कृपया अपने स्वास्थ्य व् जीवन की रक्षा करें
आप की प्रसिद्ध नाम राशि पर आधारित
2 जनवरी 2024 तक महत्वपूर्ण जानकारी
-डॉ जे के शर्मा
नोट :
आपके प्रसिद्ध नाम के अनुसार ही आपको सारी उम्र लाभ हानि कार्य व्यापार प्रमोशन आदि प्राप्त होते हैं | आपकी जन्म राशि से विवाह, मंगल कार्य व् यात्रा का विचार किया जाता है |आप की प्रसिद्ध नाम राशि व् आपकी जन्म राशि एक ही हो सकते हैं | इसलिए भी, प्रसिद्ध नाम पर आधारित यह जानकारी आप पर लागू हो जाती है, यदि आप नास्तिक नहीं हैं | आप व्यक्तिगत कुंडली विद्वान ज्योतिषी को दिखाएँ व् उचित विवरण प्राप्त करें | विभिन्न ग्रहों के उपायों के लिए इसी वेबसाइट पर ढूंढें | केवल उचित व् सम्भव उपाय करें | स्टोन-नग आदि केवल तब पहने जब उस स्टोन-नग का ग्रह वक्री-रेट्रोग्रेड न हो या इमरजेंसी में टेस्ट करके पहनें |
अथ शनि विचार :
मकर, कुम्भ व् मीन राशियों पर शनि साढ़ेसाती चल रही है | हर वर्ष शनि 140 दिन वक्री भी चलता है | जिन लोगों का जन्म कुंडली में यदि जन्म से ही शनि वक्री व्/या नीच राशि मेष का है तो उन जातकों को शनि-प्रदत्त लाभ नगण्य मिलते हैं |अलग अलग राशियों पर पहले ढाई वर्ष, अगले ढाई वर्ष व् अंतिम ढाई वर्ष में अलग अलग शुभ व् अशुभ साढ़ेसाती के प्रभाव होते हैं, सभी राशियों पर एक जैसा समान प्रभाव नहीं होता | शनि का ढईया कर्क पर शुभ व् वृश्चिक राशि पर अशुभ चल रहा है |
मोबाइल पर अपनी कुंडली देखें |
यदि जन्म से ही आपकी जन्म कुंडली में : (1) सूर्य कार्तिक का(15 अक्तूबर से 15 नवम्बर तक) (2) चन्द्र अस्त/वृश्चिक राशि में नीच/या कुंडली में छ्टे या आठवें या बाहरवें घर में हो (3) मंगल कर्क में नीच/या कहीं भी वक्री या अस्त हो (4) बुध मीन में नीच या कहीं भी वक्री हो (5) गुरु-10 मकर में नीच/ या कहीं भी अस्त/या वक्री हो (6) शुक्र कन्या में नीच/या कहीं भी वक्री या अस्त हो (7) शनि-1 मेष में नीच/या अस्त /या कहीं भी वक्री हो, (8) राहू धनु का (आत्मघाती) हो व् (9) केतु मिथुन का हो - ये सब अपने नीच काल में/ अस्त काल में व् विशेषकर वक्र काल में अधिक प्रबल – शक्तिशाली होकर अधिक हानि करते हैं |
वक्री /अस्त ग्रहों का आप पर 2-1-2024 तक प्रभाव
जरूरी सूचना:
- कोई भी ग्रह जब वक्री चलता है या अस्त होता है तब वह अपना नकारात्मक या लाभहीन प्रभाव सभी प्राणियों, पशु पक्षियों, पेड़ पोधों, पृथ्वी व् हर जीव पर न्यूनाधिक डालता है |
- जन्म के समय जो ग्रह नीच राशि में हों तो उनकी नीचता का प्रभाव सारी उम्र ढोना पड़ता है |
- जन्म से ग्रह उदय हों सही हों, परन्तु चालित-गोचर में नीच हो जाएँ तो उनका नकारात्मक प्रभाव नहीं पड़ता या ग्रह के उस स्थान से बदल जाने के समय से नकारात्मक प्रभाव हट जाता है |
- जब गोचर-चलित में कोई नीच ग्रह जिन राशियों पर (विशेषकर वक्री ग्रह) चलता है, उन राशियों को विशेषकर हानि करता है – साथ ही अपनी ही राशियों में भी उस समय लाभ नहीं देता |
- इसलिए, निम्न विवरण अनुसार जिस राशि पर जो ग्रह वक्री/अस्त हो रहे हैं , उस राशि व् उसके साथ अन्य लिखी हुई राशियों को तो हानि करेंगे ही |
- इसके साथ ही सभी राशियों को भी थोड़ा-बहुत हानि करेंगे, स्मरण रखें |
- शनि: 17 जून से कुम्भ राशि में 3 नवम्बर तक वक्री चल रहे हैं | हर वर्ष 140 दिन वक्री-उल्टा चलते हैं | आय में कट, पेट खराबी, बहिन भाई को कष्ट, अस्पताल यात्रा आदि होंगे | चोट दुर्घटना सम्भव हैं | हर शनिवार मकर, कुम्भ, मीन, कर्क व् वृश्चिक राशि के लोग शनि मंदिर जाएँ व् शनि के दान उपाय करें |
मेडिकल ईलाज सबसे पहले करें |
- शुक्र : सिंह राशि में 23 जुलाई से वक्री होकर वापिस कर्क राशि में 7 अगस्त को आकर कर्क में ही 3 सिम्बर को मार्गी होंगे | सिंह राशि के लोगों को पेट, शूगर व् प्राइवेट पार्ट्स/हर्निया जैसी समस्याएँ अवश्य होंगी |
कर्क राशि के लोगों को : 7 अगस्त से 2 सितम्बर तक पारिवारिक जीवन में कमी/ पति-पत्नी में मनमुटाव-खटास/ जन्म से शुक्र वक्री आदि होने पर डाइवोर्स का विचार आदि | शूगर का ध्यान रखें |
हर रोज़ या शुक्रवार सिंह, कर्क ,तुला व् वृष राशि वाले लोग 11 गाय को खीर रखकर रोटी दें व् अन्य उपाय करें | इस अवधि में हर रोज़ दही खाएं, दही से नहायें व् 1 पैक दही शिवलिंग के पास रखें |
मेडिकल ईलाज सबसे पहले करें |
- बुध : (क) सिंह राशि में 21 अगस्त से 16 सितम्बर तक बुध वक्री चलकर बुद्धि वाणी व्यापर व् शिक्षा में कमी करेंगे, वाहन ध्यान से चलायें, दुर्घटना चोट व् वाहन खराबी से सावधान हों | लैपटॉप मोबाइल आदि खराब या चोरी हो सकते हैं | स्कूली व् कॉलेज के छात्रों को कष्ट | पहाड़ों में दुर्घटनाएं | हर रोज़ / हर बुधवार सिंह, मिथुन व् कन्या राशि वाले लोग कन्याओं को चोकलेट , गाय को हरा चारा/रोटी/केले दें व् अन्य उपाय करें | इस अवधि में रविवार धर्म स्थान में 1 किलो गुड़ रख आयें |
मेडिकल ईलाज सबसे पहले करें |
(ख) बुध धनु राशि (स्वामी गुरु बृहस्पति ) में 13 दिसम्बर से 2 जनवरी 2024 तक वक्री चलेंगे व् इस समय गुरु बृहस्पति भी मेष राशि में वक्री चल रहे होंगे | भाग्य की रुकावट, शिक्षा- व्यापार,वाणी-विचार अशुद्ध होंगे | जॉब/व्यापार में हानि व् अन्य धोखा आदि संभव | वाहन खराबी व् दुर्घटना की सम्भावना रहेगी | स्कूली व् कॉलेज के छात्रों को कष्ट | पहाड़ों में दुर्घटनाएं |
(क) मेष , धनु, मीन, मिथुन व् कन्या राशि के लोग वाहन ध्यान से चलायें |
(ख)इस अवधि में मेष , धनु, मीन, मिथुन व् कन्या राशि के लोग कन्याओं को चोकलेट , गाय को हरा चारा/रोटी/केले दें व् अन्य उपाय करें |
(ग) वीरवार के दिन 1 दर्जन केले धर्म स्थान में दें, साधू संत को मिष्टान्न सहित भोजन कराएँ |
मेडिकल ईलाज सबसे पहले करें |
- गुरु बृहस्पति : मेष राशि में 3 सितम्बर से 31 दिसम्बर तक वक्री चलेंगे | हर वर्ष 120 दिन वक्री-उल्टा चलते हैं | परिवार में बड़ों या बुजुर्गों को कष्ट सम्भव | बी पी आदि की स्वास्थ्य समस्या सम्भव है | घर/ऑफिस/प्रॉपर्टी सम्बन्धी समस्याएँ भी उठेंगी | वायुयान दुर्घटनाएं | पेट्रोल, गैस आदि महंगे | वाहन ध्यान से चलायें , दुर्घटना से बचें | इस अवधि में हर मंगलवार मेष, वृश्चिक, धनु व् मीन राशि के लोग प्रसाद बांटें व् साधू संत को मिष्टान्न सहित भोजन कराएँ |
हर वीरवार के दिन 1 दर्जन केले धरम स्थान में दें +साधू संत को मिष्टान्न सहित भोजन कराएँ |
मेडिकल ईलाज सबसे पहले करें |
- मंगल अस्त: (क): कन्या राशि में 24 सितम्बर से 2-10-2023 तक अस्त होकर स्किन समस्या, चोट-भय, बी पी/ एच बी कम या अधिक करेगा | मनोबल कमजोर होगा | इस अवधि में कन्या राशि, मेष व् वृश्चिक राशि के लोग हनुमान चालीसा, बजरंग बाण,सुन्दरकाण्ड पाठ करें, प्रसाद बांटें | कन्याओं को नमकीन चीज़ें खाने को दें |
मेडिकल ईलाज सबसे पहले करें हालाँकि ईलाज पूरी तरह या शीघ्र प्रभावी नहीं होगा |
(ख): तुला राशि में 3-10-2023 से 15-11-2023 तक अस्त होकर शूगर घटाए –बढाएगा, प्राइवेट पार्ट्स आदि की समस्या आएगी | | इस अवधि में तुला राशि, मेष व् वृश्चिक राशि के लोग हनुमान चालीसा, बजरंग बाण,सुन्दरकाण्ड पाठ करें, प्रसाद बांटें | दही खाएं, दही से नहायें, 1 पैक दही शिवलिंग के पास रखें, 11 गाय को खीर रख कर रोटी दें |
मेडिकल ईलाज सबसे पहले करें हालाँकि ईलाज पूरी तरह या शीघ्र प्रभावी नहीं होगा |
(ग): वृश्चिक राशि में 16-11-2023 से 27-12-2023 तक अस्त : शरीर में कमज़ोरी, बी पी/एच बी कम या अधिक, ब्लड प्रॉब्लम, शत्रु मजबूत, हार-चोट-गुस्सा आदि होंगे | शूगर व् प्राइवेट पार्ट्स सम्बन्धी समस्या सम्भव | इस अवधि में वृश्चिक, मेष, वृष व् तुला राशि के लोग हनुमान चालीसा, बजरंग बाण,सुन्दरकाण्ड पाठ करें, प्रसाद बांटें | दही खाएं, दही से नहायें, 1 पैक दही शिवलिंग के पास रखें, 11 गाय को खीर रख कर रोटी दें |
मेडिकल ईलाज सबसे पहले करें हालाँकि ईलाज पूरी तरह या शीघ्र प्रभावी नहीं होगा |
(घ): धनु राशि में 28-12-2023 से 16 जनवरी 2024 तक अस्त होकर शायद अस्पताल जाना पड़े | बी पी /एच बी/ब्लड की कमी/पेट खराबी /सन्तान को कष्ट आदि समस्याएँ सम्भव | इस अवधि में धनु, मीन, वृश्चिक व् मेष राशि के लोग साधूसंत-ब्राह्मण को मिष्टान्न सहित भोजन कराएँ | हनुमान चालीसा, बजरंग बाण,सुन्दरकाण्ड पाठ करें, प्रसाद बांटें |
मेडिकल ईलाज सबसे पहले करें हालाँकि ईलाज पूरी तरह या शीघ्र प्रभावी नहीं होगा |
मंगल धनु राशि में 17 जनवरी 2024 को उदय होगा व् बी पी/एच बी/ब्लड समस्याएँ / बीमारियाँ आदि स्पीड से ठीक करेगा |
अब मेडिकल ईलाज पूरी तरह या शीघ्र प्रभावी होता जायेगा |
- वक्री राहू : मेष राशि में 12-4-2022 से 30-10-2023 तक रहेंगे |घबराहट, क्रोध , भटकाव, कार्यों में अनावश्यक देरी व् रुकावटें रहेंगी | राहू मीन राशि पर 31-10-2023 से 18-5-2025 तक जाने पर जाकर यात्रायें व् भटकाव आदि तथा अनावश्यक खर्चे देगा |
मेष राशि अभी से 18-5-2025 तक मंगल+गुरु राहू+शनि के उपाय करें तथा मीन राशि 31-10-2023 से 18-5-2025 तक गुरु+राहू+शनि के उपाय करें |
- वक्री केतु : तुला राशि में 12-4-2022 से 30-10-2023 तक रहेगा व् शूगर , हर्निया, पेनक्रिया आदि पेट के ऑपरेशन करा सकता है | केतु 31-10-2023 से 18-5-2025 तक कन्या राशि में जायेगा व् कन्या राशि को अनजाने बुखार, बीमारी आदि देगा | धर्म कर्म बढ़ेगा | टांगों, पैरों, बाजुओं आदि पर चोट सम्भव |
तुला राशि के लोग अभी से 30-10-2023 तक शुक्र+केतु के उपाय करें तथा कन्या राशि के लोग 31-10-2023 से 18-5-2025 तक केतु+ गुरु बृहस्पति+ बुध के उपाय करें |
सही व् पूर्ण लाभकारी समय 3-4 जनवरी 2024 से शुरू होगा |
विनय :
यदि आप अपनी समस्या व्यक्तिगत रूप से पूछना चाहते हों तो आप व्हट्स एप्प 9876042656 पर अपना विवरण (नाम, जन्म की तारीख, समय व् स्थान- जिला) व् प्रश्न भेजें जिनका उत्तर आपको प्राप्त होगा, बताया गया मानदेय देने के बाद |
इस लेख सम्बन्धी आपके सुझाव या आलोचना आदि का स्वागत रहेगा | ज्योतिष का ज्ञान रखने वाले विद्वान उपरोक्त लेख में कमियां लिखें तो मैं अपने ज्ञान वृद्धि के लिए उनका धन्यवादी होऊंगा | आलोचना करते हुए अपना तर्क अवश्य दें | केवल आलोचना के लिए आलोचना की आवश्यकता नहीं है | अकारण या नास्तिक होने पर अज्ञानी की तरह टिप्पणी करने से क्या लाभ ? आपके सुझाव आदि का स्वागत है |
शुभकामनाएं | जय श्री लक्ष्मी नारायण जी की |