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17 जून से 13 अगस्त तक 

शनि मंगल का दंगल करता सदा अमंगल -2

शनि वृश्चिक राशि पर  25 मार्च से 13 अगस्त तक वक्री

मंगल वृश्चिक पर 17 अप्रैल से  16 जून तक, वापिस तुला पर   29 जून 2016 तक वक्री

राहू व् केतु सदेव  वक्री रहते हैं |

 (यह सूचना आपको डराने या घबराने  के लिए नहीं है बल्कि  जानकारी व् सचेत होकर अपनी सुरक्षा व् कार्य आदि करते रहने के लिए है | आप सभी सकुशल व् स्वस्थ रहें व् आपकी आवश्कताएं पूरी हों, इश्वर से प्रार्थना है | )

 

आप के प्रसिद्ध नाम अर्थात जिस नाम से आप हस्ताक्षर करके धन कमाते हैं,  वही नाम राशि प्रभावशाली बन जाती है व् मानी भी जाती है |

 

गुरु बृहस्पति 10 मई से मार्गी होकर शान्त  हो गये हैं  | इन्होने सम्बन्धित जीवों को वक्र काल में सम्भावित समस्याएँ व् कष्ट दिए |

बुध देव भी 22 मई से शान्त  हैं | इन्होने वक्र काल में पहाड़ों में बसें व् जीपें गिरा कर जान मॉल की हानि की | अध्यापकों व् छात्रों में असंतोष खींचा तानी बनी रही |

 

अभी शनि देव मंगल की वृश्चिक राशि में 25 मार्च से 13 अगस्त 2016 तक  वक्री चल रहे  हैं  |  वृश्चिक राशि के स्वामी मंगल भी 17 अप्रैल से 16 जून तक वृश्चिक राशि पर व् वक्र गति से  वापिस तुला पर   29 जून 2016 तक वक्री चलेंगे

मंगल व् शनि का एक साथ एक ही राशि पर वक्र होना अति कष्टप्रद व् भयंकर होता है  |

16 जून 2016 तक की अवधि में शनि मंगल वक्रता के निम्न प्रभाव होंगे

वक्री मंगल तुला राशि में 17 जून से अन्य प्रभाव देगा |

 

  • समुदाय या जाति विशेष के लोगों की और से  हड़ताल, लड़ाई व् खून खराबा आदि के  संकेत  हैं |
  • धार्मिक स्थलों पर खून खराबा मृत्यु अथवा प्रॉपर्टी सम्बन्धी झगड़े | उज्जैन, दक्षिण भारत में आतिशबाजी घटना  व् केदारनाथ पर बादल फटना  उदहारण हैं |
  • वक्री मंगल आग लगता व् भड़काता है |  वर्धा में आयुध भंडार में लगी आग व् सैनिकों आदि की मौत उदहारण है |
  • मंगल व् शनि 5-6/17 जून के  आस पास भूकम्प ला सकते हैं  |
  • डॉक्टर व् नर्सों की हड़ताल आदि व् मरीजों का हाल खराब |
  • प्रॉपर्टी के मामलों में झगड़ा व् हत्याएं देखने को मिलेंगी |

 

राशिगत प्रभाव

 

वृश्चिक  राशि पर 17 अप्रैल से 16 जून 2016  तक  की अवधि में शनि मंगल वक्रता के निम्न प्रभाव होंगे | मंगल वक्री 17 जून से वापिस  तुला राशि पर आ कर 29 जून तक वक्री होकर निम्न प्रभाव देगा :-

 

  • 17 जून से मंगल तुला राशि पर जाकर तुला राशि के लोगों को व्  शुगर के मरीजों को अधिक कष्ट देगा, अस्पताल जाना होगा, बचाव करें |
  • 17 जून से मंगल तुला राशि पर जाकर वृश्चिक राशि के लोगों को दवाई खिलायेगा, चोट मारेगा, अस्पताल भेजेगा व् अधिक कष्ट देगा, बचाव करें |
  • धनु, वृश्चिक व् तुला राशि के लोगों की परीक्षा का समय है | भाई बहन जीजा साला सोतेले भाई बहन आदि का आपस में मन मुटाव, लड़ाई, हाथापाई व् खून खराबा की घटनाएँ  होती रहेंगी | 

 

अन्य राशियों पर प्रभाव :

 

मेष राशि (नाम अक्षर: चू,चे,चो,ला,ली,लू,ले,लो,अ): | क्रोध पर काबू रखें | वाहन ध्यान से चलायें व् चोट  दुर्घटना आदि से बचाव करें | मान सम्मान थोड़ा कम रहेगा |

 

वृष राशि (नाम अक्षर: ई,उ,ए,ओ,वा,वी,वू,वे,वो) :  शुगर लो या अप का ध्यान दें  | स्वास्थ्य अचानक और  अकारण अस्पताल का खर्चा करा सकता है | चोट, ऑपरेशन  व् दुर्घटना से बचें |

 

मिथुन राशि   (नाम अक्षर: क,की,कु,घ,ड,छ,के,को,ह) पेट खराबी व् आय में कमी| वाहन ध्यान से चलायें |

 

कर्क राशि (नाम अक्षर: हि,हु,हे,हो,डा,डी,डू,डे,डो) : अपने पेट का ध्यान रखें | वाहन धीरे चलायें | घर में झगड़ा सम्भव  |

 

सिंह राशि (नाम अक्षर: मा,मी,मू,में,मो,टा,टी,टू,टे) : मन खराब व् कमजोरी | मनोबल कमजोर | ताकत की दवा लें |

 

कन्या राशि (नाम अक्षर: टो,पा,पी,पू,ष,ण,ठ,पे,पो) : मन खराब, थोड़ी घबराहट, |  भाई बहनों जीजा साला  कजिन्स से नाराजगी आदि | धन की कमी |

 

तुला राशि (नाम अक्षर: रा,री,रु,रे,रो,ता,ती,तू,ते) : अस्पताल में मरीजों का खाना खा आयें व् वहां थोड़ा धन दान कर दें | जाते जाते शनि विदाई भी करा सकता है साढ़ेसाती के अंतिम अशुभ ढाई वर्ष में | बी पी शूगर चेक कराएँ | दुर्घटना चोट आदि से बचें | वाहन ध्यान से चलायें  | महामृत्युंजय जप करना/कराना लाभकारी होगा |

 

धनु राशि (नाम अक्षर: ये,यो,भा,भी,भू,धा,फ,ढ,भे) 16  जून 2016 तक  दुर्घटना चोट आदि का  समय | शनि साढ़ेसाती के प्रथम चरण 25  जनवरी 2017 तक - अशुभ समय |  वाहन चलाने  में असावधानी न बरतें, जल्दी न करें | समस्या तब भी आएगी | अनावश्यक भारी  खर्चे होंगे, अस्पताल के खर्चे सम्भव | महामृत्युंजय जप करना/कराना अति आवश्यक |  

 

मकर राशि (नाम अक्षर: भो,ज,जा,जी,जे,जो,खा,खी,खु,खे,खो,गा,गी) घुटने टाँगें पेट सम्बन्धी कष्ट, आय में रुकावट  | ऑफिस में अशांति | शनि साढ़ेसाती मकर राशि पर जनवरी 2017 से शुरू होने वाली के पहले पांच वर्ष भी अशुभ हैं | चोट आदि से बचाव करें |

कुम्भ  राशि (नाम अक्षर: गु,गे,गो,सा,सी,सु,से,सो,दा) : भाग्य में रुकावट, घर व् कार्य स्थल-ऑफिस  पर मनमुटाव व् समस्याएँ अधिक | जॉब या व्यापार में अनावश्यक समस्याएँ | कुत्ता पालें या कुत्ते को हर रोज़ दुघ रोटी दें | वाहन ध्यान से चलायें व् झगड़े. दुर्घटना. चोट आदि से बचें | अगस्त 15 से समय अच्छा |

 

मीन  राशि (नाम अक्षर: दी,दू,थ,झ,दे,दो,चा,चि) : पेट खराब, चोट से बचें | आमदनी कम |

 

बचाव के उपाय :

  • ॐ नमः शिवाय का जाप हर समय करें |
  • मंगल व् शनि की पूजा पाठ जप तप दान उपाए अधिक करें | हनुमान चालीसा व् शनि चालीसा हर रोज़ पढ़ें या सुनें  |
  •  मेष, वृष, मिथुन, सिंह, तुला, वृश्चिक व् धनु राशियों के लोग स्वयम महामृत्युंजय जप करते रहे तो अच्छा रहेगा |
  • तुला, वृश्चिक व् धनु तो महामृत्युन्जय जप अवश्य करें या किसी विद्वान् से करवा लें - अति आवश्यक है |
  • तुला, वृश्चिक व् धनु राशि के लोग साबत माह-उड़द  व् कांच की शीशी में सरसों का तेल डाल  कर ढक्कन बंद करके चलते पानी में बहायें,  साढ़ेसाती के वर्षों तक |

 

 

मुफ्त में आप  एक  बार एक प्रश्न वेबसाइट  www.panditjksharma.com  पर  ईमेल This email address is being protected from spambots. You need JavaScript enabled to view it.  पर  अपना नाम, जन्म तारीख, जन्म समय, जन्म स्थान का जिला भेज कर पूछ सकते हैं  | यह सुविधा केवल एक बार मिलती है |

 

वर्ष फल बनवाना भी ठीक रहता है, इसके लिए दक्षिण देय होती है  |

 

ज्योतिष का ज्ञान रखने वाले विद्वान इसका खंडन, आलोचना करके उपरोक्त में कमियां भी लिखें तो में अपने ज्ञान वृद्धि के लिए उनका धन्यवादी होऊंगा  | आलोचना करते हुए अपना तर्क अवश्य दें |अकारण या नास्तिक होने पर अज्ञानी की तरह टिप्पणी करने से क्या लाभ ?

 

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नारायण, नारायण |