आपकी नाम राशि व् जन्म राशि में अंतर

                     -डॉ जे के शर्मा    
                        98760 42656  

 

(आप जिस नाम से नौकरी या व्यापार आदि कर रहे हैं, उस राशि के शुभ-अशुभ गुण आप में स्वत: ही प्राकृतिक ढंग से आ जाते हैं | आपकी राशि के स्वामी ग्रह के गुण आपमें विद्यमान हैं, आप चेक कर सकते हैं |)

 

    प्राय: लोग अपनी सही जन्म राशि  सम्भवत: नहीं जानते | हो सकता है कि आपके  माता पिता ने आपके जन्म के बाद जन्म कुंडली बनवा कर आपका नामकरण संस्कार कराया हो और जन्म राशि के  अनुसार ही नाम रखा हो | दूसरे, आपके माता पिता/किसी ने भी यों ही कोई नाम रख दिया, वही नाम चलता रहा और आप उसी नाम के आधार पर शिक्षा ग्रहण करके अपना कार्य या नौकरी  आदि करने लगे | पहले समय में,  आम तौर पर सभी की जन्म कुंडली नहीं बनवाई जाती थी, विशेषकर लडकियों की कुंडली न के बराबर बनती थी | गाँव में जन्मे लोगों के जन्म की तारीख यदि ठीक भी होती थी तो जन्म का समय सब भूल जाते थे  जिससे सही जन्म कुंडली नहीं बन पाती थी | वर्तमान में जन्म प्रमाण पत्र में  नाम, जन्म की तारीख समय व् स्थान लिखे होते हैं | विदेशों में पहले ही नाम पूछ लिए जाते हैं, तब जन्म-प्रमाण-पत्र  जारी किया जाता है |

    प्राय:, पहले पंडित जी से जन्म राशि पता करने के बाद भी, जानबबूझ  कर माता-पिता बालक का कोई अन्य नाम रख देते थे | एक  कारण यह भी था कि पारिवारिक दुश्मनी आदि में लोग टोना-टोटका तांत्रिक क्रियाएं आदि व्यक्ति के प्रसिद्ध नाम पर करवाते थे जबकि उसका जन्म-राशि का नाम अलग होता था, इस तरह ऐसी उपरी शक्तियों या टोना टोटका तांत्रिक क्रियाओं से बचने के लिए भी अन्य नाम रख दिए जाते थे |   

     मेरे पास असंख्य ईमेल प्राप्त होते हैं जिनमे ये प्रश्न पूछे होते हैं, “मेरी जन्म राशि क्या है ?” या “मेरे जन्म राशि या नाम राशि क्या बनती है व् किस ग्रह से सम्बन्धित है ?”  इतना समय नहीं होता कि हर एक की कुंडली बना कर उत्तर दिए जाएँ | पाठक स्वयम, फ्री कुंडली डाउनलोड करें, अपना वर्तमान नाम, असली जन्म तिथि, समय व् जिला उनमें भर कर क्लिक करें, पहला पेज जो आएगा उसमे आप की जन्म राशि, जन्म नक्षत्र व् नाम शुरू होने का पहला अक्षर भी लिखा होगा | मेष से मीन (1 से 12 संख्या तक की राशियाँ) जहाँ भी कुंडली में चन्द्र लिखा होगा, वही आपकी जन्म राशि होगी |  अथवा, घर के पास के मन्दिर में पंडित जी के पास जाकर अपना विवरण दें, दो मिनट में ही वे आपको आपकी जन्म राशि बता देंगे |

     अब प्रश्न आता है कि जन्म राशि व् नाम राशि में  कौनसी   राशि प्रभावशाली होती है ? कब कौनसी राशि प्रभावशाली होती है ?  यदि जन्म राशि व् नाम राशि समान हों तो क्या होता है ? इसके लिए, पहले निम्न जान लीजिये :

     विवाहे सर्वमांगल्ये यात्रादौ ग्रहगोचरे, जन्म राशिं  प्रधानत्वम, नाम राशि न चिंतयेत ||

देशे ग्रामे गृहे युद्धे सेवायाम व्यवहारिके, नामराशे: प्रधानत्वम जन्म राशिं न चिंतयेत ||

अर्थात, स्पष्ट है कि यदि आपकी जन्म  असली व् सही कुंडली बनी हुई है तो विवाह या सर्व मंगल कार्यों यात्रा आदि के लिए जन्म राशि अनुसार देख कर शुभारम्भ करें | एवं, देश गाँव घर युद्ध नौकरी आदि की लिए आपकी प्रसिद्ध नाम का प्रभाव होगा, जन्म राशि गौण हो जाएगी | 

अब समस्या है कि  जिनकी जन्म कुंडली है ही नहीं, जन्म की तारीख भी नहीं, समय का पता नहीं तो वे लोग अपने प्रसिद्ध नाम से ही कार्य व्यापार या नौकरी आदि कर रहे हैं और  उनके प्रसिद्ध नाम की राशि का स्वामी उनके कर्मफल अनुसार उनकी सहायता कर रहा है या नहीं भी कर रहा है |

आइये, पहले आप अपनी नाम राशि (या कुंडली में जिस संख्या पर चन्द्र है, उसके  अनुसार जन्म राशि) निर्धारित कर लें:

राशि संख्या

राशि

राशि स्वामी प्रभावी  ग्रह

 आपके नाम का शुरू का अक्षर

1

मेष

मंगल

 चू,चे,चो,ला,ली,लू,ले,लो,अ

2

वृष

शुक्र

 ई,उ,ए,ओ,वा,वी,वू,वे,वो

3

मिथुन

बुध

 क,की,कु,घ,ड,छ,के,को,ह

4

कर्क

चन्द्र

 हि,हु,हे,हो,डा,डी,डू,डे,डो

5

सिंह

सूर्य

 मा,मी,मू,में,मो,टा,टी,टू,टे

6

कन्या

बुध

 टो,पा,पी,पू,ष,ण,ठ,पे,पो

7

तुला

शुक्र

 रा,री,रु,रे,रो,ता,ती,तू,ते

8

वृश्चिक

मंगल

 तो,ना,नी,नू,ने,नो,या,यी,यू

9

धनु

गुरु बृहस्पति

 ये,यो,भा,भी,भू,धा,फ,ढ,भे

10

मकर

शनि

भो,ज,जा,जी,जे,जो,खा,खी,खु,खे,खो,गा,गी,ज्ञ

11

कुम्भ

शनि

 गु,गे,गो,सा,सी,सु,से,सो,दा

12

मीन

गुरु बृहस्पति

 दी,दू,थ,झ,दे,दो,चा,चि

 

अब आप की राशि अनुसार  संक्षिप्त में आप के स्वभाव के बारे में लिखा जा रहा है  :

1. मेष :  नाम का पहला अक्षर :  चू,चे,चो,ला,ली,लू,ले,लो,अ

      रोबीले, साहसी, जिद्दी, अकडू, शक्की-जासूस,  गठीला व् छोटा बदन व् लाल आँखें | संकट में धैर्य से मुस्कराता, योजनाबद्ध, अपने काम निकलने वाला, क्रोध होने पर आग तक लगाने वाला | मेडिकल, संगीत व् ज्योतिष में रूचि, कट्टर धार्मिक/सनातनी  (यदि कुंडली में मंगल कर्क राशि-4 में नीच है या मंगल अस्त है या मंगल वक्री है तो उपरोक्त योग्यताएं न होकर विपरीत सम्भव, खराब मंगल नॉन-वेज बनाता है व् पुरुषों में पुरुषत्व की कमी रखता है )

2. वृष :  नाम का पहला अक्षर :       ई,उ,ए,ओ,वा,वी,वू,वे,वो

     मेहनती बैल/सांड-पुरुषार्थी, सुंदर चेहरा, सुस्त-आराम पसंद भी, शेखी की आदत, अभिमान स्वाभिमान अपना मान इज्ज़त पहले | नये विचार व् शोध में व्यस्त, कवि, कम मित्र | (यदि कुंडली में शुक्र नीच राशि कन्या -6  में है या शुक्र अस्त है या शुक्र वक्री है तो उपरोक्त योग्यताएं न होकर विपरीत होगा, वैवाहिक जीवन में वैवाहिक रस की कमी)

3. मिथुन : नाम का पहला अक्षर :  क,की,कु,घ,ड,छ,के,को,ह

व्यवहारिक, आकर्षक, सच-झूठ बराबर, काम निकालने वाला, सच्चा मित्र, साथी सहित ज्यादा खुश | अच्छा व्यापारी परन्तु कार्य सिद्ध में देरी, उपलब्धियों  में कमी रहती है | हीन भावना के कारण विद्रोह पर उतर आता है | (यदि कुंडली में बुध नीच राशि मीन -12  में है या यदि विशेषकर बुध वक्री है तो उपरोक्त योग्यताएं न होकर विपरीत होगा, वाणी खराब होगी, लड़ाई झगड़ा पसंद होगा व् अनिर्णीत बुद्धि रहेगी |)

4. कर्क :नाम का पहला अक्षर :  हि,हु,हे,हो,डा,डी,डू,डे,डो

     सुंदर, भावुक, कल्पनाशील, नवीन विचार व् कार्य करने वाला, अत्यंत तेज़ बुद्धि, आगे बढने वाला व् असफलताओं से पीछे रह जाने वाला, गायन, यात्राओं व् सजावट  का शौक़ीन, आय के साधन बनाये रखने वाला, इमानदार, उचित मान प्रतिष्ठा वाला | (यदि कुंडली में चन्द्र  नीच राशि वृश्चिक -8 में है या अमावस का जन्म है तो उपरोक्त योग्यताएं न होकर विपरीत सम्भव, मन उदास व् वैवाहिक सुख में समस्याएँ/मनमुटाव सम्भव  )

5. सिंह : नाम का पहला अक्षर :       मा,मी,मू,में,मो,टा,टी,टू,टे

बब्बर शेर, अद्वितीय साहस, प्रभावशाली चेहरा, अध्यात्मिक भी,  अनावश्यक सख्त, शक्की, क्रोधी, मेहनती व् तिकड़मी, कार्य/स्वार्थ निकलने के बाद सुस्त | जीवन की इच्छाएं व् उद्देश्य पूरे करके ही दम  लेता है | संगीत, कला व् यात्राओं का शौक़ीन, प्रेम में ‘तू नहीं और सही, और नहीं तो और सही’ | (यदि कुंडली में सूर्य नीच राशि तुला-7 में है या जन्म कार्तिक के महीन में है तो उपरोक्त योग्यताओं में कमी व् कमजोरी,  नॉन-वेज होना आदि  सम्भव)

6. कन्या :      नाम का पहला अक्षर :  टो,पा,पी,पू,ष,ण,ठ,पे,पो

भावुक,  नई व् हितकारी सोच, अच्छी वाणी, बड़ी आँखे, उतावला, व्यवहार कुशल, शिक्षित, स्वार्थी व् स्वार्थ के लिए अन्य की हानि करने से न  डरे | सफल गायक,  संगीतज्ञ  व् अभिनेता | मन में कुछ-होठो पर कुछ, कूटनितिज्ञ/राजनेता | हीन भावना होने पर हिम्मत हारना | प्रेम में पूरी सफलता नहीं | (यदि कुंडली में बुध नीच राशि मीन-12  में है या विशेषकर बुध वक्री है तो उपरोक्त  योग्यताओं में कमी रहेगी, वाणी खराब होगी, व्यापार में कमियां व् बुद्धि अनिर्णीत रहेगी |)

7. तुला : नाम का पहला अक्षर :  रा,री,रु,रे,रो,ता,ती,तू,ते

     सुंदर आकर्षक चेहरा, तीखी सुंदर जादुई आँखें, दम्भी, ऊँचे लक्ष्य व् सपने वाला, कवि, कल्पनाशील, त्वरित निर्णय, कार्यदक्ष, कार्यों में सफल, मान सम्मान के लिए सब कुछ बलिदान, सफल कलाकार, संगीतज्ञ, बैंकर | न्याय, दया व् अनुशासन प्रिय |   (यदि कुंडली में शुक्र नीच राशि कन्या-6 में है या शुक्र अस्त या शुक्र वक्री है तो उपरोक्त  योग्यताओं में कमी रहेगी, वैवाहिक जीवन में कमियां व् शूगर आदि बीमारी तथा नॉन-वेज होना सम्भव |)

8. वृश्चिक : नाम का पहला अक्षर :  तो,ना,नी,नू,ने,नो,या,यी,यू

साहसी,  सम्मोहक, जिद्दी, गर्म स्वभाव, शक्की मिजाज़, हनुमान जी की तरह गठीला-छोटा बदन | दूसरों से पंगा लेते रहना, विरोधियों से भी काम निकालने में सफल  | विपरीत सेक्स की ओर अधिक झुकाव, स्वार्थ के बाद सब रिश्ते खत्म, शांत अन्यथा क्रोध में आग लगाने वाला | धन संचय करने में कमी | (यदि कुंडली में मंगल कर्क राशि-4 में नीच है या मंगल अस्त है या मंगल वक्री है तो उपरोक्त योग्यताओं में कमी रहेगी, नॉन-वेज होना सम्भव | पुरुषों में पुरुषत्व की कमी भी होगी )

9. धनु : नाम का पहला अक्षर :  ये,यो,भा,भी,भू,धा,फ,ढ,भे

धार्मिक, दार्शनिक, दानी, दया करने वाला, सम्मोहक, विद्वान्, परोपकारी व् सात्विक आदि | चौड़ी छाती वाला गुरु | मेहनती व् अपना भला बुरा देखकर कार्य  करने वाला | सत्य का पुजारी |   (यदि कुंडली में गुरु नीच राशि मकर-10 में है या गुरु अस्त या विशेषकर गुरु वक्री है तो उपरोक्त  योग्यताओं में कमी रहेगी, विचारधारा अशुद्ध, पुत्र सुख का आभाव व् वैवाहिक जीवन में कमियां |)

10. मकर :    नाम का पहला अक्षर :      भो, ज, जा, जी, जे, जो, खा, खी, खु, खे, खो, गा, गी, ज्

अत्यधिक परिश्रमी, पैनी आँखें, पतला व् फुर्तीला, खून-पसीने से धन कमाने वाला, रहस्यमय व् सचेत, गर्म स्वभाव,  विद्या-शिक्षा में कमी/रुकावट सम्भव, शनै शनै तरक्की करने वाला, नियम व् अनुशासन  पसंद | धन की कमी रहना, व्यापार में पूरी तरह सफल नहीं | अपनी कमजोरी पर चुप, बोलते हैं तो दूसरा आहत हो सकता है | स्वार्थी | (यदि कुंडली में शनि नीच राशि मेष-1 में है या विशेषकर शनि वक्री है तो उपरोक्त के विपरीत ही  सब कुछ होगा, नॉन-वेज होना  भी सम्भव |)

11. कुम्भ :    नाम का पहला अक्षर :  गु,गे,गो,सा,सी,सु,से,सो,दा

कुम्भ की तरह शरीर गोल मटोल, अच्छी योग्यताएं,  सर्व आवश्यकताएं व् सुख समयानुसार प्राप्त | दार्शनिक प्रवृति भी | कुलीन, सभ्य, मीठी वाणी, तेज़ दिमाग, तेज़ स्मरण शक्ति | स्पष्ट कहना, नये विचार या उपाय बताना | अचानक ही लाभ व् हानि भी | पेट व् चेस्ट सम्बन्धी समस्याएँ |  (यदि कुंडली में शनि नीच राशि मेष-1 में है या विशेषकर शनि वक्री है तो उपरोक्त में कमी रहेगी |)

12. मीन : नाम का पहला अक्षर :  दी,दू,थ,झ,दे,दो,चा,चि

चौड़ी छाती वाले गुरुदेव, सहिष्णु, विद्वान्, परोपकारी, धार्मिक, दानी, दयालु आदि | अपने काम से काम रखने वाला, शांत व् संयमी | लेखक, संगीत, कविता आदि का शौक़ीन | धन टिकता नहीं  | (यदि कुंडली में गुरु नीच राशि मकर-10 में है या गुरु अस्त या विशेषकर गुरु वक्री है तो उपरोक्त  योग्यताओं में कमी रहेगी, विचारधारा अशुद्ध, पुत्र सुख का आभाव व् वैवाहिक जीवन में कमियां |)

 

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  कल्याणमस्तु | नारायण, नारायण |