देव गुरु बृहस्पति व् दैत्य गुरु शुक्र की वक्रता के प्रभाव
गुरु बृहस्पति अपने वैचारिक सत्रु बुध की कन्या राशि में 6 फरवरी से 9 जून तक वक्री चल रहे हैं व् विश्विद्यालयों में छात्रों को उत्तेजित कर रहे हैं | साथ ही 4 मार्च से दैत्य गुरु शुक्र अपने वैचारिक शत्रु गुरु बृहस्पति की राशि में उच्च होते हुए भी 15 अप्रैल तक वक्री चल पड़े हैं | यों तो यह सामान्य प्रक्रिया है परन्तु इसके प्रभाव सामान्य नहीं होते | इनसे निम्न प्रभाव सम्भव हैं :-
(1) गुरु वक्री से :- साँस, पीलिया, थाइरोइड, हार्ट समस्या, पेट खराबी, ज्ञानहीनता व् अपमान मिलना आदि |
(2) शुक्र वक्री से :-शुगर, हर्निया, आँखों सम्बन्धी समस्या, कलंक लगना, स्टिंग ऑपरेशन होना, मीडिया का हाल खराब होना, पिक्चर पिट जाना, सेक्स स्कैंडल होना, बलात्कार घटनाओं में वृद्धि, भद्दा फैशन होना व् मान सम्मान की कमी होना आदि |
निम्न प्रभाव आपकी प्रसिद्ध नाम राशि या आपकी कुंडली के जन्म लगन पर आधारित हैं | आपकी प्रसिद्ध नाम राशि जिससे आप हस्ताक्षर करते हैं व् धन कमाते हैं – पर ये प्रभाव होंगे ही |
हर राशि पर निम्न प्रभाव सम्भव हैं :
मेष लगन/राशि ( नाम अक्षर: चू,चे,चो,ला,ली,लू,ले,लो,अ ): आपकी राशि का स्वामी मंगल 1 मार्च से 11 अप्रैल तक पूरा बचाव करने आपकी राशि पर होगा | तब भी, गुरु व् शुक्र वाहन खराबी या दुर्घटना का संकेत देता हैं, बचाव करें | 6 अप्रैल से अधिक चोक्न्ने होने की आवश्यकता है |
वृष लगन/राशि ( नाम अक्षर: ई,उ,ए,ओ,वा,वी,वू,वे,वो ) : पेट खराब व् लाइलाज | तब भी इलाज कराएँ | कोई ऑपरेशन न कराएँ, पूरी तरह सफल नहीं होगा | शुगर व् बी पी का ध्यान करें व् इस कारण आँखों का ध्यान रखें |
मिथुन लगन/राशि ( नाम अक्षर: क,की,कु,घ,ड,छ,के,को,ह ) : वाहन खराबी व् दुर्घटना से बचें | जॉब में समस्याएँ बढ़े | 6 अप्रैल के बाद बुद्धि हिल जाने पर जॉब छोड़ने का विचार या निकल दिया जाना सम्भव | सोच कर फैसला करें |
कर्क लगन/राशि ( नाम अक्षर: हि,हु,हे,हो,डा,डी,डू,डे,डो ): अनावश्यक घबराहट, मान सम्मान की कमी, नाक दांत की समस्या | ड्राइव ध्यान से करें |
सिंह लगन/राशि ( नाम अक्षर: मा,मी,मू,में,मो,टा,टी,टू,टे ) : वाणी खराब, गला खराब-थाइरोइड समस्या, वाहन दुर्घटना निश्चित, पेट खराब, शुगर लो या अप की समस्या |
कन्या लगन/राशि ( नाम अक्षर: टो,पा,पी,पू,ष,ण,ठ,पे,पो ) : गुरु व् शुक्र आमने सामने – ज्ञान बुद्धि हिल जाये | शुगर आदि का ध्यान दें | वाहन दुर्घटना निश्चित, वाहन बहुत ध्यान से चलायें, 6 अप्रैल से अधिक सावधान |
तुला लगन/राशि ( नाम अक्षर: रा,री,रु,रे,रो,ता,ती,तू,ते ) : शुगर या अन्य कारण से अस्पताल जाना सम्भव | बचाव करें | हार्ट या प्राइवेट पार्ट्स सम्बन्धी समस्या | दुर्घटना से बचें |
वृश्चिक लगन/राशि ( नाम अक्षर: तो,ना,नी,नू,नेनो,या,यी,यू ): मीठा सोच कर खाएं, पेट खराब होने पर इलाज कराएँ | सन्तान चिंता | शुगर व् बी पी का ध्यान करें हालाँकि मंगल 12 अप्रैल से बचाव अधिक करेगा | साढ़ेसाती प्रभाव भी हैं | टांगों पर चोट से बचें |
धनु लगन/राशि ( नाम अक्षर: ये,यो,भा,भी,भू,धा,फ,ढ,भे ) : शनि साढ़ेसाती प्रभाव भी चल रहे हैं | पेट, प्राइवेट पार्ट्स समस्या | जॉब में समस्या, वाहन खराब व् दुर्घटना | परिवार पत्नी प्रेमिका से अनबन | मित्र असहाय व् सहायता हीन |
मकरलगन/राशि(नाम अक्षर: भो,ज,जा,जी,जे,जो,खा,खी,खु,खे,खो,गा,गी ) : शनि साढ़ेसाती प्रभाव भी चल रहे हैं | भाग्य रुकावटें | पेट व् जॉब में समस्या, अनावश्यक घबराहट | पत्नी सन्तान की समस्या | वाहन ध्यान से चलायें |
कुम्भ लगन/राशि ( नाम अक्षर: गु,गे,गो,सा,सी,सु,से,सो,दा ) : गला खराब-गुरु बृहस्पति सम्बन्धी समस्या या थाइरोइड समस्या, वाणी खराब, पेट खराब, वाहन दुर्घटना से बचें, शुगर लो या अप की समस्या |
मीन लगन/राशि ( नाम अक्षर: दी,दू,थ,झ,दे,दो,चा,चि ) : बुद्धि व् ज्ञानहीनता सम्भव, मान सम्मान में कमी, पेट खराब, कार्यों में रुकावट, पति/पत्नी अस्वस्थ |
नोट : यह सूचना आपको डराने या घबराने के लिए नहीं है बल्कि जानकारी व् सचेत होकर अपनी सुरक्षा व् कार्य आदि करते रहने के लिए है | आप सभी सकुशल व् स्वस्थ रहें व् आपकी आवश्कताएं पूरी हों, इश्वर से प्रार्थना है | सुझाव है कि जन्म दिन के आस पास वर्षफल पूछ लेना चाहिए या बनवा लेना चाहिए |
ज्योतिष का ज्ञान रखने वाले विद्वान उपरोक्त लेख में कमियां लिखें तो मैं अपने ज्ञान वृद्धि के लिए उनका धन्यवादी होऊंगा | आलोचना करते हुए अपना तर्क अवश्य दें | केवल आलोचना के लिए आलोचना की आवश्यकता नहीं है | अकारण या नास्तिक होने पर अज्ञानी की तरह टिप्पणी करने से क्या लाभ ?
मुफ्त में आप केवल एक बार केवल एक प्रश्न वेबसाइट www.panditjksharma.com पर ईमेल
नारायण, नारायण |
देव गुरु बृहस्पति दैत्य गुरु शुक्र की वक्रता के प्रभाव
आपकी नाम राशि पर इस का क्या प्रभाव होगा, इसके लिए आप देखें : www.panditjksharma.com OR Astrologer J K Sharma OR J K Sharma Astrologer page.