् धन हानि करेगा  |  23 सितम्बर से राहू वृष राशि में आकर पति/पत्नी में मनमुटाव कराएगा,   केतु  अनजाना बुखार आदि दे सकता है  |

 

धनु लगन/राशि (आपके प्रसिद्ध नाम का पहला अक्षर:ये,यो,भा,भी,भू,धा,,,भे):     

शनि  साढ़ेसाती का तीसरा व् अंतिम चरण 24 जनवरी से शुरू है |

 

पांचवें  घर में मंगल 10 सितम्बर से मेष राशि में 4 अक्तूबर तक  वक्री  होकर पेट खराब करेगा व् खून बहेगा |  4 अक्तूबर से 13 नवम्बर तक वक्री मंगल मीन राशि में होने पर घर प्रॉपर्टी सम्बन्धी समस्या व् परिवार में कटुता दर्शाता है | बुध भी तुला में 14-10-20 से 20-11-20 तक पेट खराबी व् आय में रुकावट कहता है |    23 सितम्बर से राहू वृष राशि में आकर हानि नहीं करेगा व् केतु बीमारी पर खर्चा आदि करा सकता है  |

 

मकर लगन/राशि (आपके प्रसिद्ध नाम का पहला अक्षर :भो,,जा,जी,जे,जो,खा,खी,खु,खे,खो,गा,गी ) : शनि  साढ़ेसातीकाद्वितीयचरणशुरू : 24 जनवरी 2020 से 29 अप्रैल 2022 तक | ज्योतिष नियम अनुसार यह चरण भी कष्टकारी है  |

            चौथे घर मेष में मंगल 10 सितम्बर से 4 अक्तूबर तक  वक्री  होकर बी पी, फ़ूड पाइप, चेस्ट, वाहन, घर/प्लाट आदि की समस्याएँ  दे सकता है |  4 अक्तूबर से 13 नवम्बर तक मीन राशि तीसरे  घर में वक्री मंगल भाई बहनों कजिन जीजा साला से रिश्ते बिगड़ेगा, लड़ाई झगड़ा आदि  सब कुछ सम्भव है  | बुध भी तुला में 14-10-20 से 20-11-20 तक कार्य जॉब आदि में रुकावटें डालेगा |23 सितम्बर 2020  से राहू वृष राशि में आकर पेट खराब करेगा परन्तु कंप्यूटर साइंस, मोबाइल, राजनीति, इतिहास आदि का  ज्ञान बढाएगा  | केतु आय स्थान पर आने पर छिपा धन या छोटी लाटरी से धन दिला सकता है |

      

कुम्भ लगन/राशि (आपके प्रसिद्ध नाम का पहला अक्षर:गु,गे,गो,सा,सी,सु,से,सो,दा  

शनि  साढ़ेसाती का प्रथम चरण 24 जनवरी से शुरू : ज्योतिष नियम अनुसार आप पर शनि  साढ़ेसाती का प्रथम चरण (24 जनवरी 2020 से 29 अप्रैल 2022 तक) कष्टकारी, दूसरा चरण  अप्रैल 2022 से मार्च 2025 तक) लाभकारी व् तीसरा चरण (मार्च 2025 से फरवरी 2028 तक) फिर कष्टकारी होगा | तब भी,  जन्म कुंडली देखकर ही साढ़ेसाती  के शुभाशुभ लाभ हानि का निर्णय करना ठीक होगा | 

 

          तीसरे घर मेष  राशी आपको ज्योतिष में पूरा विश्वास नहीं करने देती | आप या तो कट्टर आस्तिक होंगे या कट्टर नास्तिक | मंगल 10 सितम्बर से 4 अक्तूबर तक  वक्री  होकर भाई बहनों कजिन जीजा साला से रिश्ते बिगड़ेगा, लड़ाई झगड़ा आदि करा सकता है | प्रॉपर्टी विवाद बढ़ेगा व् आपको हानि देकर सुलझेगा | 15 नवम्बर से मंगल इन कार्यों में लाभकारी हो जायेगा |   4 अक्तूबर से 13 नवम्बर तक मीन में वक्री मंगल जमा की हुई पूँजी को उड़ाना शुरू कर देगा  | बुध भी तुला में 14-10-20 से 20-11-20 तक कार्य जॉब आदि में रुकावटें डालेगा व् भाग्य में अवरोध पैदा करेगा | 23 सितम्बर 2020  से राहू वृष राशि में आकर पति/पत्नी के स्वास्थ्य को थोड़ा ढीला  करेगा|  केतु कार्य जॉब स्थान पर लाभ देगा, इनाम दिला सकता है  |

 

मीन लगन/राशि (आपके प्रसिद्ध नाम का पहला अक्षर :दी,दू,,,दे,दो,चा,चि )

 

          दूसरे घर मेष पर मंगल ने बहुत सारा धन जोड़ा हुआ है अथवा भविष्य  में अवश्य जोड़ेगा |   परन्तु मंगल 10 सितम्बर से 4 अक्तूबर तक  वक्री  होकर जमा की हुई पूँजी,  खर्च कराएगा | परिवार में कलह, लड़ाई झगड़ा आदि  सम्भव है | धन-प्रॉपर्टी विवाद होगा  |  4 अक्तूबर से 13 नवम्बर तक लग्न पर मीन राशि  का वक्री मंगल बी पी घटा बढ़ा देगा, चक्कर आना व् चोट आदि सम्भव हैं   | बुध भी तुला में 14-10-20 से 20-11-20 तक पेट व् आँतों सम्बन्धी समस्या देगा  |

      23 सितम्बर 2020  से राहू वृष राशि में आकर स्थान परिवर्तन कराएगा | डरपोक भी व् शेर भी –दोनों स्थितियां बनाएगा |   केतु गुरु के नौवें भाव में लाभदायक रहेगा  |

 

  • विभिन्न  ग्रहों के उपायों के  लिए वेबसाइटwww.panditjksharma.com पर ढूंढें | केवल उचित व् सम्भव उपाय करें |
  • जहाँ तक हो, स्टोन-नग आदि केवल तब पहने जब उस स्टोन-नग का ग्रह वक्री-रेट्रोग्रेड न हो |
  • यदि आप (1) अपनी समस्या व्यक्तिगत रूप से पूछना चाहते हों (2)  आप अपना या  अपने व्यवसाय का मासिक  व्/या वार्षिक फल लिखित में मंगाना चाहते हों (3)  जन्म से सारी उम्र का लिखित फलादेश, विशेष वर्षों में लाभ हानि आदि व् हर स्थिति के लिए उपायों सहित बनवाना चाहते हों  तो आप व्हट्स एप्प 9876042656 पर अपना विवरण (नाम, जन्म की  तारीख, समय व् स्थान जिला)  व् प्रश्न  भेजें जिनका लिखित उत्तर आपको प्राप्त होगा, बताये गये मानदेय देने के बाद |

 

इस लेख सम्बन्धी आपके सुझाव या आलोचना आदि का  स्वागत रहेगा | ज्योतिष का ज्ञान रखने वाले विद्वान  उपरोक्त लेख में कमियां लिखें तो मैं अपने ज्ञान वृद्धि के लिए उनका धन्यवादी होऊंगा  | आलोचना करते हुए अपना तर्क अवश्य दें | केवल आलोचना के लिए आलोचना की आवश्यकता नहीं है | अकारण या नास्तिक होने पर अज्ञानी की तरह टिप्पणी करने से क्या लाभ ? आपके सुझाव आदि का स्वागत है ईमेलजेकेशर्मा2075@जीमेल.कॉम पर |

 

आप सभी के लिए शुभकामनाएं |  बचाव करें, सुरक्षित रहें |  

जय श्री लक्ष्मी नारायण  |