ग्रह शांति के विभिन्न उपाय
वैदिक व् लाल किताब के उपाय
मेरे कई लेखों में आवश्यकता अनुसार उपाय करने का सुझाव दिया गया है | आगे, उपाय दिए जा रहे हैं | जो उचित व् सम्भव उपाए हों व् आपकी पॉकेट अनुसार हों, वो ही उपाए करें |
कोई नग/पत्थर आप पहनना चाहते हों तो नग/पत्थर उस ग्रह के वक्र काल में न पहनें | ग्रह वक्री है या नहीं, यह गूगल से या स्थानीय मन्दिर के पंडित जी से पता किया जा सकता हैं | अति आवश्यक होने पर टेस्ट करके, सूट करने पर, वक्र काल में भी पहन सकते हैं |
राहू व् केतु सदा वक्री-उलटे चलते हैं | इनका नग/ स्टोन आप कभी भी पहन सकते हैं |
किसी व्यक्ति को म्रत्यु तुल्य कष्ट हो परन्तु विद्वान् ज्योतिषी कुंडली से देख पायें कि कष्ट होकर जीवन बचा है तो बीमार व्यक्ति के लिए कफन खरीद लें | उसे कफन में लपेट कर 5-10 मिनट उसमें लेते रहने दें | उसके बाद कफन उतार कर, व्यक्ति का इलाज जारी रखें | उतारा हुआ कफन पास के श्मशान के एरिया में कहीं भी रख आयें/छोड़ आयें | बीमार व्यक्ति धीरे धीरे ठीक होता चला जायेगा | यह उपाय अखिल भारतीय ज्योतिष सम्मेलन, नाभा(पंजाब) (श्री एम् आर जिंदल जी द्वारा संचालित) में बताया गया था |
कोई शंका हो तो (कांटेक्ट अस - Contact Us - में जाएँ ) आप ईमेल/फ़ोन द्वारा पूछ सकते हैं |
आप सबको शुभ कामनाएं | धन्यवाद |
गुरु बृहस्पति के उपाय: गुरु की विंशोत्तरी दशा में या जीवन के 18-19-20 वें वर्षों में अवश्य करें |
- सिलोनी पीला पुखराज 6+ रत्ती सोने में (“ॐ क्लिंग” मन्त्र अंदर छपवाकर) दायें हाथ इंडेक्स फिंगर में वीरवार पहनें |
- हर वीरवार : 300 ग्राम चने की दाल, 3/6/12 पके केले, पीले फूल या हार +21 रूपये भगवान लक्ष्मी नारायण/श्री राधे कृषण/श्री सीता राम जी को अर्पित करें |
- विष्णु चालीसा/नारायण कवच/विष्णु सहस्त्र नाम का जाप हर रोज़/हर वीरवार करें |
- ॐ ग्रां ग्रीं ग्रों सः गुरुवे नमः मन्त्र हर रोज़ करें |
- सोने का जेवर/अंगूठी भगवान लक्ष्मी नारायण को अर्पित करें या ब्राह्मण को दान करें | पीतल के 3 लोटे मंदिर में दान करें/रख आयें |
- गले में सोने की चैन पहने | बाएं हाथ रिंग फिंगर में सोने का छल्ला पहनें
- वीरवार क्रीम कलर या पीले या बसंती कपड़े पहने | पीला/क्रीम रुमाल जेब में रखें | केसर का तिलक माथे व् नाभी पर हर रोज़ लगायें व् केसर खाएं भी |
- हर रोज़ धर्म स्थान/घर के बाहर केले के पेड़ व् पीपल को जल दिया करें |
- अपने पुराने अध्यापकों/गुरुओं/संतों/घर के बड़े बुजुर्गों का आशीर्वाद हर रोज़ लें |
- वीरवार के व्रत करें व् ब्राह्मण को भोजन कराएँ | वीरवार सर व् कपड़े न धोया करें | धार्मिक स्थानों की यात्रा करें व् वहां दान आदि करें |
- 108 यंत्र मुर्गा+हिरन (बृ+मं) चलते पानी में बहायें |
- 108 गज+ श्वान यंत्र चलते पानी में बहायें |
सूर्य के उपाय : सूर्य की विंशोत्तरी दशा में या जीवन के 22-23 वें वर्षों में अवश्य करें |
बर्मी माणिक 9+रत्ती ताम्बे/ सोने में (“ॐ ह्रीं” मन्त्र अंगूठी के अंदर छपवाकर), रिंग फिंगर दायाँ/बायाँ हाथ में पहने |
- ताम्बे का 50+ग्राम का बिना जोड़ का कड़ा दायें/बाएं बाजू में पहने |
- अपने हर जन्म दिन पर अपने भार के बराबर गेहूं+सवा किलो गुड+5 ताम्बे के लोटे+लाल परना+सवा किलो लाल सेब या लाल मीठा फल + 101 रूपये पंडित जी को दान करें |
- हर रोज़/हर रविवार:सूर्य को जल दें लाल मिर्चों के 21 बीज डालकर |
- हर रविवार थोड़ा गुड या मिठाई+11 रूपये धर्म स्थान में दिया करें |
- हर रोज़ “ॐ ह्रां ह्रीं ह्रों, सः सूर्याय नमः” मन्त्र व् आदित्य हृदय स्तोत्र का पाठ करें |
- बुजुर्ग/ दादा/ पिता के पैर छूकर भेंट देकर आशीर्वाद लिया करें |
- कार्य पर जाने से पहले थोड़ा गुड+ पानी लेकर जाएँ व् रविवार को नमक (व् तेल) न खाया करें |
- लाल रंग का रुमाल जेब में रखें, प्रयोग करें या न करें |
- गन्ने का रस पिया करें व् साधू या गरीब या ब्राह्मण को भी पिलायें |
- पति/पत्नी में लड़ाई रहती हो तो कच्चे दूध से अग्नि बुझाया करें |
- घोड़ी को चने की दाल खिलाएं |
- ताम्बे के 43 सिक्के चलते पानी में बहायें |
- सूर्य षष्ठी/कार्तिक स्नान पर सूर्य शांति कराएँ |
- शिव चालीसा/शिव तांडव स्तोत्र का पाठ करें |
चन्द्र के उपाय : चन्द्र की विंशोत्तरी दशा में या जीवन के 24-25 वें वर्षों में अवश्य करें |
- चन्द्रमा को हर रोज़ प्रणाम करें | “ॐ श्रां श्रीं श्रो सः चन्द्राये नमः” का जाप हर रोज़ करें |
- “ॐ नमः शिवाय” का जप व् अपने आप ‘महामृत्युंजय जप’ करना बहुत लाभकारी होगा |
- हर सोमवार 2 पैक दूध, पाव कच्चे चावल व् 11 रूपये शिवलिंग पर अर्पित करें या धर्म स्थान पर दान करें |
- सुच्चा मोती साउथ सी 9+ रत्ती चांदी में (अंगूठी के अंदर “ॐ श्रीं” मन्त्र छपवाकर) दायें/बाएं हाथ चिचली ऊँगली में पहनें |
- अपनी माता या दादी से चांदी का रुपया लेकर पर्स/जेब में रखें |
- सोमवार चन्द्र दर्शन के बाद : गले में चांदी की 5+ ग्राम की गोली पहनें | चांदी का 40+ ग्राम का कड़ा दायें/बाएं बाजू में पहने | चांदी की 4 गोली/चांदी के पत्रे/चांदी का रुपया पर्स/जेब में रखें | चांदी के बर्तनों में भोजन किया करें व् दूध/दूध से बनी चीज़ें खाया करें |
- चन्द्र नीच राशि वृश्चिक का होने पर : श्मशान से एक बोतल में पानी लाकर अपने घर में रखें व् इसके सूख जाने पर फिर से इसी तरह पानी फिर रखते रहें |
- चांदी की डिब्बी में शहद भर कर मिटटी में दबाएँ |
- सफेद कपड़े+सफेद रुमाल का प्रयोग करें, विशेषकर सोमवार व् शुक्रवार |
- पूर्णिमा पर देसी घी की जोत जगा कर चन्द्र को अर्घ दें |
- बुजुर्ग स्त्री/माता आदि के पैर छूकर भेंट देकर आशीर्वाद लें |
- स्त्रियाँ धोबिन से सुहाग लेकर अपने सर में लगायें |
शुक्र के उपाय : शुक्र की विंशोत्तरी दशा में या जीवन के 25-26 वें वर्षों में अवश्य करें |
- शेखी व् क्रोध से बचें, अधिक उत्तेजित न हों |मनोवेग/वासना/अनावश्यक जोश पर काबू रखें |
- हर रोज़ : ताज़ी मीठी दही से नहायें, ताज़ी मीठी दही सुबह खाएं | हर शुक्रवार या हर रोज़ ताज़ी मीठी दही शिवलिंग के पास रखा करें |
- गाय को 2 चुपड़ी चपाती पर खीर रख कर दें | हर वर्ष एक बार बछड़े सहित गाय दान किया करें जिससे सभी रिश्तों से मिठास बनी रहे | शूगर से बचाव रहे |
- “ॐ द्रां द्रीं द्रों सः शुक्राय नमः” मन्त्र हर रोज़ करें |
- माता लक्ष्मी जी का भजन व् आरती डाउनलोड कर लें, हर रोज़ सुनें/ गाएं | घर से निकलते वक्त मां लक्ष्मी के चित्र को देखकर नमस्कार करके जाया करें |
- सफेद रेशमी रुमाल जेब में रखें | सफेद रेशमी चमकीले कपड़ों का अधिक प्रयोग करें | हर रोज़ सुंदर साफ़ सुगन्धित परिधान पहनें | खुशबु परफ्यूम आदि का प्रतिदिन प्रयोग करें |
- हीरा/जरकन 12 रत्ती/ओपल 12 रत्ती पहनें व् प्रभावशाली बनें | चार लाइनों वाली लाल रंग की चूड़ियाँ पहनें |
- शुक्र नीच/अस्त/वक्री होने पर 100 गायों को लज़ीज़ भोजन कराएँ |
- पत्नी का सम्मान करें | पराई स्त्री से बचें | कार्यालय से लोटते वक्त कुछ भी मीठा या मीठा फल आदि घर जरुर ले जाया करें |
- धागे वाली मिश्री/ खीर/ देसी घी धर्म स्थान में दान किया करें | धागे वाली मिश्री स्वयम खाकर काम पर जाया करें |
- पत्नी या परिवार में अधिक गलतफहमी होने पर 43 दिन तक हर रोज़ एक नीला फूल गंदे नाले में फेंक दिया करें |
- घर में पंच धातु के बने ब्रह्मा विष्णु महेश स्थापित करें | 108 स्टार फिश यंत्र चलते पानी में बहायें |
मंगल के उपाय :मंगल की विंशोत्तरी दशा में या जीवन के 28-29 वें वर्षों में अवश्य करें |
- हनुमान चालीसा/बजरंग बाण/हनुमाष्टक/सुन्दरकाण्ड पाठ अभी से किया करें हर मंगलवार |
- हर मंगलवार सिंदूर +चमेली का तेल +केसरी लड्डू + 11 रूपये हनुमान जी को अर्पित करें - तेल में सिंदूर डालकर हनुमान जी के शरीर पर लेप करें तो अधिक अच्छा है |
- हनुमान जी को मीठे रोट अर्पित करें, उनका प्रसाद बांटें व् स्वयं भी खाएं |
- हनुमान जी को अनार, केले व् केसरी लड्डू का भोग लगाया करें |
- इटेलियन मूंगा 8-10 रत्ती सोने/ताम्बे में (अंगूठी के अंदर “ॐ तं “ मन्त्र छपवाकर ) दायें/बाएं हाथ रिंग फिंगर में पहने |
- “ॐ क्रां क्रीं करों, सः भोमाय नमः” मन्त्र रोज़ करें |
- भाइयों कजिन साले जीजा सबसे सम्बन्ध अपनी ओर से ठीक व् अच्छे रखें | भेंट देकर आशीर्वाद लें |
- अपने वाहन में मारुती यंत्र स्थापित करें |
- साधुओं को भोजन व् मिष्टान्न खिलाएं | बंदरों को गुड व् भुने हुए चने खिलाएं |
- अस्पताल में खून दान करें/ खून खरीद कर गरीब की सहायता करें | रोगियों की सहायता में दवा/धन/खून/भोजन आदि की व्यवस्था करें अपने खर्चे पर |
- घर में रामायण पाठ हर रोज़ स्वयम करें या करवाते रहें |
- मंगलवार भूमि न खरीदें, रजिस्ट्री न कराएँ, रहना शुरू न करें | मंगलवार मिटटी न खोदें व् गोबर न लीपें |
- मिटटी के कुज्जे में शहद भर कर जमीन में दबाएँ |
शनि के उपाय: शनि की विंशोत्तरी दशा में या जीवन के 30-31 तथा 36-37 वें वर्षों में अवश्य करें |
- सिलोनी नीलम 6+ रत्ती पहनें चांदी/सोने में मिडिल फिंगर दायें/बाएं हाथ शनिवार सांय पहनें |
- Ø हर शनिवार : साबत माह 300/800 ग्राम+तेल सरसों एक शीशी +काले अंगूर/कोई फल शनि मूर्ति या शिवलिंग पर अर्पित करें |
- Ø शनि मन्त्र “ॐ प्रा प्रीं प्रों सः शनये नमः” हर रोज़ जपें | शनि चालीसा/शनि स्तोत्र हर रोज़ पढ़ें/मोबाइल पर सुनें |
- Ø हर शनिवार गरीबों को चाय-पकोड़े खिलाएं-पिलायें या भोजन कराएँ |
- Ø शनिदेव के गुरु भैरव नाथ जी को भोजन आदि भैरों मन्दिर में दें |
- Ø काले नये चमड़े के जूते एक जोड़ी खरीदक दान करें |
- Ø घर की पुरानी अनावश्यक चीजें, पुराना लोहा, कचरा आदि शनिवार के दिन घर से निकाला करें |
- Ø लोहे के 3 तसले शनिवार के दिन मन्दिर/धर्म स्थान में रख आयें | नया झाड़ू खरीद कर शनि मन्दिर में रख आयें | धर्म स्थान में लोहे का दान करें |
- Ø सूर्योदय के पश्चात जमीन पर सरसों का तेल या शराब 43 दिन डाल दिया करें |
- Ø कुत्तों व् कव्वों को सरसों तेल लगी रोटी 43 दिन डालें |
- Ø गायों को 43 दिन लगातार भोजन दें |
- Ø 108 विघ्न विनाशक यंत्र चलते पानी में बहायें | सुरमा जमीं में दबाएँ |
- Ø मछलियों को आटे की एक ही दिन में 100 अलग अलग पास पास के स्थानों पर शनिवार के दिन खिलाएं |
- Ø मजदूरों/गरीबों का मेहनताना पूरा दें, उन्हें तंग न करें व् उनके कल्याण के कार्य करें |
बुध के उपाय :बुध की विंशोत्तरी दशा में या जीवन के 32-33 वें वर्षों में अवश्य करें | मिथुन व् कन्या राशि वाले या 5/14/23 तारीख को जन्मे लोग 50-51 तथा 55-56 वें वर्ष में भी बुध के उपाए करें |
- जाम्बिया या कोलम्बियन पन्ना 6 रत्ती चांदी या सोने में (अंगूठी के अंदर “ॐ दूं दुर्गाय नमः” मन्त्र छपवाकर ) लिटिल फिंगर दायें या बाएं हाथ पहनें - बुधवार |
- हर बुधवार साबत मूंग +फूल + मीठे हरे फल +31 रूपये दुर्गा माता को अर्पित करें |
- 600 ग्राम साबत मूंग मंगलवार भिगोयें व् बुधवार पक्षियों को डालें |
- हरे कपड़े पहनें | हर रुमाल जेब में रखें चाहे प्रयोग न करें | अंडर गारमेंट्स हरे पहनें | टॉवल टूथ ब्रश आदि भी हरे प्रयोग करें |
- बुधवार गाय को हरा चारा या/+ 2 रोटी चुपड़ी थोड़ा गुड रखकर दें |
- ॐ ब्रां ब्रीं ब्रों सः बुधाय नमः मन्त्र हर रोज़ करें, बुधवार विशेषकर |
- बुधवार माता मनसा देवी के दर्शन करें या समीपस्थ मन्दिर में देवी की पूजा अर्चना करें |
- पुत्र के लिए माता बुद्धा देवी को मीठे फल+श्रृंगार का सामान व् दक्षिणा अर्पित करें |
- बुआ, बहन, बेटी व् गुरुमाता का हक ना मारें, उन्हें उचित धन वस्त्र व् मिठाई देकर ही विदा किया करें |
- दुर्गा शप्तशती का पाठ जरुर करें | एक बार पूरा होने पर दुबारा फिर करें सारे वर्ष | चांदी की दुर्गा/लक्ष्मी जी व् गणेश जी की मूर्ति घर के मन्दिर में स्थापित करें |
- माता का जागरण कराएँ/ जागरण में दान दक्षिणा जरुर दिया करें |
- हीजड़ों को हरी चूड़ियाँ व् हरे वस्त्र दान करें |
- छेद वाले ताम्बे के सिक्के चलते पानी में बहायें 43 दिन |
- तावीज़ आदि न पहनें | ताम्बे का पैसा गले में बांधें |
- हर रोज़ अपने दांत फिटकरी से साफ़ करें |
- गरीब विद्यार्थियों को फीस, कापियां, पुस्तकें, धार्मिक पुस्तकें, स्टेशनरी आदि दें |
- कांसे का कटोरा बुधवार के दिन मन्दिर में रख आयें | अपना नाक छिदवायें |
राहू के उपाय : काल सर्प दोष/राहू नीच उपाय : राहू की विंशोत्तरी दशा में या जीवन के 42-43 वें वर्षों में अवश्य करें |
सिलोनी गोमेद 10+ रत्ती, चांदी में मिडिल फिंगर बाएं/दायें हाथ (अंगूठी के अंदर ’ॐ तं मन्त्र छपवाकर) पहनें बुधवार या शनिवार सांय गोधुली समय में |
हर शनिवार या बुधवार : काले तिल+जों+3 मूली पत्ते सहित+ 1 खाने वाला नारियल शिवलिंग या शनि मूर्ति पर अर्पित करें |
राहू मन्त्र “ॐ भ्रां भ्रींभ्रों सः राहवे नमः” का जाप हर रोज़/बुधवार/शनिवार करें | रसोई के अंदर बैठकर खाना खाया करें | काले नीले वस्त्र पहनें | ॐ नमः शिवाय का जाप रामबाण औषधि है |
पका कर लाल साबत मसर की दाल घर के सफाई कर्मचारी को दें या धन से उसकी सहायता करें |
रात को सोते हुए सोंफ/चीनी लाल कपड़े में रखकर सोया करें | गंगा जल डाल कर स्नान करें | माता सरस्वती की पूजा करें व् घर से जाते समय माता के दर्शन करके जाएँ |
शक्कर+काले तिल मिलाकर मकोड़ों को रोज़ सांय डालें | मछलियों को जों के आटे की गोलियां बनाकर डालें | भूरे-काले ऊनी कम्बल शनिवार गरीबों को/धर्म स्थान में दान करें
राहू नीच : चांदी का हाथी बेडरूम में शीशे के जार में पानी में रखें | चांदी की ईंट 50+ ग्राम = घर में रखें | चांदी की 4 गोली या चांदी के 4 चोकोर पत्रे या चांदी का रुपया पर्स/जेब में रखें |
3 नारियल खाने वाले+ 108 राहू बाधा निवारण यंत्र/राहू शांति यंत्र /विघ्न विनाशक यंत्र चलते पानी में बहायें हर महीने एक बार | लेड- सिक्का 4 किलो चलते पानी में हर महीने एक बार बहायें | अपने भार के बराबर या 10 किलो कच्चा कोयला चलते पानी में बहायें | चांदी का एक टुकड़ा चलते पानी में बहायें व् एक टुकड़ा सारी उम्र अपने पास रखें | सवा किलो जों कच्चे दूध में धो कर चलते पानी में, पहले जों व् बाद में दूध बहायें | सवा चार किलो जों खुले स्थान में दबा कर उस पर कोई बोझ रख दें |
अपने नानके व्/या ससुराल की सहायता करें |
काल सर्प दोष : चांदी के नाग नागिन की जोड़ियाँ + 108 काल सर्प दोष यंत्रों के साथ बहायें | उपरोक्त पहले 10 उपाए भी साथ में करें |
केतु के उपाय : केतु की विंशोत्तरी दशा/या 48-49 वें वर्षों में अवश्य करें |
गणेश जी की पूजा हर रोज़ करें व् गणेश चतुर्थी का व्रत किया करें | मस्तक पर केसर का तिलक लगायें |
घर में सफेद+काला/सफेद/कोई भी कुत्ता पालें | कुत्ते को हर रोज़ दूध व् अपनी झूठी रोटी/बिस्कुट/ब्रेड आदि दें |
इटालियन लहसुनिया – कैट्स आई 9+ रत्ती चांदी में मिडिल फिंगर बाएं/दायें हाथ (अंगूठी के अंदर “ॐ क्लीं” मन्त्र छपवाकर) पहनें, वीरवार या शनिवार |
कानों में सोना पहनें | अपने पाँव के अंगूठे में चांदी का छल्ला पहनें | ग्रे रंग/स्मोक/धुंए के रंग के कपड़े पहनें व् दान दिया करें |
“ॐ स्त्रत्रां (सत्रां) स्त्रीं स्त्रों सः केतुवे नमः” मन्त्र हर रोज़ जपें |
नों वर्ष से कम आयु के बच्चों को खाने की खट्टी चीज़ें दें |
कबूतरों/पक्षियों को बाजरा व् पानी घर से बाहर डाला करें |
भूत प्रेत व् ओपरे असर की विद्याओं/ताकतों से बचाव करें |
केतु वर्ष/केतु दशा में यदि पत्नी/पुत्र या स्वयम को कष्ट हो तो सवा किलो सफेद तिल श्मशान घाट की चार दिवारी के अंदर कहीं भी किसी भी दिन डालें जब तक सम्बन्धित व्यक्ति स्वस्थ न हो जाये |
सफेद तिल / पीले पके साफ़ निम्बू / केले का दान करें |
अनजाना/ठंडा बुखार, चिकेन गुनिया/डेंगू आदि बुखारों में केतु व् सूर्य के उपाय करें |
कोढियों/ अपंगो को भोजन कपड़े, धन व् वस्त्र आदि दान करें |
चितकबरे ऊनी कम्बल गरीबों/अपंगों/कोढियों/धार्मिक स्थान को दान करें |
बवासीर या गुदा सम्बन्धी बीमारी पर केतु के सर्वाधिक उपाए करें |
पंच धातु मूर्ति – ब्रह्मा, विष्णु महेश की – घर में स्थापित करें |
21 मिटटी के कुत्ते चलते पानी में बहायें |
108 गज+श्वान यंत्र चलते पानी में बहायें |