शनि मंगल का दंगल

करता सदा अमंगल

 गुरु सिंह राशि पर वक्री 9 जनवरी से 9 मई तक

शनि वृश्चिक राशि पर  वक्री 25 मार्च से 13 अगस्त तक

मंगल वृश्चिक राशि पर वक्री 17 अप्रैल से 29 जून 2016

बुध मेष पर  वक्री 27 अप्रैल  से 22 मई तक  

राहू सिंह व् केतु कुम्भ राशियों पर वक्री

 

(यह सूचना आपको डराने या घबराने  के लिए नहीं है बल्कि  जानकारी व् सचेत होकर अपनी सुरक्षा व् कार्य आदि करते रहने के लिए है | आप सभी सकुशल व् स्वस्थ रहें व् आपकी आवश्कताएं पूरी हों, इश्वर से प्रार्थना है | )

आप के प्रसिद्ध नाम अर्थात जिस नाम से आप हस्ताक्षर करके धन कमाते हैं,  वही नाम राशि प्रभावशाली बन जाती है व् मानी भी जाती है | प्रसिद्ध नाम राशि अथवा नाम-लगन  के आधार पर फलादेश  दिया जा रहा है |

 

लीजिये, शनि देव वृश्चिक राशि में 25 मार्च से 13 अगस्त 2016 तक पहले ही वक्री हैं  | अब वृश्चिक राशि के स्वामी मंगल भी 17 अप्रैल से 29 जून तक अपनी ही वृश्चिक राशि पर शनि देव के साथ ही वक्री हो रहे हैं व् 27 अप्रैल से 22 मई तक बुध मेष में वक्री हो रहे है |  

 

समाज व् देश

17 अप्रैल से 29 जून 2016 तक की अवधि में शनि मंगल वक्रता के निम्न प्रभाव होंगे : मंगल व् शनि का एकसाथ एक ही राशि पर वक्र होना अति कष्टप्रद व् भयंकर होता है  |

  • धनु, वृश्चिक व् तुला राशि के लोगों की परीक्षा का समय है | भाई बहन जीजा साला सोतेले भाई बहन आदि का आपस में मन मुटाव, लड़ाई, हाथापाई व् खून खराबा की घटनाएँ देखने को मिलेंगी |  
  • धर्म के नाम पर मुख्य धर्मों के लोगों में झगड़ा, लड़ाई खून खराबा, जेल भरो कार्यक्रम आदि  दिखेंगे | समुदाय या जाति विशेष के लोगों की औरों से लड़ाई व् खून खराबा आदि के  संकेत  हैं |
  • धार्मिक स्थलों पर खून खराबा मृत्यु अथवा प्रॉपर्टी सम्बन्धी झगड़े |
  • पुलिस व् आर्मी पूरी  तरह सफल नहीं हो पायेगी | डॉक्टर्स नर्स आदि हड़ताल को तेयार रहेंगे |
  • सीमा पर खून खराबा बढ़ जायेगा |
  • रक्त सम्बन्धी समस्याएं अधिक होंगी व् रक्त की कमी होगी | खून बहेगा | बी पी,  चोट,  दुर्घटनाएं, अकाल मृत्यु, रक्त खराबी की बीमारियाँ  आदि अधिक होंगी  |
  • मंगल व् शनि भूकम्प भी लायेंगे जो अधिक जन धन हानि करेगा |
  • अस्पतालों के आपरेशन असफल अधिक होंगे या बार बार करने पड़ेंगे | मरीजों की रिकवरी देर से होगी |
  • प्रॉपर्टी के मामलों में झगड़ा व् हत्याएं देखने को मिलेंगी |
  • किसी वृद्ध प्रसिद्ध राजनेता की मृत्यु से राज शोक होगा |
  • सर्वोच्च मंत्री पर हमले के योग हैं या दुर्घटना होगी, स्वास्थ्य ढीला होगा |
  • वक्री मंगल तथा  वक्री शनि का नकारात्मक प्रभाव अपनी अपनी राशियों मेष, मकर  व् कुम्भ पर भी  पड़ेगा | वृष राशि पर शनि मंगल की सामने की सातवीं दृष्टि का  नकारात्मक प्रभाव पड़ेगा |

 

बुध 27 अप्रैल से 22 मई तक मेष पर वक्री होकर मेष व् तुला की बुधि खराब करेगा व् वाहन सम्बन्धी  कष्ट देगा 

वृश्चिक  राशि पर 17 अप्रैल से 29 जून 2016 तक की अवधि में शनि मंगल वक्रता के निम्न प्रभाव होंगे  :-

 

वृश्चिक राशि (नाम अक्षर: तो,ना,नी,नू,ने,नो,या,यी,यू): शनि साढ़ेसाती के कारण जनवरी 2020 तक  समय अधिक अच्छा नहीं तिसपर मंगल वक्री होने पर दुर्घटना का समय | मंगल के वक्र काल  17  अप्रैल से 29 जून 2016 में  वाहन खराबी व् सिर ठोड़ी पर चोट व् वाहन  दुर्घटना का प्रबल योग  | महामृत्युंजय जप करना/कराना लाभकारी होगा | बहनों भाइयों व् अन्य रिश्तों में खटास |

वृष राशि (नाम अक्षर: ई,उ,ए,ओ,वा,वी,वू,वे,वो) : आपकी राशि का स्वामी शुक्र 3 मई से अस्त होगा तो शुगर लो या अप करेगा | मंगल व्   शनि की सातवें घर से  दृष्टि पड़ने पर आपका   स्वास्थ्य अचानक और  अकारण और अधिक कमजोर हो सकता है | चोट, ऑपरेशन  व् दुर्घटना से बचें | महामृत्युंजय जप करना/कराना लाभकारी होगा |

अन्य राशियों पर प्रभाव :

 

मेष राशि (नाम अक्षर: चू,चे,चो,ला,ली,लू,ले,लो,अ): पेट में भयंकर दंगल होगा, बचाव करें  | वाहन ध्यान से चलायें व् चोट  दुर्घटना आदि से बचाव करना बहुत जरूरी  है | सही कार्य करें, जेल योग से बचाव करें | जॉब में लापरवाही न करें |  रिश्तों में खटास रहेगी | क्रोध से बचें, हानि होगी | 27 अप्रैल से बुधि बेकाबू रहेगी | 15 अगस्त उपरांत  समय सुधरना शुरू होगा | महामृत्युंजय जप करना/कराना लाभकारी होगा |

 

मिथुन राशि (नाम अक्षर: क,की,कु,घ,ड,छ,के,को,ह) मंगल शनि का दंगल बुध के  घर में वाणी में क्रोध भर दे व् बुधि को जड़ करे |  वाहन खराबी तो ठीक हो जाएगी परन्तु वाहन  ध्यान से चलायें, दुर्घटना का संकेत है | चोट आदि से बचें व् रक्त की व्यवस्था  करके रखें  | कार्य सही तरीके से  करें व् अपनी जॉब बचाएं क्योकि 27 अप्रैल से 22 मई तक आपकी राशि का स्वामी बुध भी मेष राशि पर वक्री चलेगा  | महामृत्युंजय जप करना/कराना लाभकारी होगा |

कर्क राशि (नाम अक्षर: हि,हु,हे,हो,डा,डी,डू,डे,डो) : अपने पेट व्  सन्तान का ध्यान रखें | आय में थोड़ी रुकावट सम्भव | वाहन ध्यान से चलायें |

सिंह राशि (नाम अक्षर: मा,मी,मू,में,मो,टा,टी,टू,टे) : नकारात्मक विचारों जैसे आत्महत्या आदि से बचें | फ़ूड पाइप में समस्या सम्भव | मंगल शनि के वक्र काल में घर में  तथा पत्नी, प्रॉपर्टी व् जॉब अर्थात आय से सम्बन्धित  व्यवधान होंगे  | परिजनों के स्वास्थ्य का ध्यान रखना भी आवश्यक | अपने स्वास्थ्य का भी ध्यान पूरा रखें | महामृत्युंजय जप करना/कराना लाभकारी होगा |

कन्या राशि (नाम अक्षर: टो,पा,पी,पू,ष,ण,ठ,पे,पो) : मन खराब, थोड़ी घबराहट, स्वास्थ्य ढीला, आवश्यक हो तो इलाज कराएँ |  भाई बहनों जीजा साला  कजिन्स से नाराजगी व् झगड़ा | थाना कचेहरी आदि से बचें | वाहन 27 अप्रैल से 22 मई ध्यान से चलायें |

तुला राशि (नाम अक्षर: रा,री,रु,रे,रो,ता,ती,तू,ते) : जाते जाते शनि विदाई भी करा सकता है साढ़ेसाती के अंतिम अशुभ ढाई वर्ष में | वाहन ध्यान से चलायें, दुर्घटना चोट आदि से बचें व् अपने शरीर की  रक्षा करें  | महामृत्युंजय जप करना/कराना लाभकारी होगा |

धनु राशि (नाम अक्षर: ये,यो,भा,भी,भू,धा,फ,ढ,भे) 17 अप्रैल से 29 जून 2016 के बीच तो  दुर्घटना चोट का योग व्  अधिक कष्टकारी समय सम्भव | अस्पताल के फ़ोन नम्बर आदि पास रखें | वैसे, शनि साढ़ेसाती के प्रथम चरण का  - 25  जनवरी 2017 तक - अशुभ समय |  वाहन चलाने  में असावधानी न बरतें, जल्दी न करें | समस्या तब भी आएगी | अनावश्यक भारी  खर्चे होंगे, अस्पताल के खर्चे भी हो सकते हैं  | महामृत्युंजय जप करना/कराना अति आवश्यक |  चोरी व् धोखे से बचें |

 

मकर राशि (नाम अक्षर: भो,ज,जा,जी,जे,जो,खा,खी,खु,खे,खो,गा,गी) ग्यारहवें घर में शनि व् मंगल वक्री होकर घुटने टाँगें पेट सम्बन्धी कष्ट देंगे, आय में रुकावट बनेगी | शनि अपनी तीसरी दृष्टि से लगन मकर को  देख रहा है व् इस राशि पर 26 जनवरी 2017 से शुरू होने वाली साढ़ेसाती के पांच वर्ष भी अशुभ हैं | भाई बहनों मित्रों से अनबन सम्भव | चोट आदि से बचाव करें |

कुम्भ  राशि (नाम अक्षर: गु,गे,गो,सा,सी,सु,से,सो,दा) : घर व् कार्य स्थल-ऑफिस  पर मनमुटाव व् समस्याएँ अधिक | 15 अगस्त तक जॉब या व्यापार में अनावश्यक समस्याएँ | नोकरी में बाधा अधिक | कुत्ता पालें या कुत्ते को हर रोज़ दुघ रोटी दें | वाहन ध्यान से चलायें व् झगड़े. दुर्घटना. चोट आदि से बचें |

मीन  राशि (नाम अक्षर: दी,दू,थ,झ,दे,दो,चा,चि) : स्वास्थ्य ढीला, भाग्य व् कार्यों में रुकावटें, मन कमजोर व् अप्रसन्न, जमा किये धन से अनावश्यक खर्च,  आमदनी कम |

 

बचाव के उपाय :

मंगल व् शनि का पूजा पाठ जप तप दान उपाए अधिक करें |  ॐ नमः शिवाय सबसे आसान व् सस्ता उपाय है | मेष व् वृश्चिक को दुर्गा चालीसा, दुर्गा सप्तशती व् बुधा देवी तथा बुध ग्रह की उपासना भी करनी चाहिए | सिंह राशि गुरु व् राहू के उपाए करें |

मेष, वृष, मिथुन, सिंह, तुला, वृश्चिक व् धनु राशियों के लोग स्वयम महामृत्युंजय जप करते रहे तो अच्छा रहेगा | तुला, वृश्चिक व् धनु तो महामृत्युन्जय जप अवश्य करें या किसी विद्वान् से करवा लें - अति आवश्यक है |

विद्वान् ज्योतिषी को जन्म पत्री दिखा कर चेक करवा लें कि  कहीं  मृत्यु तुल्य गम्भीर कष्ट तो नहीं है | उपायों से सम्भव बचाव मिल सकता है, परन्तु यदि समय आ गया होगा तो कोई भी उपाय  मृत्यु से बचाव नहीं  करता |

मुफ्त में आप  एक  बार एक प्रश्न वेबसाइट  www.panditjksharma.com  पर  ईमेलThis email address is being protected from spambots. You need JavaScript enabled to view it.  पर  अपना नाम, जन्म तारीख, जन्म समय, जन्म स्थान का जिला भेज कर पूछ सकते हैं  | यह सुविधा केवल एक बार मिलती है |

वर्ष फल बनवाना भी ठीक रहता है, इसके लिए दक्षिण देय होती है  |

ज्योतिष का ज्ञान रखने वाले विद्वान इसका खंडन, आलोचना करके उपरोक्त में कमियां भी लिखें तो में अपने ज्ञान वृद्धि के लिए उनका धन्यवादी होऊंगा  | आलोचना करते हुए अपना तर्क अवश्य दें |अकारण या नास्तिक होने पर अज्ञानी की तरह टिप्पणी करने से क्या लाभ ?  

नारायण, नारायण |