बचें वक्री शनि के कुप्रभाव से

 25 मार्च से 13 अगस्त 2016 तक शनि देव वृश्चिक राशि में वक्री हो जायेंगे | वृश्चिक राशि के स्वामी मंगल हैं | मंगल हमारा  लाल रक्त बनाता है | शनि देव वक्र होकर लाल रक्त में अपना काला प्रभाव छोड़ेंगे जिससे रक्त सम्बन्धी समस्याएं अधिक होंगी | लो बी पी, हाई बी पी, चोट या दुर्घटना में रक्त बह जाना, रक्त खराब होकर बीमारियाँ होना, दुर्घटना मृत्यु तुल्य  हो जाना आदि स्थितियां नजर आती हैं | शनि  वक्री का नकारात्मक प्रभाव अपनी मकर  व् कुम्भ राशियों पर भी  पड़ेगा व् साथ ही साढ़ेसाती प्रभाव वाली तुला, वृश्चिक,धनु  राशियाँ  तथा ढईया से प्रभावित मेष व् सिंह राशियों पर भी थोड़ा बहुत नकारात्मक प्रभाव पड़ेगा |

ज्योतिष     सिधान्तों के अनुसार शनि साढ़ेसाती का प्रभाव निम्न प्रकार रहता है :

तुला राशि (नाम अक्षर : रा,री,रु,रे,रो,ता,ती,तू,ते) : शुरू के पांच साल शुभ, अब अंतिम ढाई वर्ष अशुभ 25 जनवरी 2017 तक |

वृश्चिक राशि (नाम अक्षर: तो,ना,नी,नू,ने,नो,या,यी,यू): शुरू के ढाई साल शुभ, अब अंतिम पांच वर्ष अशुभ 19 जनवरी 2020  तक |

धनु राशि (नाम अक्षर :ये,यो,भा,भी,भू,धा,फ,ढ,भे) : अब शुरू के ढाई साल 25 जनवरी 2017 तक अशुभ, अंतिम पांच वर्ष शुभ 29 अप्रैल 2022  तक |

सिंह राशि (नाम अक्षर: मा,मी,मू,में,मो,टा,टी,टू,टे) : ढईया लाभकारी 25 जनवरी 2017 तक, ताम्बा  पहनें  |

मेष राशि( नाम अक्षर : चू, चे, चो, ला, ली , लू, ले , लो, अ ): ढईया  हानिकारक 25 जनवरी 2017 तक, सोना पहनें  |

 

आप के प्रसिद्ध नाम अर्थात जिस नाम से आप हस्ताक्षर करके धन कमाते हैं वही राशि प्रभावशाली बन जाती है व् मानी भी जाती है | प्रशिद्ध  नाम राशि अथवा नाम लगन  के आधार पर फलादेश  दिया जा रहा है |

 

तुला राशि (नाम अक्षर: रा,री,रु,रे,रो,ता,ती,तू,ते) : अब अंतिम ढाई वर्ष  अशुभ है | वाहन खराबी, वाहन ध्यान से चलायें, दुर्घटना चोट आदि से बचें व् अपने शरीर की  रक्षा करें  | अकारण घबराहट होने पर हार्ट चेक करवाएं |

 

वृश्चिक राशि (नाम अक्षर: तो,ना,नी,नू,ने,नो,या,यी,यू): जनवरी 2020 तक कष्टकारी समय |, बहनों भाइयों व् अन्य रिश्तों में खटास | चोट  दुर्घटना व् इसमें रक्त बहने से बचाव करें | वाहन ध्यान से चलायें, वाहन खराबी बनी रहेगी |

 दवा लें | शनि साढ़ेसाती का उपाय भी करें | वाणी खराब न करें |

धनु राशि (नाम अक्षर:ये,यो,भा,भी,भू,धा,फ,ढ,भे) जनवरी 2017 तक अशुभ समय |  दुर्घटना चोट का योग बना हुआ है, अस्पताल जाना पड़ सकता है अपने ब्लड ग्रुप की व्यवस्था रखें  |  वाहन ध्यान से चलायें | अनावश्यक भारी  खर्चे होंगे |  चोरी व् धोखे से बचें |

सिंह राशि (नाम अक्षर: मा,मी,मू,में,मो,टा,टी,टू,टे) : शनि वक्र काल में घर में पत्नी प्रॉपर्टी व् परिवार में समस्या | परिजनों के स्वास्थ्य का ध्यान करें | शनि दृष्टि से स्वयम भी बचें |

मेष राशि (नाम अक्षर: चू,चे,चो,ला,ली,लू,ले,लो,अ): पेट में दंगल होगा  खाना आदि व्यवस्थित करें |  वाहन ध्यान से चलायें व् चोट  दुर्घटना आदि से बचाव करें | वाहन खराबी बनी रहेगी |  अगस्त उपरांत  समय गजब का सुधरता जायेगा |

 

अन्य राशियों पर प्रभाव :

 

मकर राशि (नाम अक्षर: भो,ज,जा,जी,जे,जो,खा,खी,खु,खे,खो,गा,गी) - शनि की तीसरी दृष्टि अभी से पड़ रही है व् जनवरी 2017 से शुरू होने वाली साढ़ेसाती के पांच वर्ष भी अशुभ हैं | पेट की सम्भाल करें | आय में कमी | भाई बहनों मित्रों से अनबन सम्भव | चोट आदि से बचें |

कुम्भ  राशि (नाम अक्षर: गु,गे,गो,सा,सी,सु,से,सो,दा) 15 अगस्त तक कार्यों-जॉब  में रुकावट व् समस्याएँ, कहा सुनी-हाथ पाई से बचें,  वाहन ध्यान से चलायें व् दुर्घटना चोट आदि से बचें |

वृष राशि (नाम अक्षर: ई,उ,ए,ओ,वा,वी,वू,वे,वो) : शनि की सातवें घर पर दृष्टि पड़ रही है -  कार्यों में थोड़ी रुकावट, शुगर लो या अप | स्वास्थ्य का ध्यान रखें |

मिथुन राशि (नाम अक्षर: क,की,कु,घ,ड,छ,के,को,ह) शनि छ्टे घर में वाणी व् बुधि कुंठित करे | भावुक न हों |  वाहन ध्यान से चलायें, दुर्घटना चोट आदि से बचें व् रक्त की व्यवस्था भी करके रखें  |

कन्या राशि (नाम अक्षर: टो,पा,पी,पू,ष,ण,ठ,पे,पो) : मन या हार्ट में घबराहट, मन खराब, भाई बहनों आदि से नाराजगी व् निराशा | सन्तान चिंता |

कर्क राशि (नाम अक्षर: हि,हु,हे,हो,डा,डी,डू,डे,डो) : पेट खराबी, सन्तान को कष्ट, आय में रुकावट | वाहन ध्यान से चलायें |

मीन  राशि (नाम अक्षर: दी,दू,थ,झ,दे,दो,चा,चि) : भाग्य में रुकावटें, मन खराब व्  घबराहट, आमदनी कम | भावनाओं पर काबू रखें |

 

बचाव के उपाय :

 

हर शनिवार शनि व् राहू के दान करें | मंगल के दान करने भी आवश्यक हैं | ॐ नमः शिवाय सबसे आसान व् सस्ता उपाय है | महामृत्युंजय जप स्वयम करते  रहें | विद्वान् ज्योतिषी को जन्म पत्री दिखा कर चेक करवा लें कि  गम्भीर कष्ट तो नहीं है | उपायों से सम्भव बचाव मिल सकता है, मृत्यु से बचाव के अतिरिक्त  |

 

मुफ्त में आप  एक  बार एक प्रश्न ईमेल This email address is being protected from spambots. You need JavaScript enabled to view it.    पर अपना नाम, जन्म तारीख, जन्म समय, स्थान जिला भेज कर पूछ सकते हैं  | यह सुविधा केवल एक बार मिलती है |

 

वर्ष फल बनवाना भी ठीक रहता है, इसके लिए दक्षिण देय होती है  |

 

 

उपरोक्त सूचना आपको डराने या घबराने  के लिए नहीं है बल्कि  जानकारी व् सचेत होकर अपनी सुरक्षा व् कार्य आदि करते रहने के लिए है | नारायण, नारायण |   

 

 

 

शनि मंगल का दंगल करता सदा अमंगल

16-17 अप्रैल इस लेख को इसी वेबसाइट पर  अवश्य पढ़ें |