संक्षिप्त वर्षफल 2020
(24 जनवरी से शनि के राशि परिवर्तन प्रभाव सहित)
प्रस्तुत है : आप की प्रसिद्ध नाम राशि पर आधारित आपका संक्षिप्त वर्षफल 2020 व् 24 जनवरी से शनि के मकर राशि में जाने से आप पर क्या प्रभाव होंगे | कई समाचार पत्रों या मैगजीन्स में वर्षफल में केवल शुभ, लाभदायक व् बहुत अच्छा ही लिखा/दिखाया जाता है जबकि वास्तविकता अलग ही होती है | प्रस्तुत लेख में प्रत्येक राशि पर इस वर्ष लाभ व् हानि आदि का संक्षिप्त वर्णन है | -डॉ जे के शर्मा
(गुरु बृहस्पति मकर में 30-3-20, वक्री 14 मई, वापिस धनु में 30 जून से 13 सितम्बर तक, मकर में फिर 20-11-20/ शनि मकर में वक्री 11-5-20 से 29-9-20 तक/शुक्र वृष में वक्री 13-5-20 से 24-6-20 तक/बुध मिथुन में वक्री 18-6-20 तो 12-7-20 तक, /मंगल मेष में वक्री 10-9-20 से, वापिस मंगल वक्री मीन में 4-10-20 से 14-11-20 तक,मार्गी फिर मेष में 24-12-20 से/बुध तुला में वक्री 14-10-20 तो 4-11-20 तक/ 23-9-20 से राहू वृष राशि में तथा केतु वृश्चिक राशि में होंगे | शनि साढ़ेसाती व् शनि के ढईये के प्रभाव भी साथ में होंगे |)
(नोट : शास्त्रों के अनुसार, आपके प्रसिद्ध नाम के अनुसार ही ( आपका प्रसिद्ध नाम जन्म राशि पर आधारित भी हो सकता है) आपको सारी उम्र लाभ हानि कार्य व्यापार प्रमोशन आदि प्राप्त होते हैं | इसलिए, प्रसिद्ध नाम पर आधारित यह भविष्य फल आप पर पूरा सटीक रहेगा, ऐसा पूरा विश्वास है | तब भी, व्यक्तिगत कुंडली आप विद्वान ज्योतिषी को दिखाएँ व् पूरे वर्ष का विवरण प्राप्त करें | )
- यदि आप (1) अपनी समस्या व्यक्तिगत रूप से पूछना चाहते हों (2) आप अपना या अंपने व्यवसाय का मासिक व्/या वार्षिक फल लिखित में मंगाना चाहते हों (3) जन्म से सारी उम्र का लिखित फलादेश, विशेष वर्षों में लाभ हानि आदि व् हर स्थिति के लिए उपायों सहित बनवाना चाहते हों तो आप व्हट्स एप्प 9876042656 पर अपना विवरण (नाम, जन्म की तारीख, समय व् स्थान जिला) व् प्रश्न भेजें जिनका उत्तर आपको प्राप्त होगा, बताये गये मानदेय देने के बाद |
- विभिन्न ग्रहों के उपायों के लिए इसी वेबसाइट पर ढूंढें | केवल उचित व् सम्भव उपाय करें |
- स्टोन-नग आदि केवल तब पहने जब उस स्टोन-नग का ग्रह वक्री-रेट्रोग्रेड न हो |
शनि देव 24 जनवरी 2020 से अपनी ही राशि मकर में आ रहे हैं | जिन लोगों का जन्म कुंडली में शनि ठीक है, वक्री या नीच नहीं है उन्हें लाभ ही होगा | और, यदि कुंडली में शनि जन्म से ही वक्री व्/या नीच राशि मेष का है तो उन जातकों को शनि परिवर्तन कष्टकारी होने के संकेत हैं |
शनि साढ़ेसाती : शनि एक राशि पर ढाई वर्ष रहते हैं | चन्द्र राशि से पहली राशि पर शनि आने पर शनि साढ़ेसाती का पहला चरण शुरू हो जाता है | यहाँ शनि ढाई वर्ष रहता है | जन्म/चन्द्र राशि (जिनकी कुंडली आदि नहीं है तो उनकी प्रसिद्ध नाम राशि) पर शनि आने पर शनि साढ़ेसाती का दूसरा चरण होता है | इन ढाई वर्षों में साढ़ेसाती चरम सीमा पर होती है | इसके बाद, फिर शनि राशि परिवर्तन करके चन्द्र राशि से अगली राशि पर जाने पर साढ़ेसाती का तीसरा चरण होता है | इसकी अवधि समाप्त होने पर, शनि साढ़ेसाती समाप्त हो जाती है | इस तरह साढ़े सात-आठ वर्ष लग जाते हैं क्योंकि हर वर्ष शनि 140 दिन वक्री भी चलता है |
अलग अलग राशि पर साढ़ेसाती के इन तीनों चरणों के अलग अलग प्रभाव होते हैं | (इसी वेबसाइट पर देखें लेख : शनि साढ़ेसाती क्या होती है ?) |
भविष्यफल
2020 के लिए आपका संक्षिप्त भविष्यफल तथा शनि के मकर राशि पर आने पर आपकी राशि पर क्या शुभाशुभ प्रभाव होंगे, नीचे दिया जा रहा है :
मेष लगन/राशि: आपके प्रसिद्ध नाम का पहला अक्षर :चू,चे,चो,ला,ली,लू,ले,लो,अ
लाभ व् सफलताएँ (10 मई 2020 तक) : शनि मकर राशि में आकर आपको उच्च पद, सरकार से सभी लाभ व् सब सुख प्रदान करेगा | व्यापार मनचाहा होता जायेगा | पीछे पीछे मंगल 22 मार्च से व् गुरु बृहस्पति भी 30 मार्च से आकर किसी भी रुकावट को समाप्त कर देंगे हालाँकि गुरु मकर राशि में नीच होकर पूरे लाभ में कमी करना चाहेगा | 10 मई तक आप किसी भी असम्भव कार्य को चुटकियों में कर पाएंगे |
कष्ट व् समस्याएँ (11 मई से 14 नवम्बर तक): 11 मई से शनि मकर में 29 सितम्बर तक, 12 मई से शुक्र वृष में व् गुरु 14 मई से मकर में 29 जून तक वक्री (उलटे) चलने लगेंगे जिससे राज काज में रुकावटें, जॉब में सस्पेंशन या टर्मिनेशन के आसार या अनावश्यक कहा-सुनी/लिखत-पढ्त होगी | व्यापार नीचे ठप्प बैठ जायेगा | पिता/माता का स्वास्थ्य खराब होगा | राशि स्वामी मंगल 21 जून तक मिथुन आदि राशियों में चलता हुआ बचाव करेगा परन्तु 22 जून से मंगल नीच राशि कर्क में कमजोर होकर आपकी सहायता नहीं कर पायेगा | साथ ही बुध 18 जून से मिथुन से वक्री होकर आपको अनावश्यक घबराहट व् परेशानी देगा | आपकी अपनी राशि मेष का स्वामी मंगल 10 सितम्बर से मेष राशि में ही वक्री होकर आप का स्वास्थ्य खराब करेगा 14 नवम्बर तक | बी पी आदि पर नजर रखें | खून न बहे, इसलिए इस अवधि में खून दान करें | बुध तुला में वक्री 14-10-20 से 4-11-20 तक वक्री होकर बुद्धि हिलाएगा | इस दौरान के दान उपाय करें, चोट दुर्घटना आदि से बचें |पिता-माता का स्वास्थ्य ढीला होगा |
राहू वृष राशि में तथा केतु वृश्चिक राशि में 23 सितम्बर से आकर विदेश यात्राएँ अधिक करायेंगे | खान पान का ध्यान रखें, बवासीर होने पर दवा से ठीक हो जायेंगे |
शुभ समय व् उपाय : यों तो 1 अक्तूबर से आपके कार्य आदि सुचारू रूप से चल पड़ेंगे, तब भी आपकी राशि का स्वामी मंगल 14 नवम्बर के बाद ही रुकावटें आदि समाप्त कर पायेगा | 11 मई से 14 नवम्बर तक ॐ नमः शिवाय का जाप तथा शनि, गुरु व् मंगल के दान उपाय आदि अवश्य कर लें |
वृष लग्न/राशि (आपके प्रसिद्ध नाम का पहला अक्षर :ई,उ,ए,ओ,वा,वी,वू,वे,वो ):
लाभ व् सफलताएँ (10 मई 2020 तक) : मकर राशि का शनि आपका भाग्य उदय करेगा | वित्तीय स्थिति ठीक होनी शुरू होगी | 22 मार्च से मंगल भी भाग्य को चमकाने में सहयोग देगा | गुरु बृहस्पति 30 मार्च से अपने नोवें घर में आकर शनि मंगल के साथ मिलकर आपको उचित लाभ व् सुख देंगे | लग्न स्वामी शुक्र भी 28 मार्च से 12 मई तक असम्भव से असम्भव कार्य भी अति शीघ्र सम्पन्न कराएगा व् खुशियाँ देगा |
कष्ट व् समस्याएँ (11 मई से 14 नवम्बर तक): आपकी राशि का स्वामी शुक्र, वृष लग्न में ही 12 मई से 25 जून तक वक्री होकर आप को शूगर, प्राइवेट पार्ट्स, शुभ में अशुभ/कष्ट-दुःख आदि देगा | कोई कमी रह जाएगी तो 11 मई से शनि मकर में 29 सितम्बर तक व् गुरु 14 मई से मकर में 29 जून तक वक्री (उलटे) चलने पर जो इस वर्ष अभी तक प्राप्त किया होगा, वहीं पर रोक लगा कर बैठ जायेंगे | रूकावटे शुरू, परिवार में पत्नी/सन्तान व् स्वयम को भी कष्ट आदि सम्भव होगा | पिता को कष्ट सम्भव | बुध 18 जून से मिथुन में वक्री होकर आपका अनावश्यक खर्च बढ़ाएगा | मंगल 10 सितम्बर से मेष राशि में व् 4 अक्तूबर से 14 नवम्बर तक वापिस मीन में वक्री होकर आपका सिर दर्द, चोट, बी पी आदि समस्याओं से अस्पताल का खर्चा कराएगा | खून न बहे, इसलिए इस अवधि में खून दान करें या खून खरीद कर गरीब मरीज़ की सहायता करें | बुध तुला में वक्री 14-10-20 से 4-11-20 तक वक्री होकर जॉब-व्यापार आदि में समस्याएँ लायेगा | इस दौरान चोट दुर्घटना आदि से बचें | आदि अवश्य कर लें |
23 सितम्बर से राहू वृष राशि में आकर आपके विचारों व् कार्यों में तीव्रता लायेगा तथा किसी भी ढंग से आय बढ़ाएगा यदि कुंडली में शनि मार्गी है | इसी तारीख से, केतु वृश्चिक राशि में आकर पत्नी/पति की सेहत खराब करेगा जो दवा से ठीक हो जाएगी |
शुभ समय व् उपाय : वैसे तो 4 अक्तूबर से आपके कार्य आदि सुचारू रूप से चल पड़ेंगे, परन्तु मंगल 14 नवम्बर के बाद ही आपके कार्य आदि सामान्य करेगा | 11 मई से 14 नवम्बर तक ॐ नमः शिवाय का जाप तथा शुक्र, शनि व् गुरु के दान उपाय
मिथुन लगन/राशि (आपके प्रसिद्ध नाम का पहला अक्षर:क,की,कु,घ,ड,छ,के,को,ह)
शनि का ढाई वर्ष के लिए ढईया 24 जनवरी से शुरू होगा जिसमे शरीर पीड़ा, स्त्री-पुत्र को कष्ट, व्यापार में कमी/हानि तथा वितीय समस्याएँ सम्भव |
लाभ व् सफलताएँ (10 मई 2020 तक) : मिथुन लग्न व्/या मिथुन राशि के नाम के अनुसार, शनि आप की कुंडली के आठवें घर में आकर वित्तीय स्थिति डावांडोल करेगा | 22 मार्च से मंगल व् 30 मार्च से गुरु बृहस्पति भी आठवें घर में आकर शनि के साथ बैठ कर आपके लाभ आदि पर ब्रेक लगा देंगे | शनि इस घर में अप्रैल 2022 तक रहकर धन कहीं इन्वेस्ट कराएगा व् इन कारणों से दो वर्ष धन का थोड़ा अभाव सम्भव रहेगा |
कष्ट व् समस्याएँ (11 मई से 14 नवम्बर तक): शनि 11 मई से मकर में 29 सितम्बर तक व् गुरु 14 मई से मकर में 29 जून तक वक्री (उलटे) चलने पर आपके पेट का बुरा हाल कर देंगे, अभी से सावधान हो जाएँ | धन की कमी व् पत्नी/सन्तान व् स्वयम की चिंता बढ़ेगी | आपकी राशि का स्वामी बुध 18 जून से 12 जुलाई तक मिथुन में वक्री होकर आपकी बुद्धि खराब कर देगा, वाहन ध्यान से चलायें, चोट दुर्घटना से बचें, जॉब या व्यापार में समस्याएँ व् घाटा सम्भव | विदेश के लिए सोचेंगे व् प्रयास करने पर सफल भी होंगे | मंगल 10 सितम्बर से मेष राशि में वक्री फिर 4 अक्तूबर से 14 नवम्बर तक वापिस मीन में वक्री होकर पेट खराबी आदि होने से अस्पताल के खर्चे कराएगा | इस अवधि में खून दान करें या खून खरीद कर गरीब मरीज़ के लिए दान करें | बुध तुला में वक्री 14-10-20 से 4-11-20 तक वक्री होकर सन्तान को कष्ट दे सकता है |
23 सितम्बर से राहू वृष राशि में आकर आप को क्रोधी बना सकता है, विचार व् कल्पनाएँ बढ़ेंगी | विदेश की तैयारी कर लें तथा यात्रा करें | सही गलत ढंग से आय के योग बनेगे | इसी समय, केतु वृश्चिक राशि में स्वास्थ्य थोड़ा ढीला कर सकता है जो दवा से ठीक हो जायेगा |
शुभ समय व् उपाय: 4 अक्तूबर से आपके कार्य आदि सुचारू रूप से चल पड़ेंगे, परन्तु मंगल 14 नवम्बर के बाद ही आपके कार्य आदि सामान्य करेगा | 11 मई से 14 नवम्बर तक ॐ नमः शिवाय का जाप तथा बुध, शनि व् गुरु के दान उपाय आदि अवश्य कर लें |
कर्क लगन/राशि (आपके प्रसिद्ध नाम का पहला अक्षर : हि,हु,हे,हो,डा,डी,डू,डे,डो):
लाभ व् सफलताएँ (10 मई 2020 तक): कुंडली के सातवें घर में शनि 24 जनवरी से, 22 मार्च से मंगल व् 30 मार्च से गुरु बृहस्पति आकर वारे न्यारे करेंगे | मनचाही प्रमोशन, जॉब, आय व् व्यापार आदि सब मिलेंगे | यहाँ शनि अप्रैल 2022 तक रहकर सभी सुख सुविधाएँ आदि प्रदान करगा विशेषकर यदि कुंडली में शुक्र की स्थिति ठीक है | परन्तु, जन्म से शुक्र वक्री या नीच होने पर/या जन्म से शनि वक्री या नीच होने पर वैवाहिक जीवन या प्रेम प्रसंग में समस्याएँ देगा | अन्यथा इन दो वर्षों में चारों ओर से लाभ व् सुख आदि होगा |
कष्ट व् समस्याएँ (11 मई से 14 नवम्बर तक): याद रहे कि शनि हर वर्ष 120 दिन के वक्री अवश्य होता है | 2020 में शनि 11 मई से मकर में 29 सितम्बर तक व् गुरु 14 मई से मकर में 29 जून तक वक्री (उलटे) चलने पर इस दौरान में आपको अस्वस्थ करेंगे, आय-जॉब-व्यापार में अधिकाधिक रुकावटें खड़ी कर देंगे | पत्नी/पति का स्वास्थ्य ढीला होगा विशेषकर जब शुक्र 12 मई से 25 जून तक वृष में वक्री होगा |
आपकी राशि का स्वामी चन्द्रमा यदि नीच राशि वृश्चिक का है या आपका जन्म अमावस का है या चन्द्र अच्छा होकर भी आठवें/बाहरवें घर में है तो आपको समस्याएँ आदि अधिक आएँगी | बुध 18 जून से 12 जुलाई तक मिथुन में वक्री होकर आपके अनावश्यक खर्चे कराएगा | मंगल 10 सितम्बर से मेष राशि में 4 अक्तूबर तक वक्री होकर जॉब-आय-व्यापार में हानि करेगा | फिर 4 अक्तूबर से 14 नवम्बर तक वापिस मीन में वक्री रहते रुकावटें बनाये रखेगा | पत्नी/पति/भाई/साले/जीजा का स्वास्थ्य भी ढीला सम्भव | इस अवधि में खून दान करें या खून खरीद कर गरीब मरीज़ के लिए दान करें | बुध तुला में वक्री 14-10-20 से 4-11-20 तक वक्री होकर वाहन व् स्वास्थ्य का खर्चा करा सकता है |
23 सितम्बर से राहू वृष राशि में आकर सही गलत ढंग से आय के योग बनाएगा | इसी समय, केतु वृश्चिक राशि में आकर पेट खराब करेगा व् सन्तान को बीमार आदि कर सकता है | केतु के उपाय करें |
शुभ समय व् उपाय : 4 अक्तूबर से आपके कार्य आदि सुचारू रूप से चल पड़ेंगे | मंगल 14 नवम्बर से मार्गी होकर रुकी हुई समस्याएँ निबटा देगा |11 मई से 14 नवम्बर तक ॐ नमः शिवाय का जाप, महामृत्युंजय जप तथा चन्द्र, शनि व् गुरु के दान उपाय आदि अवश्य कर लें |
सिंह लगन/राशि (आपके प्रसिद्ध नाम का पहला अक्षर:मा,मी,मू,में,मो,टा,टी,टू,टे) :
लाभ व् सफलताएँ (10 मई 2020 तक): आपकी कुंडली के छ्टे घर (बुध के घर – बीमारी चोट दुर्घटना के घर) में शनि 24 जनवरी से अप्रैल 2022 तक विराजमान होंगे | 22 मार्च से मंगल व् 30 मार्च से गुरु बृहस्पति भी आकर साथ में विराजेंगे | गुरु यहाँ मकर राशि में नीच हो जायेगा | सामान्य जीवन चलेगा | अचानक ही लाभ या प्रमोशन के योग बनेगे यदि जन्म से ही शनि व् गुरु मार्गी हुए | यदि शनि जन्म से वक्री होगा तो कोर्ट केस, वितीय समस्याएँ, बैंक समस्याएँ आदि आएँगी व् बीमारी चोट आदि आपके अस्पताल के खर्चे कराएंगी ही |
कष्ट व् समस्याएँ (11 मई से 14 नवम्बर तक): 2020 में शनि 11 मई से मकर में 29 सितम्बर तक व् गुरु 14 मई से मकर में 29 जून तक वक्री (उलटे) चलने पर इस दौरान में आपको अस्वस्थ करेंगे, आय-जॉब-व्यापार में अधिकाधिक रुकावटें खड़ी कर देंगे | गुरु जन्म से वक्री हो तो भी व् न हो तो भी, गुरु के वक्र काल में सांस-दमा जैसी समस्या आएगी | शनि हर वर्ष 120 दिन के वक्री अवश्य होता है | वक्री शुक्र भी 12 मई से 25 जून तक स्वास्थ्य खराब करेगा | अपने स्वास्थ्य, सेहत व् शरीर का पूरा ध्यान रखें व् दवा-इलाज में देरी न करें | प्राइवेट पार्ट्स, शूगर, नसों का दर्द व् कोई भी भयंकर या सामान्य बुखार आदि सम्भव हैं | आपकी राशि का स्वामी सूर्य मजबूत होकर भी वक्री ग्रहों के नकारात्मक प्रभाव को कम ही रोकता है | बुध 18 जून से 12 जुलाई तक मिथुन में वक्री होकर पेट खराब करेगा | मंगल 10 सितम्बर से मेष राशि में 4 अक्तूबर तक वक्री होकर स्वास्थ्य ढीला रखेगा व् फिर 4 अक्तूबर से 14 नवम्बर तक वापिस मीन में वक्री रहते अधिक कष्ट व् पेट सम्बन्धी समस्याएँ देगा | भाई/साले/जीजा से अनबन होगी | इस अवधि में खून खरीद कर गरीब मरीज़ के लिए दान करें व् यदि सम्भव हो तो अपना खून दान करें | बुध तुला में वक्री 14-10-20 से 4-11-20 तक वक्री होकर घबराहट या डिप्रेशन दे सकता है |
23 सितम्बर से राहू वृष राशि में आकर विभिन्न ढंग से आय के योग बनाएगा | इसी समय से, केतु वृश्चिक राशि में आकर पत्नी/पति की सेहत खराब करेगा | केतु के उपाय करने जरूरी होंगे |
शुभ समय व् उपाय : 15 नवम्बर ही आपके लिए समय सही व् लाभकारी बनेगा | 11 मई से 14 नवम्बर तक आप ॐ नमः शिवाय का जाप व् बहुत आवश्यक है महामृत्युंजय जप आप करें या किसी से कराएँ | बुध, शनि, गुरु व् सूर्य के दान उपाय करने से बचाव का रास्ता बनेगा |
कन्या लगन/राशि (आपके प्रसिद्ध नाम का पहला अक्षर:टो,पा,पी,पू,ष,ण,ठ,पे,पो) :
लाभ व् सफलताएँ (10 मई 2020 तक): आपकी कुंडली के पांचवें घर- सूर्य के घर में शनि 24 जनवरी से अप्रैल 2022 तक रहेंगे | अपने पिता सूर्य के घर में शनि आपको विद्वान्, ज्ञानी व् आध्यात्मिक बनाएगा | विदेश यात्रा की तैयारी कर लें | 22 मार्च से मंगल व् 30 मार्च से गुरु बृहस्पति भी आकर साथ में विराजेंगे हालाँकि गुरु यहाँ मकर राशि में नीच हो जायेगा | पेट व् खाने पीने का ध्यान रखें | प्रमोशन व् लाभ प्राप्त होंगे जन्म से ही शनि व् गुरु मार्गी होने पर |
कष्ट व् समस्याएँ (11 मई से 14 नवम्बर तक): शनि 11 मई 2020 से मकर में 29 सितम्बर तक व् गुरु 14 मई से मकर में 29 जून तक वक्री (उलटे) चलने पर आपके पेट का बुरा हाल करेंगे | कम्पटीशनज़ में असफलता, आय में रुकावट व् धन की कमी या हानि के योग बनेगे | बिना वेतन रहना पड़ सकता है | वक्री शुक्र भी 12 मई से 25 जून तक वक्री होकर भाग्य में रुकावट रखेगा | अपने स्वास्थ्य, सेहत व् शरीर का पूरा ध्यान रखें व् दवा-इलाज में देरी न करें | कमर दर्द, नसों का दर्द व् पेट की इन्फेक्शन आदि सम्भव हैं | आपकी राशि का स्वामी बुध 18 जून से 12 जुलाई तक मिथुन में वक्री होकर जॉब-कार्य-व्यापार में हानि करेगा | आठवें घर से मंगल 10 सितम्बर से मेष राशि में 4 अक्तूबर तक वक्री होकर चोट दुर्घटना या रक्त सम्बन्धी समस्या देगा | भाई/साले/जीजा से अनबन सम्भव | इस अवधि में खून खरीद कर गरीब मरीज़ के लिए दान करें व् यदि सम्भव हो तो अपना खून दान करें | बुध तुला में वक्री 14-10-20 से 4-11-20 तक वक्री होकर आपका संग्रहित धन बेकार में खर्च कराएगा |
23 सितम्बर से राहू वृष राशि में आकर भाग्य में अवरोध बना सकता है | इसी समय से, केतु वृश्चिक राशि में आकर अनावश्यक घबराहट देगा |
शुभ समय व् उपाय: केतु के उपाय करने जरूरी होंगे | आपके लिए समय 15 नवम्बर से सही व् लाभकारी बनेगा | बुध, शनि, व् केतु के दान उपाय करने से बचाव होगा | ॐ नमः शिवाय का जाप लाभ देगा |
तुला लगन/राशि (आपके प्रसिद्ध नाम का पहला अक्षर :रा,री,रु,रे,रो,ता,ती,तू,ते ) :
शनि का ढाई वर्ष के लिए ढईया 24 जनवरी से शुरू होगा जिसमे शरीर पीड़ा, स्त्री-पुत्र को कष्ट, व्यापार में कमी/हानि तथा वितीय समस्याएँ सम्भव |
लाभ व् सफलताएँ (10 मई 2020 तक): आपकी कुंडली के चौथे घर- चन्द्र के घर( शैया/पत्नी/पति सुख का घर) में शनि 24 जनवरी से अप्रैल 2022 तक रहेंगे | शनि व् चन्द्र आपस में शत्रु हैं | जब तक शनि शांत होगा, समय चलता रहेगा | जॉब में प्रमोशन व् लाभ के योग बनेंगे | 22 मार्च से मंगल व् 30 मार्च से गुरु बृहस्पति भी यहाँ आकर सहज ही रखेंगे जबकि गुरु यहाँ मकर राशि में नीच हो जायेगा |
कष्ट व् समस्याएँ (11 मई से 14 नवम्बर तक): परन्तु, शनि 11 मई 2020 से मकर में 29 सितम्बर तक व् गुरु 14 मई से मकर में 29 जून तक वक्री (उलटे) चलने पर पति/पत्नी सुख में बाधा करेंगे | पति या पत्नी को दूर यात्रा पर जाना पड़ सकता है | यदि कुंडली में शनि या गुरु या दोनों वक्री हों तो पति-पत्नी के बीच विच्छेद/तलाक/अलग रहने के योग बन सकते हैं | जॉब-व्यापार में समस्याएं उभरेंगी | विदेश यात्रा भी सम्भव है | आपकी राशि का स्वामी शुक्र भी 12 मई से 25 जून तक वक्री होकर पेट खराब करेगा व् प्राइवेट पार्ट्स, शूगर आदि की समस्या देगा | बुध 18 जून से 12 जुलाई तक मिथुन में वक्री होकर कार्यों में रुकावटें करेगा | सातवें घर पर मंगल 10 सितम्बर से मेष राशि में 4 अक्तूबर तक वक्री होकर जीवन साथी/प्रेमी/प्रेमिका का सम्बन्धों में खटास लायेगा | 4 अक्तूबर से 13 नवम्बर तक वक्री मंगल चोट दुर्घटना आदि देगा | अच्छा हो, इस अवधि में खून खरीद कर गरीब मरीज़ के लिए दान करें व् यदि सम्भव हो तो अपना खून दान करें | बुध लग्न पर आकर तुला में 14-10-20 से 4-11-20 तक वक्री होकर बुद्धि खराब करके गलत निर्णय करवाएगा |
23 सितम्बर से राहू वृष राशि में आकर विदेश या घर से दूर जाने के लिए विवश करेगा | केतु वृश्चिक राशि में होने पर विदेशी लाटरी या देसी लाटरी से आय होने के थोड़े योग बना सकता है | तब भी, चोट दुर्घटना का योग दीखता है, बचाव करें |
शुभ समय व् उपाय: समय 15 नवम्बर से सही व् लाभकारी बनेगा | मंगल, गुरु, शनि, व् शुक्र के दान करें | ॐ नमः शिवाय का जाप लाभ देगा |
वृश्चिक लगन/राशि (आपके प्रसिद्ध नाम का पहला अक्षर:तो,ना,नी,नू,नेनो,या,यी,यू)
लाभ व् सफलताएँ (10 मई 2020 तक): शनि साढ़ेसाती 24 जनवरी से समाप्त हो रही है |
आपकी कुंडली के तीसरे घर में शनि 24 जनवरी से अप्रैल 2022 तक रहेंगे व् आपको आत्मबल भी देंगे व् यदि जन्म से शनि या बुध वक्री हुआ तो हृदय में घबराहट भी देंगे | जॉब में प्रमोशन व् लाभ आदि के योग बनेंगे | गुरु यहाँ मकर राशि में आकर नीच हो जायेगा
कष्ट व् समस्याएँ (11 मई से 14 नवम्बर तक): शनि 11 मई 2020 से मकर में 29 सितम्बर तक व् गुरु 14 मई से मकर में 29 जून तक वक्री (उलटे) चलने पर आपको घबराहट में ऑपरेशन आदि कराने की राय देंगे | स्थान/निवास परिवर्तन के योग हैं | विदेश यात्रा सम्भव है | शुक्र 12 मई से 25 जून तक वृष में वक्री होकर साथी के स्वास्थ्य को प्रभावित कर सकता है | बुध 18 जून से 12 जुलाई तक मिथुन में वक्री होकर आय-धन-व्यापार व् पेट सम्बन्धी समस्याएँ देगा | आपकी राशि का स्वामी मंगल मेष में 10 सितम्बर से 4 अक्तूबर तक वक्री होकर चोट दुर्घटना दे सकता है | 4 अक्तूबर से 13 नवम्बर तक वक्री मंगल चोट दुर्घटना आदि देगा | अच्छा हो, इस अवधि में खून खरीद कर गरीब मरीज़ के लिए दान करें व् यदि सम्भव हो तो अपना खून दान करें | बुध तुला में वक्री 14-10-20 से 4-11-20 तक वक्री होकर धन हानि, धोखा व् चोरी आदि का संकेत देता है |
23 सितम्बर से राहू वृष राशि में आकर विदेश या घर से दूर जाने के लिए विवश करेगा | केतु वृश्चिक राशि में होने पर विदेशी लाटरी या देसी लाटरी से आय होने के थोड़े योग बना सकता है | तब भी, चोट दुर्घटना का योग दीखता है, बचाव करें |
शुभ समय व् उपाय: समय 15 नवम्बर से सही व् लाभकारी बनेगा | मंगल, गुरु, शनि, व् केतु के दान करें | ॐ नमः शिवाय का जाप लाभ देगा |
धनु लगन/राशि (आपके प्रसिद्ध नाम का पहला अक्षर:ये,यो,भा,भी,भू,धा,फ,ढ,भे):
लाभ व् सफलताएँ (10 मई 2020 तक) : शनि साढ़ेसाती का तीसरा व् अंतिम चरण 24 जनवरी से शुरू है | आपकी कुंडली के दूसरे घर में शनि 24 जनवरी से अप्रैल 2022 तक रहेंगे जो आपकी आय वृद्धि करेंगे व् धन जोड़ेंगे | नई जॉब या जॉब में प्रमोशन व् लाभ आदि प्राप्त होंगे | विदेश यात्रा अवश्य करें, नीलम पहन कर अति उत्तम लाभ होंगे |
कष्ट व् समस्याएँ (11 मई से 14 नवम्बर तक) : गुरु यहाँ मकर राशि में आकर नीच हो जायेगा जिससे पति/पत्नी से अनबन या थोड़े समय के लिए दूरी सम्भव है | शनि 11 मई 2020 से मकर में 29 सितम्बर तक व् गुरु 14 मई से मकर में 29 जून तक वक्री (उलटे) चलने पर आप के संग्रहित धन से अधिक खर्चे करवाएगा | स्थान/निवास परिवर्तन होना ही है | शुक्र 12 मई से 25 जून तक वृष में वक्री होकर प्राइवेट पार्ट्स या शूगर सम्बन्धी समस्या बढ़ा सकता है | बुध 18 जून से 12 जुलाई तक मिथुन में वक्री होकर जॉब व्/या व्यापार में समस्याएँ बना देगा |
मेष में मंगल 10 सितम्बर से 4 अक्तूबर तक वक्री होकर से पेट सम्बन्धी समस्या दे सकता है | 4 अक्तूबर से 13 नवम्बर तक वक्री मंगल चोट दुर्घटना आदि भी दे सकता है | इस अवधि में खून खरीद कर गरीब मरीज़ के लिए दान करें व् यदि सम्भव हो तो अपना खून दान करें | बुध तुला में वक्री 14-10-20 से 4-11-20 तक वक्री होकर आय में अवरोध पैदा करेगा |
23 सितम्बर 2020 से 10 अप्रैल 2022 तक राहू वृष राशि में आकर व् केतु वृश्चिक राशि में होने पर अनावश्यक खर्चे बढ़ेंगे व् बीमारी/बुखार/चोट आदि पर धन व्यय होगा, बचाव करें | वाहन आदि ध्यान से चलायें, दुर्घटना से बचें |
शुभ समय व् उपाय : 15 नवम्बर से समय सही होगा | श्री लक्ष्मी नारायण व् विष्णु सहस्त्र नाम का जाप कल्याण करेगा | महामृत्युंजय जप अवश्य करें या करवाएं | शनि, गुरु, मंगल, व् केतु के दान करें
मकर लगन/राशि (आपके प्रसिद्ध नाम का पहला अक्षर :भो,ज,जा,जी,जे,जो,खा,खी,खु,खे,खो,गा,गी ) : शनि साढ़ेसाती का द्वितीय चरण शुरू : 24 जनवरी 2020 से 29 अप्रैल 2022 तक | ज्योतिष नियम अनुसार यह चरण भी कष्टकारी है | परन्तु,
लाभ व् सफलताएँ (10 मई 2020 तक) : आपकी कुंडली के पहले घर- लग्न पर मकर राशि पर शनि 24 जनवरी से अप्रैल 2022 तक आकर आपको महाबली बना देंगे (यदि शनि जन्म से वक्री या नीच नहीं है) | सभी लोग आपको स्वीकारेंगे | आप जो कहेंगे वह नियम-रूल बन जायेगा | शनि प्रमोशन आदि देकर आय वृद्धि करेंगे व् अच्छा पद, प्रतिष्ठा व् धन देंगे | नई लाभकारी जॉब प्राप्त करें | विदेश यात्रा करें व्/या तैयारी करें | टेस्ट करके नीलम पहनें व् अति उत्तम लाभ उठायें |
कष्ट व् समस्याएँ (11 मई से 14 नवम्बर तक) : गुरु लग्न पर मकर राशि में आकर नीच हो जायेगा जो स्वास्थ्य सम्बन्धी समस्याएँ उभरेगा | शनि 11 मई 2020 से मकर में 29 सितम्बर तक व् गुरु 14 मई से मकर में 29 जून तक वक्री (उलटे) चलने पर आप के लिए घातक हो सकते हैं | अस्पताल का खर्चा सम्भव | शुक्र 12 मई से 25 जून तक वृष में वक्री होकर पेट को ठीक नहीं रहने देगा | बुध 18 जून से 12 जुलाई तक मिथुन में वक्री होकर स्वास्थ्य ही बिगड़ेगा | मेष में मंगल 10 सितम्बर से 4 अक्तूबर तक वक्री होकर चेस्ट, वाहन, घर/प्लाट आदि की समस्याएँ देगा व् 4 अक्तूबर से 13 नवम्बर तक वक्री मंगल पेट खराब करेगा ही | इस अवधि में खून खरीद कर गरीब मरीज़ के लिए दान करें व् यदि सम्भव हो तो अपना खून दान करें | बुध तुला में वक्री 14-10-20 से 4-11-20 तक वक्री होकर जॉब-व्यापार व् आय में अवरोध पैदा करेगा |
23 सितम्बर 2020 से 10 अप्रैल 2022 तक राहू वृष राशि में आकर पेट खराब रखे परन्तु कंप्यूटरस में टॉप कराएगा | केतु वृश्चिक राशि में होने पर छिपा धन या छोटी लाटरी से धन दिलाना चाहेगा |
शुभ समय व् उपाय : टेस्ट करके नीलम पहनें व् अति उत्तम लाभ उठायें | 1 अक्तूबर/15 नवम्बर से समय सही होगा | स्वयम महामृत्युंजय जप करें या किसी विद्वान से कराएँ | शनि, मंगल, व् गुरु के दान करें |
कुम्भ लगन/राशि (आपके प्रसिद्ध नाम का पहला अक्षर:गु,गे,गो,सा,सी,सु,से,सो,दा
शनि साढ़ेसाती का प्रथम चरण 24 जनवरी से शुरू : ज्योतिष नियम अनुसार आप पर शनि साढ़ेसाती का प्रथम चरण (24 जनवरी 2020 से 29 अप्रैल 2022 तक) कष्टकारी, दूसरा चरण अप्रैल 2022 से मार्च 2025 तक) लाभकारी व् तीसरा चरण (मार्च 2025 से फरवरी 2028 तक) फिर कष्टकारी होगा | तब भी, जन्म कुंडली देखकर साढ़ेसाती प्रभाव में बदलाव देखने को मिलते हैं |
लाभ व् सफलताएँ (10 मई 2020 तक) : आपकी कुंडली के बाहरवें (खर्चे व् मोक्ष के घर में ) मकर राशि पर शनि आकर आपकी विचारधारा में बदलाव लायेगा | विदेश यात्रा होगी या यात्रा के योग बनेंगे | जॉब-व्यापार आदि सामान्य चलेंगे, प्रमोशन या व्यापार बढ़ोत्तरी के योग बनेगे, पूरी सफलता संदेहजनक है | नई लाभकारी जॉब विदेश में या घर से दूर सम्भव है | सफलताओं के लिए टेस्ट करके नीलम पहनें, सूट करने पर कष्ट कम व् लाभ अधिक होंगे
कष्ट व् समस्याएँ (11 मई से 14 नवम्बर तक) : इस अवधि में बाहरवें घर का शनि आपके खर्चे, चोट, दुर्घटना, धन हानि, धोखा, धन का धोखा, बीमारी आदि प्रदान करेगा (यदि शनि जन्म से वक्री या नीच है तो हानि अधिक होगी (विशेषकर बूढ़े/अधिक आयु के लोगों के लिए समय जाने का हो सकता है |) गुरु यहाँ आकर नीच हो जायेगा जो सांस–दमे-थाईराइड आदि स्वास्थ्य समस्याएँ देगा | आँख खराब होंगी | शनि 11 मई 2020 से मकर में 29 सितम्बर तक व् गुरु 14 मई से मकर में 29 जून तक वक्री (उलटे) चलने पर आप के लिए घातक हो सकते हैं | दवा इलाज आदि का खर्चा तो शुरू हो ही चुका होगा | शुक्र 12 मई से 25 जून तक वृष में वक्री, बुध 18 जून से 12 जुलाई तक मिथुन में वक्री व् मेष में मंगल 10 सितम्बर से 13 नवम्बर तक वक्री होकर स्वास्थ्य समस्याएँ बढ़ाएंगे | इस अवधि में खून खरीद कर गरीब मरीज़ के लिए दान करें व् यदि सम्भव हो तो अपना खून दान करें | बुध तुला में वक्री 14-10-20 से 4-11-20 तक वक्री होकर रुकावटें ही पैदा करेगा | 23 सितम्बर 2020 से 10 अप्रैल 2022 तक राहू वृष राशि में आकर पति/पत्नी का स्वास्थ्य ढीला रखेगा | केतु वृश्चिक राशि में न चाहते हुए भी मान सम्मान या पारितोषिक दिला सकता है |
शुभ समय व् उपाय : 1 अक्तूबर से व् सही ढंग से समय 15 नवम्बर से सही होगा | सफलताओं के लिए टेस्ट करके नीलम पहनें, सूट करने पर कष्ट कम व् लाभ अधिक होंगे | ॐ नमः शिवाय का जाप व् महामृत्युंजय जप स्वयम करें या किसी विद्वान से कराएँ | शनि, गुरु व् मंगल के दान करें |
मीन लगन/राशि (आपके प्रसिद्ध नाम का पहला अक्षर :दी,दू,थ,झ,दे,दो,चा,चि )
लाभ व् सफलताएँ (10 मई 2020 तक) : आपकी कुंडली के ग्यारवें में शनि आकर आपका रुका हुआ धन, प्रमोशन आदि दिलाएगा | जॉब-व्यापार में धन-लाभ में वृद्धि होगी | नई लाभकारी जॉब के योग बनेंगे | नीलम व् पीला फुख्राज पहने तो लाभ अधिक होंगे
कष्ट व् समस्याएँ (11 मई से 14 नवम्बर तक) : शनि 11 मई 2020 से मकर में 29 सितम्बर तक व् गुरु 14 मई से मकर में 29 जून तक वक्री (उलटे) चलने पर पेट तो खराब करेगा ही | आय में कटौती या बिना वेतन छुट्टी लेनी पड़ सकती है | गुरु नीच हो कर पुत्र/सन्तान को कष्ट व् असफलताएं दे सकता है | शुक्र 12 मई से 25 जून तक वृष में वक्री होकर निराशा व् डिप्रेशन के साथ शूगर आदि समस्या दे सकता है | बुध 18 जून से 12 जुलाई तक मिथुन में वक्री होकर वाहन-दुर्घटना का संकेत देता है | मेष में मंगल 10 सितम्बर से 13 नवम्बर तक वक्री होकर आपका जमा धन बिमारी आदि पर खर्च कराएगा | अच्छा हो कि खून खरीद कर गरीब मरीज़ के लिए दान करें व् यदि सम्भव हो तो अपना खून दान करें जिससे आपको चोट आदि में अपना खून न बहाना पड़े | बुध तुला में वक्री 14-10-20 से 4-11-20 तक वक्री दुर्घटनाएं व् रुकावटें पैदा करेगा | 23 सितम्बर 2020 से 10 अप्रैल 2022 तक राहू वृष राशि में आकर अनावश्यक घबराहट/निराशा/डिप्रेशन/नकारात्मक विचार बढ़ाएगा | केतु वृश्चिक में आकर शुभ कार्यों व् प्रगति में रुकावट/देरी दिखायेगा |
शुभ समय व् उपाय : 15 नवम्बर से समय लाभकारी होगा | नीलम व् पीला फुख्राज पहनने से लाभ अधिक होंगे | श्री लक्ष्मी नारायण व् विष्णु सहस्त्र नाम का जाप व् ॐ नमः शिवाय का जाप स्वयम करें | गुरु, शनि व् मंगल के दान करें |
- इस लेख सम्बन्धी आपके सुझाव या आलोचना आदि का स्वागत रहेगा | ज्योतिष का ज्ञान रखने वाले विद्वान उपरोक्त लेख में कमियां लिखें तो मैं अपने ज्ञान वृद्धि के लिए उनका धन्यवादी होऊंगा | आलोचना करते हुए अपना तर्क अवश्य दें | केवल आलोचना के लिए आलोचना की आवश्यकता नहीं है | अकारण या नास्तिक होने पर अज्ञानी की तरह टिप्पणी करने से क्या लाभ ? आपके सुझाव आदि का स्वागत है ईमेलजेकेशर्मा2075@जीमेल.कॉम पर |
- यदि आपने कोई प्रश्न या वर्षफल आदि पता करना है तो मेरे व्हट्स एप्प नम्बर 9876042656 पर अपना विवरण (नाम, जन्म की तारीख, समय व् स्थान-जिला) व् प्रश्न भेजें | आपको, बताये गये मानदेय देने के बाद, आपके प्रश्नों का उत्तर मिल जायेगा |
आप सभी के लिए शुभकामनाएं | जय श्री लक्ष्मी नारायण |