आपका भविष्य फल 9 मार्च से 6 सितम्बर 2018 तक
नोट : उपरोक्त सूचना आपको डराने या घबराने के लिए नहीं है बल्कि जानकारी व् सचेत होकर अपनी सुरक्षा व् कार्य आदि करते रहने के लिए है | कृपया सबसे उपर दी गयी डेट्स के दौरान अनुभव करें व् प्रयोग भी करके देखें कि क्या आपकी नाम राशि पर लिखी भविष्यवाणी कितनी सच रही या नहीं रही | आप सभी सकुशल व् स्वस्थ रहें व् आपकी आवश्कताएं पूरी हों, इश्वर से प्रार्थना है | सुझाव है कि जन्म दिन के आस पास वर्षफल पूछ लेना चाहिए या बनवा लेना चाहिए | कृपया अपने अनुभव/सुझाव ईमेल
बृहस्पति शत्रु शुक्र की राशि तुला में वक्री 9-3-18 से 10-7-18 तक
बुध शत्रु बृहस्पति की मीन राशि में वक्री 23-3-18 से 15-4-18 तक
बुध अपने पिता चन्द्र की कर्क में वक्री 26-7-18 से 19-8-18 तक
मंगल अपनी उच्च राशि मकर में वक्री 27-6-18 से 27-8-18 तक
शनि गुरु की राशि धनु में वक्री 18-4-18 से 6-9-18 तक
प्रिय पाठको, आपकी सूचनार्थ यह लेख प्रकाशित कर रहा हूँ | प्रत्येक व्यक्ति प्राय ऐसे लेख पढ़ कर फैंक देता है, हो सकता है कि आप इसे पढना पसंद न करें या पढ़ कर भूल जाएँ |
पिछले वर्ष मेरा लेख“देव गुरु बृहस्पति व् दैत्य गुरु शुक्र की वक्रता के प्रभाव” मार्च 2017 में प्रकाशित हुआ था | लेख लिखते समय मुझे अनुभव हुआ कि मेरी धर्म पत्नी का मीन लग्न व् नाम से मीन राशि होने के कारण निधन हो सकता है | एक पल को विचार आया व् मैंने उसे झटक दिया कि ऐसा नहीं होगा | परन्तु 26 अप्रैल 2017 को मेरी धर्म पत्नी का साइलेंट कार्डियक अरेस्ट से देहांत हो गया |
उक्त लेख में मेरी मकर राशि व् मेरी पत्नी की मीन राशि के लिए नीचे सांकेतिक भाषा में क्या लिखा है, आप कृपया देखें :-
“मकरलगन/राशि(नाम अक्षर: भो,ज,जा,जी,जे,जो,खा,खी,खु,खे,खो,गा,गी ) : शनि साढ़ेसाती प्रभाव भी चल रहे हैं | भाग्य रुकावटें | पेट व् जॉब में समस्या, अनावश्यक घबराहट | पत्नी सन्तान की समस्या | वाहन ध्यान से चलायें |
मीन लगन/राशि ( नाम अक्षर: दी,दू,थ,झ,दे,दो,चा,चि ) : बुद्धि व् ज्ञानहीनता सम्भव, मान सम्मान में कमी, पेट खराब, कार्यों में रुकावट, पति/पत्नी अस्वस्थ |”
कुंडली संकेत दे देती है कि कब क्या होना है, ज्योतिषाचार्य गम्भीरता से उसे देख पाते हैं या नहीं, अलग बात है |
इस बार प्रत्येक राशि के लिए विस्तृत विवरण दिया है | विद्वान् पाठक, सचेत होकर यह ज्ञान प्राप्त करेंगे व् समोचित उपाय चाहेंगे तो करेंगे, आशा है |
मृत्यु का कोई उपाय नहीं | मृत्यु तुल्य कष्ट से बचने या कष्ट को कम करने के लिए “महामृत्युंजय जप” एक अचूक दवा है | सामान्य उपाय ग्रहों के वक्र काल में ना के बराबर बचाव करते या लाभ देते हैं | तब भी, उचित उपाय आदि करने में हर्ज़ ही क्या है ? आज के किये दान, पुण्य, पूजा-पाठ, धर्म-कर्म आदि आने भविष्य में कहीं न कहीं अवश्य लाभ देंगे बिलकुल उसी तरह जैसे बैंक में अब धन जमा करने पर बाद में ब्याज सहित धन मिलता है | प्राय यह कहा सुना जाता है कि जाने कोनसा पुण्य किया हुआ आगे आ गया जिससे बचाव हो गया |
तुला राशि के 18-19-20 वर्ष की आयु के युवाओं (जिनका जन्म से बृहस्पति वक्री हो) का समय अति कष्टकारक होगा | मंगल व् शनि भी वक्री होंगे व् अलग अलग राशियों पर अलग अलग प्रभाव डालेंगे |
निम्न प्रभाव प्रसिद्ध नाम राशि या कुंडली के जन्म लगन पर आधारित है | आपकी प्रसिद्ध नाम राशि जिससे आप हस्ताक्षर करते हैं व् धन कमाते हैं – पर ये प्रभाव होने के पूरे आसार हैं |
राशि अनुसार निम्न प्रभाव सम्भव हैं :
मेष लगन/राशि ( नाम अक्षर: चू,चे,चो,ला,ली,लू,ले,लो,अ ):
आपकी राशि का स्वामी मंगल 7 मार्च से 1 मई तक भाग्य स्थान धनु राशि पर व् 2 मई से 26 जून तक मकर राशि पर मार्गी रहेगा | भाग्य लाभ व् जॉब में लाभ देगा |
गुरु सातवें स्थान तुला राशि में शुक्र के घर से लग्न को देख रहा है जो वक्र काल (9 मार्च से 9 जुलाई तक) आपकी व् जीवन साथी की सेहत थोड़ी खराब कर सकता है | आय में कमी या रुकावट सम्भव | शनि भी 18 अप्रैल से 6 सितम्बर तक गुरु की धनु राशि पर वक्री होकर चोट दुर्घटना व् कार्यों में रुकावटों के संकेत देते हैं | भाग्य की उन्नति रोकेगा व् कार्य व्यापार जॉब में कठिनाई पैदा करेगा |
बुध भी मीन में 23 मार्च से 15 अप्रैल तक वक्री होकर धन हानि, धोखा, शत्रु वृद्धि व् तनाव दे सकता है | बुध कर्क में 26 जुलाई से 19 अगस्त के बीच वक्री होकर जीवन साथी/माता-पिता को कष्ट दे सकता है | वाहन खराब होना या दुर्घटना ग्रस्त होना सम्भव है | गुरु व् शनि के वक्र काल के साथ बुध वक्री आपको भ्रमित करेगा, दिशाहीन व् बुद्धि हीन करना चाहेगा |
आपकी राशि का स्वामी मंगल 27 जून से 27 अगस्त तक मकर में वक्री होगा जिससे 27 अगस्त/6 सितम्बर के बीच जॉब में गम्भीर स्थिति आ सकती है –आप जॉब छोड़ भी सकते हैं या निकला भी जा सकता है | पिता-माता की सेहत की चिंता रहेगी | सूर्य बचाव कर सकता है |
बचाव का उपाय : हनुमान जी को 9 केले व् 9 लाल फल (लाल सेब या अनार या केसरी लड्डू आदि) हर मंगलवार अर्पित करें, कुछ बचाव होगा | शनि व् गुरु के उपाय भी करें | हर रोज़ या हर रविवार थोड़ा गुड़ मन्दिर में रखें |
वृष लगन/राशि ( नाम अक्षर: ई,उ,ए,ओ,वा,वी,वू,वे,वो ):
आपकी राशि का स्वामी शुक्र मीन, मेष,वृष, मिथुन, कर्क, सिंह, कन्या व् तुला राशियों पर 2 मार्च से 15 दिसम्बर तक संचार करेगा | भाग्य लाभ व् जॉब में लाभ भी मिल सकता है |
गुरु तुला राशि में छ्टे स्थान शत्रु बुध के घर से लग्न का षड-अष्टक बना रहा है जो वक्र काल (9 मार्च से 9 जुलाई तक) चोट-दुर्घटना का संकेत दे रहा है, बचाव करें | शनि भी आठवें घर -मृत्यु के घर में 18 अप्रैल से 6 सितम्बर तक गुरु की धनु राशि पर वक्री होकर चोट दुर्घटना व् कार्यों में रुकावटों के संकेत देते हैं | जीवन साथी की सेहत का ख्याल रखें | अस्पताल का खाना पहले ही खा आयें, बचाव सम्भव है |
बुध भी मीन में 23 मार्च से 15 अप्रैल तक पेट खराब करेगा व् आय कम करेगा | बुध कर्क में 26 जुलाई से 19 अगस्त के बीच वक्री होकर अनावश्यक घबराहट दे सकता है, शांत रहें, शिव पूजा सहायता करेगी | गुरु व् शनि के वक्र काल के साथ बुध वक्री आपको भ्रमित करेगा, दिशाहीन व् बुद्धि हीन करना चाहेगा | पिता माता को कष्ट सम्भव |
मंगल 27 जून से 27 अगस्त तक आपकी कुंडली के नौवें स्थान गुरु के घर पर मकर राशि में वक्री होगा जिससे 27 अगस्त/6 सितम्बर के बीच भाग्य व् शुभ कार्यों में रुकावट आ सकती है| छोटे भाई का स्वास्थ्य खराब व् उसे गम्भीर कष्ट सम्भव | आपका मनोबल कमजोर हो सकता है |
आपकी राशि का स्वामी शुक्र 6 अक्तूबर से 16 नवम्बर तक तुला में वक्री होकर आपको व् तुला राशि के लोगों को कष्ट देगा जिसमें शूगर, डिप्रेशन, प्राइवेट पार्ट्स सम्बन्धी समस्याएं प्रमुख होंगी | शुगर व् बी पी का ध्यान करें व् इस कारण आँखों का ध्यान रखें | जॉब करने वाले लोगों को अपमान सहना पड़े या कांटेक्ट समाप्त हो जाये, सम्भव है |
बचाव का उपाय : गाय को हर रोज़ 2 रोटी+खीर देते रहें (सारी उम्र) तो लाभ व् बचाव होते रहेंगे | शनि व् गुरु के उपाय भी करें |
मिथुन लगन/राशि ( नाम अक्षर: क,की,कु,घ,ड,छ,के,को,ह ) :
आपकी राशि का स्वामी बुध मीन, मेष, वृष, मिथुन, कर्क, सिंह व् कन्या राशियों पर 3 मार्च से 18 सितम्बर तक संचार करेगा | भाग्य लाभ व् जॉब में लाभ भी मिल सकता है |
गुरु तुला राशि में पांचवें स्थान सूर्य के घर व् अपने स्थान से अति लाभकारी है | परन्तु गुरु अपने वक्र काल (9 मार्च से 9 जुलाई तक) पेट खराबी व् गैस की समस्या तथा सन्तान को कष्ट आदि दे सकता है, बचाव करें | शनि भी सातवें घर-शुक्र के घर में 18 अप्रैल से 6 सितम्बर तक गुरु की धनु राशि पर वक्री होकर वाहन खराबी व् जीवन साथी के स्वास्थ्य खराब होने आदि का संकेत देता है |
मंगल 27 जून से 27 अगस्त तक आपकी कुंडली के आठवें स्थान मंगल –शनि के घर पर मकर राशि में वक्री होगा जिससे 27 अगस्त/6 सितम्बर के बीच चोट दुर्घटना भय बना रहेगा, बचाव करें | अस्पताल में खून दान करें व् वहां का मरीजों का खाना 27 जून से पहले व् 27 जून से 27 अगस्त के बीच में 15 दिन में एक बार अवश्य खा कर आयें |
आपकी राशि का स्वामी बुध मीन में 23 मार्च से 15 अप्रैल तक वक्री होकर जॉब में व्यवधान व् आय में रुकावट खड़ी करेगा, वाहन खराबी, दुर्घटना व् चोट मारने का भी कार्य करेगा | जॉब में नोकरी छूट जाना या छोड़ देना सम्भव है | बुध कर्क में राहू के साथ 26 जुलाई से 19 अगस्त के बीच वक्री रहेगा जो घबराहट देगा व् भ्रमित करेगा | गुरु व् शनि के वक्र काल के साथ बुध वक्री आपको घबराहट, बेरोज़गारी व् बुद्धि हीनता देगा, बचाव करें |
बचाव का उपाय : गाय को हर रोज़ हरा चारा दें (सारी उम्र) तो लाभ व् बचाव होते रहेंगे | दुर्गा शप्तशती का पाठ करें, समीपस्थ दुर्गा मन्दिर में माता को फल फूल व् श्रृंगार का सामान आदि अर्पित करें | शनि/ गुरु के उपाय भी करें |
कर्क लगन/राशि ( नाम अक्षर: हि,हु,हे,हो,डा,डी,डू,डे,डो ):
आपकी राशि का स्वामी चन्द्र कर्क, कन्या, तुला, मकर, मेष व् वृष राशियों पर भ्रमण करता हुआ शुभ लाभ देगा |
गुरु तुला राशि में चोथे घर- चन्द्र के घर में अत्यंत लाभकारी है जिसने पिछले वर्ष सितम्बर से अब तक घर मकान वाहन आदि में वृद्धि की व् पारिवारिक ख़ुशी शैया सुख में वृद्धि की | परन्तु अब गुरु अपने वक्र काल (9 मार्च से 9 जुलाई तक) वाहन खराबी, चोट दुर्घटना का संकेत देता है | पति पत्नी में मतभेद या साथी को कष्ट आदि सम्भव | बचाव करें | शनि भी छ्टे घर-बुध के घर में 18 अप्रैल से 6 सितम्बर तक गुरु की धनु राशि पर वक्री होकर वाहन खराबी, चोट दुर्घटना होना का स्पष्ट संकेत देता है | शत्रु असंख्य होंगे जो आपको हानि पहुंचाएंगे | माता का स्वास्थ्य खराब हो सकता है |
मंगल 27 जून से 27 अगस्त तक आपकी कुंडली के सातवें स्थान शुक्र के घर पर मकर राशि में वक्री होगा जिससे 27 अगस्त/6 सितम्बर के बीच जीवन साथी व् स्वयम को कष्ट चोट आदि सम्भव | बिज़नस में पार्टनर लड़ेंगे व् आपकी हानि होगी | अस्पताल में खून दान करें व् वहां का मरीजों का खाना 27 जून से पहले व् 27 जून से 27 अगस्त के बीच में 15 दिन में एक बार अवश्य खा कर आयें |
बुध भी मीन में 23 मार्च से 15 अप्रैल तक वक्री होकर भाग्य में रुकावटें खड़ी करेगा | आपकी राशि कर्क में बुध राहू के साथ 26 जुलाई से 19 अगस्त के बीच वक्री रहेगा जो आपकी बुद्धि हर लेगा व् आप सही निर्णय नहीं ले पाएंगे | बुध वक्री व् राहू आपको घबराहट देंगे व् भ्रमित करेंगे | अनावश्यक घबराहट, मान सम्मान की कमी, नाक व् दांत की समस्या बनेगी, इलाज कराएँ | ड्राइव ध्यान से करें |
आपकी राशि का स्वामी चन्द्रमा कृष्ण पक्ष की एकादसी से शुक्ल पक्ष की पंचमी तक कमजोर होने से आपको मानसिक शांति, आत्मीय शक्ति नहीं दे पायेगा | तिस पर, गुरु व् शनि के वक्र काल के साथ बुध वक्री आपको तनाव, घबराहट, कमजोरी, डिप्रेशन व् बुद्धिहीनता देगा, बचाव करें |
बचाव का उपाय : हर रोज़ या हर सोमवार 2 पैकेट दूध+एक पाव कच्चे चावल+11 रूपये शिवलिंग पर अर्पित करें तो लाभ व् बचाव होते रहेंगे | संध्या समय चन्द्र दर्शन कर चन्द्रमा को प्रणाम किया करें | पूर्णिमा को देसी घी की जोत से चन्द्रमा को अर्घ दें व् जल भी दें | शनि व् गुरु के उपाय भी करें |
सिंह लगन/राशि ( नाम अक्षर: मा,मी,मू,में,मो,टा,टी,टू,टे ) :
आपकी राशि का स्वामी सूर्य मेष, वृष, मिथुन व् सिंह राशियों पर 15 अप्रैल से 15 सितम्बर तक संचार करेगा जो भाग्य लाभ व् जॉब में लाभ भी मिल सकता है | 15 जुलाई से 14 अगस्त तक कर्क का सूर्य लाभ नहीं देगा |
गुरु तुला राशि में तीसरे स्थान-पराक्रम स्थान पर बुध व् मंगल के घर पर आपका निवास घर मकान आदि अब तक बनवा रहा था, लाभकारी था | परन्तु गुरु अपने वक्र काल (9 मार्च से 9 जुलाई तक) अनावश्यक घबराहट, असमंजस व् शुभ कार्यों में रुकावट, घर निवास रेनोवेशन निर्माण आदि में देरी या रुकावट खड़ी कर सकता है | शनि भी पांचवें घर-सूर्य के घर में 18 अप्रैल से 6 सितम्बर तक गुरु की धनु राशि पर वक्री होकर पेट खराबी, विद्या ज्ञान में कमी-हानि आदि देगा | प्रतियोगिता परीक्षा में पीछे रहेंगे या असफलता रहेगी | सन्तान को असफलता व् शारीरिक कष्ट सम्भव | घर से दूर या विदेश यात्रा करें- खर्चा करें तो कुछ ठीक रहेगा | धार्मिक यात्रा या विदेश यात्रा- विदेश में धार्मिक यात्रा करें तो शनि शांत रहेंगे | ग्रह आपका खर्चा करवाना चाहता है, कृपया खर्च करें,फिर धन आएगा | बी पी व् शूगर का ध्यान रखें |
मंगल 27 जून से 27 अगस्त तक आपकी कुंडली के छ्टे स्थान बुध के घर पर मकर राशि में वक्री होगा जिससे 27 अगस्त/6 सितम्बर के बीच आपको कष्ट चोट अस्वस्थता आदि सम्भव होंगे | अस्पताल जाना पद सकता है | अस्पताल में खून दान करें व् वहां का मरीजों का खाना 27 जून से पहले व् 27 जून से 27 अगस्त के बीच में 15 दिन में एक बार अवश्य खा कर आयें |
बुध आठवें घर में मीन राशि पर 23 मार्च से 15 अप्रैल तक वक्री होकर पेट खराबी, शरीर/नसों में दर्द, जॉब में व्यवधान व् आय में रुकावट खड़ी करेगा, वाणी खराब करेगा या मौन रखेगा | | वाणी खराब होने से बचाएं | जॉब में नोकरी छूट जाना या छोड़ देना सम्भव है वाहन खराबी सम्भव | बुध कर्क में राहू के साथ 26 जुलाई से 19 अगस्त के बीच वक्री रहेगा जो वाहन खराब करे या चोट मारने का कार्य कर सकता है | अनावश्यक घबराहट देगा व् भ्रमित करेगा | कंजूसी न करें व् दवा आदि पर धन खर्चें | गुरु व् शनि के वक्र काल के साथ बुध वक्री आपको घबराहट, बेरोज़गारी व् बुद्धि हीनता देगा, बचाव करें |
बचाव का उपाय : अभी से हर रोज़ थोड़ा गुड धर्म स्थान में रख आया करें | सूर्य को गुड या लाल मिर्चों के बीज दाल कर जल द दिया करें |(सारी उम्र) इससे लाभ व् बचाव होते रहेंगे |
कन्या लगन/राशि ( नाम अक्षर: टो,पा,पी,पू,ष,ण,ठ,पे,पो ) :
आपकी राशि का स्वामी बुध मीन, मेष, वृष, मिथुन, कर्क, सिंह व् कन्या राशियों पर 3 मार्च से 18 सितम्बर तक संचार करेगा | 10 जून से 24 जून तक भाग्य लाभ व् जॉब में लाभ भी मिलने के योग बनेगे |
गुरु तुला राशि में दुसरे घर-अपने व् शुक्र के घर से अभी तक लाभकारी रहा है | परन्तु गुरु अपने वक्र काल (9 मार्च से 9 जुलाई तक) परिवार में उथल पुथल कहा सुनी , घर से दूर की यात्रा व् वाहन सम्बन्धी हानि व् चोट आदि दे सकता है | सन्तान को सामान्य कष्ट सम्भव, बचाव करें | शनि भी चौथे घर-चन्द्र के घर में 18 अप्रैल से 6 सितम्बर तक गुरु की धनु राशि पर वक्री होकर वाहन खराबी व् दुर्घटना के स्पष्ट संकेत दे रहा है | जीवन साथी के स्वास्थ्य का पूरा ख्याल रखें व् आवश्यक होने पर तुरंत उचित इलाज कराएँ |
मंगल 27 जून से 27 अगस्त तक आपकी कुंडली के पांचवें स्थान सूर्य के घर पर मकर राशि में वक्री होगा जिससे 27 अगस्त/6 सितम्बर के बीच पेट बेहाल होगा | मीठा खाना कम करें, मिठाई आदि दान करें | ऑपरेशन से बचें | सन्तान व् भाई से मनमुटाव व् उन्हें कष्ट सम्भव | अस्पताल में खून दान करें व् वहां का मरीजों का खाना 27 जून से पहले व् 27 जून से 27 अगस्त के बीच में 15 दिन में एक बार अवश्य खा कर आयें |
आपकी राशि का स्वामी बुध मीन में 23 मार्च से 15 अप्रैल तक वक्री होकर जॉब-व्यापार में व्यवधान व् आय में रुकावट खड़ी करेगा | जीवन साथी का स्वास्थ्य ढीला हो सकता है | वाहन खराबी, दुर्घटना व् चोट आदि सम्भव | जॉब में नोकरी छूट जाना या छोड़ देना सम्भव है | बुध कर्क में राहू के साथ 26 जुलाई से 19 अगस्त के बीच वक्री रहेगा जो पेट खराब करेगा व् आमदनी में कमी/कटोती होगी | अन्य साधनों की आय नहीं होगी | अनावश्यक घबराहट व् भ्रमित आप हो सकते हैं | गुरु व् शनि के वक्र काल के साथ बुध वक्री आपको घबराहट, बेरोज़गारी व् बुद्धि हीनता दे सकता है |
बचाव का उपाय : गाय को हर रोज़ हरा चारा दें (सारी उम्र) तो लाभ व् बचाव होते रहेंगे | दुर्गा शप्तशती का पाठ करें, समीपस्थ दुर्गा मन्दिर में माता को फल फूल व् श्रृंगार का सामान आदि अर्पित करें | शनि, मंगल व् गुरु के उपाय भी करें |
तुला लगन/राशि ( नाम अक्षर: रा,री,रु,रे,रो,ता,ती,तू,ते ):
तुला राशि के 18-19-20 वर्ष की आयु के युवाओं ( जिनका जन्म से बृहस्पति वक्री हो ) का समय अति कष्टकारक होगा |
अन्य को, शुगर या अन्य कारण से अस्पताल जाना सम्भव | बचाव करें | हार्ट या प्राइवेट पार्ट्स सम्बन्धी समस्या | दुर्घटना से बचें |
आपकी राशि का स्वामी शुक्र अभी मीन में, फिर मेष, वृष, मिथुन, कर्क, सिंह, कन्या व् तुला राशियों पर 2 मार्च से 16 नवम्बर तक संचार करेगा | 1 अगस्त से 31 अगस्त का समय छोड़, शुक्र शुभ लाभ देगा व् कार्य चलते रहेंगे | तब भी, 6 सितम्बर तक शूगर व् बी पी का ध्यान रखें |
गुरु आपके लग्न में जन्म राशि/नाम राशि तुला में अभी तक सुख, स्मृद्धि व् लाभ दे रहा था | परन्तु गुरु अपने वक्र काल (9 मार्च से 9 जुलाई तक) में मानसिक तनाव, असमंजस,अनावश्यक यात्रा, वाहन सम्बन्धी हानि व् चोट आदि दे सकता है | शनि भी तीसरे घर- बुध मंगल के घर में पराक्रम स्थान पर 18 अप्रैल से 6 सितम्बर तक गुरु की धनु राशि पर वक्री होकर आपकी घबराहट बहुत बढ़ा देगा | अपना स्वास्थ्य चेक अप कराएँ, हार्ट चेक कराएँ | वाहन ध्यान से चलायें | भाई बहनों को कष्ट व् उनसे मनमुटाव होगा | शांति से समय काट लें | 6 सितम्बर से ठीक होता जायेगा | आवश्यक होने पर किसी भी बीमारी का तुरंत उचित इलाज कराएँ |
मंगल 27 जून से 27 अगस्त तक आपकी कुंडली के चोथे स्थान चन्द्र के घर पर मकर राशि में वक्री होगा जिससे 27 अगस्त/6 सितम्बर के बीच वाहन को आग से बचाएं | माता व्/या जीवन साथी का स्वास्थ्य ढीला होगा | मिठाई आदि दान करें | चोट दुर्घटना से बचाव करें | अस्पताल में खून दान करें व् वहां का मरीजों का खाना 27 जून से पहले व् 27 जून से 27 अगस्त के बीच में 15 दिन में एक बार अवश्य खा कर आयें |
आपकी राशि का स्वामी शुक्र 1 अगस्त से 31 अगस्त नीच राशि कन्या में होकर लाभ नहीं देगा, कलंक से बचें | शूगर कम ज्यादा होने का ध्यान रखें | शुक्र आपकी राशि तुला पर 6 अक्तूबर से 16 नवम्बर तक वक्री होकर अपमान करा कसता है | कलंक, शूगर, मीडिया से बचें | प्रसिद्धी के लिए न दोडें | गुरु व् शनि के वक्र काल के साथ बुध वक्री आपको घबराहट, डिप्रेशन व् असहाय कर सकता है |
बचाव का उपाय : गाय को हर रोज़ हरा चारा दें (सारी उम्र) | हर शुक्रवार गाय को हरा चारा या 2 चपाती के साथ खीर दिया करें | शनि, मंगल व् गुरु के उपाय भी करें |
वृश्चिक लगन/राशि ( नाम अक्षर: तो,ना,नी,नू,नेनो,या,यी,यू ):
शनि की उतरती साढ़ेसाती है जो लाभकारी तो चल रही थी | परन्तु शनि के वक्र काल में फिर थोड़े समय के लिए हानिकारक रहेगी |
आपकी राशि का स्वामी मंगल 7 मार्च से 1 मई तक दूसरे घर परिवार व् धन संग्रह स्थान पर धनु राशि पर व् 2 मई से 26 जून तक मार्गी रहते हुए मकर राशि पर रहेगा | धन जुड़ने व् परिवार में वृद्धि तो होगी | तब भी धनु राशि पर शनि भी बैठा है व् शनि वक्र काल में संग्रहित किया धन खर्च होता जायेगा |
गुरु बाहरवें घर-खर्चे के घर तुला राशि में अपने ही घर से आप के शुभ कार्यों पर खर्च करवा रहा है | 18-19-20 वर्ष के युवकों के अनावश्यक खर्च, चोट आदि व् बेकार भ्रमण आदि अभी तक चल रहे थे | गुरु वक्र काल (9 मार्च से 9 जुलाई तक) आपके अनचाहे तुरंत के खर्चे कराएगा | अब वक्र काल में 18-19-20 वर्ष के युवा बच्चे (जिनका जन्म से गुरु वक्री हो ) वाहन आदि सोच कर चलायें | सावधानी हटी दुर्घटना घटी, जीवन लीला समाप्त, सो ध्यान दें | शुभ खर्चे या धार्मिक खर्चे भी सम्भव | साँस की कठिनाई हो तो इलाज कराएँ | जीवन साथी की सेहत खराब हो तो इलाज कराएँ | शनि भी 18 अप्रैल से 6 सितम्बर तक दूसरे घर से गुरु की धनु राशि पर वक्री होकर लग्न को देखेगा | शनि उलटी दृष्टि से वृश्चिक (मंगल की राशि व् मंगल से बैर के कारण) चोट व् दुर्घटना आदि करा सकता है | दूसरा घर मारक भी होता है जो आठवें मृत्यु के घर को देखता है | अत चोट कष्ट आदि मृत्यु तुल्य हो सकते हैं | आपके लिए 27 जून से 27 अगस्त तक का समय अत्यधिक हानिकारक व् कष्टकारक है | इस समय में आप असहाय जैसे हो सकते हैं | किसी भी शारीरिक कष्ट का तुरंत इलाज कराएँ जो उसी समय सफल नहीं होगा परन्तु 27 अगस्त व् 6 सितम्बर के बाद पूरी तरह सफल होता जायेगा | महा मृत्युंजय जप आप स्वयम करें या कराएँ तो अच्छा रहे |
बुध भी मीन राशि में वक्री रहेगा 23 मार्च से 15 अप्रैल तक जो पेट खराब करेगा | सन्तान को कष्ट सम्भव | बुध 26 जुलाई से 19 अगस्त के बीच कर्क राशि में राहू के साथ वक्री होकर भाग्य में अवरोध पैदा करेगा | जॉब में समस्या आ सकती है | गुरु, शनि व् बुध वक्री होकर आपको भ्रमित, दिशाहीन व् बुद्धि हीन कर के कष्ट देना चाहेंगे |
जैसा कि उपर लिखा है, आप राशि का स्वामी मंगल 27 जून से 27 अगस्त तक आपकी कुंडली के तीसरे घर पराक्रम- भाई बहनों के घर में मकर राशि में वक्री होगा जिससे 27 अगस्त/6 सितम्बर के बीच आप असहाय जैसे हो सकते हैं | बी पी चेक कराएँ | सगे भाई बहन चाह कर भी सहायता नहीं कर पाएंगे, दूर होंगे या दूर रहेंगे | किसी भी शारीरिक कष्ट का तुरंत इलाज कराएँ जो उसी समय सफल नहीं होगा परन्तु 27 अगस्त/6 सितम्बर के बाद पूरी तरह सफल होता जायेगा | कोई भाई बहन विदा भी हो सकते हैं |
बचाव का उपाय : हनुमान जी को 9 केले व् 9 लाल फल (लाल सेब या अनार या केसरी लड्डू आदि) हर मंगलवार अर्पित करें (27 जून से 27 अगस्त तक आवश्यक) , कुछ बचाव होगा | शनि व् गुरु के उपाय भी करें |
धनु लगन/राशि ( नाम अक्षर: ये,यो,भा,भी,भू,धा,फ,ढ,भे ) :
शनि साढ़ेसाती चरम सीमा पर चल रही है | यद्यपि यह लाभकारी समय है परन्तु शनि वक्री होने जा रहे हैं, अत विभिन्न समस्याएँ आपको आ रही हैं और अधिक गम्भीर समस्याएँ अभी आनी हैं |
धनु राशि के 18-19-20 वर्ष की आयु के युवाओं ( जिनका जन्म से बृहस्पति वक्री हो ) का समय अति कष्टकारक होगा, कृपया महा मृत्युंजय जप करें या कराएँ | दुर्घटना से बचें |
आपकी राशि का स्वामी गुरु बृहस्पति अभी तक तुला राशि में होकर धन लाभ, अधिक आय सुख, स्मृद्धि व् लाभ या प्रमोशन आदि दे रहा था/चूका था | शनि भी अभी तक लाभकारी व् प्रभावशाली स्थिति में था |
परन्तु गुरु बृहस्पति ग्यारवें घर-अपने-शनि के घर से- अपने वक्र काल (9 मार्च से 9 जुलाई तक) में पेट खराबी, तनाव, असमंजस, धन हानि, आमदनी में कटोती, सन्तान को कष्ट, वाहन सम्बन्धी हानि व् चोट आदि दे सकता है | शनि भी लग्न प्रथम घर – सूर्य के घर में 18 अप्रैल से 6 सितम्बर तक गुरु की धनु राशि पर वक्री होकर आपकी समस्याएँ बढ़ा देगा | अपना स्वास्थ्य चेक अप कराएँ, पिता व् माता के स्वास्थ्य का पूरा ध्यान रखें | भाई बहनों को कष्ट व् उनसे मनमुटाव भी सम्भव | घर परिवार में दुःख की घटना हो सकती है | वाहन बहुत ध्यान से चलायें | शांति से उपाय आदि करते हुए समय काट लें |
6 सितम्बर से समय ठीक होता जायेगा | आवश्यक होने पर किसी की भी किसी भी बीमारी का तुरंत उचित इलाज कराएँ |
मंगल 27 जून से 27 अगस्त तक आपकी कुंडली के दूसरे स्थान बृहस्पति-शुक्रघर पर मकर राशि में वक्री होगा जिससे 27 जून से 27 अगस्त/6 सितम्बर के बीच जमा किया हुआ धन समाप्त होता जायेगा बीमारी कष्ट चोट दुर्घटना आदि में या किसी (भाई आदि) को उधार दिया धन वापिस जल्दी नहीं आएगा | परिवार में कलह या भाइयों में झगड़ा होगा, बचाव करें | चोट दुर्घटना से बचाव करें | मंगल दूसरे घर से आठवें घर –मृत्यु के घर- को भी देख रहा होगा व् वक्रता में खतरा खड़ा कर सकता है | मिठाई आदि दान करें व् मंगल के उपाय करें | चाहें तो, अस्पताल में खून दान करें व् वहां का मरीजों का खाना 27 जून से पहले व् 27 जून से 27 अगस्त के बीच में 15 दिन में एक बार अवश्य खा कर आयें |
आपकी राशि का स्वामी गुरु बृहस्पति 10 जुलाई से शांत होकर बचाव करने लगेगा | गुरु, शनि, मंगल व् बुध वक्री होकर आपको घबराहट व् परेशानी देंगे ही |
बचाव का उपाय : हर रोज़ 3 केले+पीले फूल+12 रूपये भगवान लक्ष्मी नारायण को अर्पित करें या हर वीरवार 1 दर्जन केले+पीले फूलों का हार+२१ रूपये भगवान् लक्ष्मी नारायण को अर्पित करें | इसके साथ ही, शनि, मंगल व् बुध के उपाय भी करें |
मकरलगन/राशि(नाम अक्षर: भो,ज,जा,जी,जे,जो,खा,खी,खु,खे,खो,गा,गी ):
शनि साढ़ेसाती की शुरुआत जनवरी 2017 से हो चुकी है | शत्रु अब तक आगे बढ़ चुके हैं व् धीरे धीरे सामने आकर आपके विरुद्ध अति शीघ्र दावा व् धावा बोलेंगे | विभिन्न समस्याएँ आपको आ रही हैं और अधिक गम्भीर समस्याएँ अभी आनी बाकी हैं जब समय अति कष्टकारक होगा | कृपया महा मृत्युंजय जप करें या कराएँ | दुर्घटना से बचें |
आपकी राशि का स्वामी शनि अभी तक बाहरवें घर धनुराशि में होकर धन, आय, सुख, स्मृद्धि व् लाभ या प्रमोशन आदि दे रहा था | यह अभी तक लाभकारी व् प्रभावशाली स्थिति में था | जिनका शनि जन्म से वक्री है या बुध जन्म से वक्री है, उन्हें धन हानि, बैंक, इनकम टैक्स आदि से पत्र मिल चुके होंगे व् जांच शुरू हो चुकी होगी | चोट दुर्घटना आदि एक बार हो चुकी होगी | शत्रुओं ने आपके विरुद्ध लिख कर दे दिया होगा, जांच शुरू | सत्कर्म करें, जेल जाने से बचें |
गुरु बृहस्पति दसवें घर - शनि के घर से- अपने वक्र काल (9 मार्च से 9 जुलाई तक) जॉब-व्यापार में समस्या खड़ी करेगा, जॉब कारोबार बचाएं | तनाव, असमंजस, आमदनी में कटोती, सन्तान को कष्ट, वाहन खराबी व् चोट आदि सब सम्भव हैं | शनि बाहरवें घर से – गुरु बृहस्पति के घर में 18 अप्रैल से 6 सितम्बर तक गुरु की धनु राशि पर वक्री होकर आपकी समस्याएँ बढ़ा देगा |मित्र शत्रु समान होंगे | दूर की बदली-ट्रान्सफर होगी| घर को तरस जायेंगे | घबराएँ नहीं 6 सितम्बर के बाद साधन बनेगे, समय सीधा होकर घर परिवार आदि से सुख प्राप्त होगा | अपना स्वास्थ्य चेक अप कराएँ, पिता व् माता के स्वास्थ्य का पूरा ध्यान रखें | बहनों को कष्ट व् उनसे मनमुटाव भी सम्भव | घर परिवार में दुःख की घटना हो सकती है | वाहन बहुत ध्यान से चलायें | महा मृत्युंजय जप करें या कराएँ |शांति से उपाय आदि करते हुए समय काट लें |
6 सितम्बर से समय ठीक होता जायेगा | आवश्यक होने पर किसी की भी किसी भी बीमारी का तुरंत उचित इलाज कराएँ |
मंगल 27 जून से 27 अगस्त तक आपकी कुंडली में लग्न पर सूर्य के घर पर मकर राशि में वक्री होगा जिससे 27 जून से 27 अगस्त/6 सितम्बर का समय आपक के लिए अत्यंत घातक है | कष्ट चोट दुर्घटना होना निश्चित ही है | महा मृत्युंजय जप करें या कराएँ |भाइयों-कजिन में कहा सुनी/झगड़ा/मनमुटाव सम्भव | मंगल वक्री बाहरवें घर शनि वक्री को तथा गुरु वक्री दसवें घर से मंगल को देखेगा जो मृत्यु तुल्य कष्ट का संकेत देता है | मिठाई आदि दान करें व् मंगल के उपाय करें | चाहें तो, अस्पताल में खून दान करें | अस्पताल में बैठ कर वहां के मरीजों का खाना 27 जून से पहले व् 27 जून से 27 अगस्त के बीच में 15 दिन में एक बार अवश्य खा कर आयें, कुछ धन भी दान करके आयें |
आपकी राशि का स्वामी शनि 6 सितम्बर के बाद से शांत होकर बचाव करने व् लाभ देने लगेगा | गुरु, शनि, मंगल व् बुध वक्री होकर आपको घबराहट व् परेशानी देंगे ही |
बचाव का उपाय : हर रोज़ शनि चालीसा, शनि स्तोत्र पढ़ें या डाउन लोड करके सुने | हर शनिवार साबत माह+काले तिल+तेल सरसों+26 रूपये शनि मूर्ति या शिवलिंग के पास रखें | इसके साथ ही, गुरु, मंगल व् बुध के उपाय भी करें |
कुम्भ लगन/राशि ( नाम अक्षर: गु,गे,गो,सा,सी,सु,से,सो,दा ) :
यद्यपि आपकी राशि पर शनि साढ़ेसाती शुरू नहीं हुई है, तब भी शनि ग्यारवें घर से अगले बाहरवें घर –मोक्ष के घर – को देख रहा है, साथ ही ग्याहरवें घर से तीसरी दृष्टि से लग्न को देख रहा है | जिनका जन्म से शनि वक्री है, उन्हें शनि अभी से कष्ट व् मोक्ष का राह दिखा रहा है | अधिक कष्ट अनुभव करते हों तो महा मृत्युंजय जप करें या कराएँ |
आपकी राशि का स्वामी शनि अभी तक जनवरी 2017 से ग्यारहवें घर धनुराशि में होकर आकर धन, आय, सुख, स्मृद्धि व् लाभ व् प्रमोशन आदि दे चुका है | यह अभी तक लाभकारी व् प्रभावशाली स्थिति में था | जिनका शनि जन्म से वक्री है उन्होंने पेट की खराबी, घुटनों पिंडलियों का दर्द, सन्तान को कष्ट आदि का सामना कर लिया होगा |
गुरु बृहस्पति नोवें घर – भाग्य स्थान पर अपने ही घर से अभी तक लाभकारी रहे होंगे | घर निवास आदि मिलना या बनाना सम्भव हुआ | अब गुरु अपने वक्र काल (9 मार्च से 9 जुलाई तक) भाग्य अवरोध करेगा व् कार्यों में रुकावट आएगी | किरायेदारों को मकान खाली करने का नोटिस मिलेगा | तनाव, असमंजस, व् पेट की खराबी आदि सम्भव है | हार्ट चेक कराना भी जरूरी होगा | शनि ग्याहरवें घर से – गुरु बृहस्पति व् अपने ही घर में 18 अप्रैल से 6 सितम्बर तक गुरु की धनु राशि पर वक्री होकर आपकी समस्याएँ बढ़ा देगा | पेट की समस्या आएगी | सन्तान के कार्यों में रुकावट आएगी | घुटने पिंडलियों पैरों में दर्द आदि होंगे | घर से दूर जाना हो सकता है| घबराएँ नहीं 6 सितम्बर के बाद लाभ आदि स्वयमेव आ जायेंगे | तब भी, अपना नियमित स्वास्थ्य चेक अप कराएँ | पिता/माता के स्वास्थ्य का पूरा ध्यान रखें | वाहन ध्यान से चलायें | अच्छा हो, आप महा मृत्युंजय जप करें या कराएँ |
मंगल 27 जून से 27 अगस्त तक आपकी कुंडली में बाहरवें घर-गुरु बृहस्पति के घर पर मकर राशि में वक्री होगा जिससे 27 जून से 27 अगस्त/6 सितम्बर का समय आपक के लिए अत्यंत घातक है | कष्ट चोट दुर्घटना या बी पी आदि का बढना/घटना निश्चित है, अस्पताल जाना ही होगा | चाहें तो महा मृत्युंजय जप करें या कराएँ |भाइयों-कजिन में कहा सुनी/झगड़ा/मनमुटाव, थाना कचेहरी सम्भव | मंगल वक्री बाहरवें घर से ग्यारवें घर में शनि वक्री को देखेगा जो बड़े भाई को कष्ट का संकेत देता है | मंगल के उपाय करें | अस्पताल में खून दान करें | अस्पताल में बैठ कर वहां के मरीजों का खाना 27 जून से पहले व् 27 जून से 27 अगस्त के बीच में 15 दिन में एक बार अवश्य खा कर आयें, कुछ धन भी दान करके आयें |
आपकी राशि का स्वामी शनि 6 सितम्बर के बाद से शांत होकर बचाव करने व् लाभ देने लगेगा | गुरु भी दसवें भाव आकर लाभ व् रुकी हुई प्रमोशन आदि दिलवाएगा | मंगल, शनि, गुरु आदि वक्री होकर आपको परेशानी देंगे ही |
बचाव का उपाय : हर रोज़ शनि चालीसा, शनि स्तोत्र पढ़ें या डाउन लोड करके सुने | हर शनिवार साबत माह+काले तिल+तेल सरसों+26 रूपये शनि मूर्ति या शिवलिंग के पास रखें | इसके साथ ही, गुरु, मंगल व् बुध के उपाय भी करें |
मीन लगन/राशि ( नाम अक्षर: दी,दू,थ,झ,दे,दो,चा,चि ) :
मीन राशि के 18-19-20 वर्ष की आयु के युवाओं ( जिनका जन्म से बृहस्पति वक्री हो ) का समय अति कष्टकारक होगा, कृपया महा मृत्युंजय जप करें या कराएँ | दुर्घटना से बचें |
आपकी राशि का स्वामी गुरु बृहस्पति अभी तक तुला राशि आठवें घर में होकर घर से दूर, विदेश यात्रा या धार्मिक यात्रा आदि करवाता रहा | धन लाभ अधिक नहीं हुआ |
परन्तु अब गुरु बृहस्पति अब आठवें घर - मृत्यु के घर से - अपने वक्र काल (9 मार्च से 9 जुलाई तक) में पेट खराबी, तनाव, असमंजस, धन हानि, गले की समस्या वाहन सम्बन्धी हानि व् चोट आदि दे सकता है | बुद्धिहीनता व् ज्ञानहीनता सम्भव, मान सम्मान में कमी, पेट खराब, कार्यों में रुकावट, पति/पत्नी अस्वस्थ होना आदि अन्य प्रभाव होंगे | शनि भी जनवरी 2017 से अभी तक दसवें घर में- अपने घर में- लाभकारी व् प्रभावशाली होकर प्रमोशन आदि दे चुके हैं | धन व् यश वृद्धि हुई है | परन्तु शनि 18 अप्रैल से 6 सितम्बर तक गुरु की धनु राशि पर वक्री होकर आपकी समस्याएँ बढ़ा देगा | जॉब में नोटिस/मेमो/व्यापार में हानि, पार्टनर्स का अलग होना आदि होगा | जॉब टर्मिनेशन से बचने का ध्यान रखें | अपना,पिता व् माता के स्वास्थ्य का पूरा ध्यान रखें | माता पिता को गम्भीर कष्ट सम्भव | घर परिवार में दुःख की घटना सम्भव | वाहन बहुत ध्यान से चलायें |
11 जुलाई से समय थोड़ा सम्भलेगा व् 6 सितम्बर से समय ठीक होता जायेगा | आवश्यक होने पर किसी की भी किसी भी बीमारी का तुरंत उचित इलाज कराएँ |
मंगल 27 जून से 27 अगस्त तक आपकी कुंडली के ग्यारवें घर बृहस्पति-शनि के घर पर मकर राशि में वक्री होगा जिससे 27 जून से 27 अगस्त/6 सितम्बर के बीच पेट खराब, धन हानि, बड़े भाई को कष्ट, घुटने टांगों पर कष्ट- चोट आदि सम्भव | बड़े भाई-भाइयों से न उलझें, बचाव करें | मिठाई आदि दान करें व् मंगल के उपाय करें | अस्पताल में खून दान करें व् वहां का मरीजों का खाना 27 जून से पहले व् 27 जून से 27 अगस्त के बीच में 15 दिन में एक बार अवश्य खा कर आयें |
आपकी राशि का स्वामी गुरु बृहस्पति 10 जुलाई से शांत होकर बचाव करने लगेगा | गुरु, शनि, मंगल व् बुध वक्री होकर आपको क्रोध, घबराहट व् परेशानी देंगे, सयम रखें व् शांत रहें |
बचाव का उपाय : हर रोज़ 3 केले+पीले फूल+12 रूपये भगवान लक्ष्मी नारायण को अर्पित करें या हर वीरवार 1 दर्जन केले+पीले फूलों का हार+21 रूपये भगवान् लक्ष्मी नारायण को अर्पित करें | इसके साथ ही, शनि, मंगल व् बुध के उपाय भी करें |
ज्योतिष का ज्ञान रखने वाले विद्वान उपरोक्त लेख में कमियां लिखें तो मैं अपने ज्ञान वृद्धि के लिए उनका धन्यवादी होऊंगा | आलोचना करते हुए अपना तर्क अवश्य दें | केवल आलोचना के लिए आलोचना की आवश्यकता नहीं है | अकारण या नास्तिक होने पर अज्ञानी की तरह टिप्पणी करने से क्या लाभ ?
नारायण, नारायण |
आपका भविष्य फल 9 मार्च से 6 सितम्बर 2018 तक
आपकी नाम राशि पर वक्री ग्रहों का 9 मार्च से 6 सितम्बर 2018 तक क्या प्रभाव होगा, इसके लिए आप देखें : www.panditjksharma.com OR Astrologer J K Sharma OR J K Sharma Astrologer page.