सावधान ! शनि नाराज हैं  

प्यारे पाठको, शनिदेव 14 मार्च से 01  अगस्त  2015  तक वृश्चिक राशी में वक्री होने से उलटे चल पड़ेंगे 1 ऐसी अवस्था में शनिदेव क्रुद्ध नज़र से देखते हैं 1 शुभ लाभ व् धन लाभ के अवसर नगण्य हो जाते हैं 1 उल्टा शारीरिक कष्ट, चोट व् दुर्घटना आदि के योग बनते हैं 1 निम्न राशियों में शनि प्रभाव स्पष्ट होगा :

तुला राशी : उतरती साढ़ेसाती : {नाम अक्षर रा,री,रु,रे,रो,त,ता,ती,तू,ते}: घर से दूर या विदेश यात्रा,   आप पहले ही विदेश में होंगे 1 वैसे समय सुखकारक व् धन वृद्धि का 1 तब भी स्वास्थय थोडा ढीला, शूगर/मूत्र/ब्रैस्ट सम्बन्धी रोग आदि पर खर्च, चोट व् वाहन दुर्घटना से बचें 1 चांदी अधिकाधिक पहने व् प्रयोग करें 1 {जन्म से यदि शनि वक्री हैं तो लाभ नगण्य} 1

वृश्चिक राशी : सिर पर साढ़ेसाती : { नाम अक्षर तो,न,ना,नी,नू,ने,नो,य,या ,यी,यू} कष्ट अधिक, खून सम्बन्धी बीमारी, चोट व् दुर्घटना में खून बहना या मृत्यु तुल्य कष्ट 1  भाई, जीजा,साला, कजिन आदि शत्रुवत व्यवहार करेंगे व् लड़ाई झगड़े में खून खराबा मृत्यु तथा थाना कचहरी शुरू 1  मान इज्जत कम व् शत्रु चारों ओर 1  चाहें तो लोहा पहने 1 टेस्ट करके सूट करने पर नीलम पहने

धनु राशी : चढती साढ़ेसाती : { नाम अक्षर ये,यो,भा,भी,भू,धा,फ,ढ,भे,ज्ञ} :  घर से दूर या विदेश यात्रा, बाहर रहने से लाभ 1 प्रमोशन सम्भव 1  धन लाभ भी 1 स्वास्थय ढीला चेस्ट फेफड़े साँस सम्बन्धी बीमारियाँ 1  अचानक व् अत्यधिक खरचे, औपरे असर 1  घबराहट भी, दमदार भी व् प्रभावशाली भी 1 पिता पति पुत्र को  कष्ट 1 ताम्बा पहने 

मेष राशी : ढया ढाई वर्ष का : { नाम च चू चे चो ल ला ली लू ले लो अ } शत्रु अधिक स्वास्थ्य ढीला बेकार खरचे व् धनहानि , अपने ही विरोध पर , घर में क्लेश , मन अप्रसन्न {जन्म से शनि  खराब होने पर  शनि मारक भी हो सकता  है इस अवधि में} सोना पहने 1

सिंह राशी : ढया ढाई वर्ष का : { नाम म,मा,मी,मू,मे,मो,टा,टी,टू,टे} प्रापर्टी लाभ, पत्नी पुत्र सन्तान से सुख, प्रमोशन प्राप्ति, धन वृद्धि तथा  स्वास्थ्य सही 1 {जन्म से शनि  खराब होने पर ये लाभ नगण्य} ताम्बा पहने 1

     वक्री शनि की तीसरी सातवीं व् दसवीं नज़र मकर वृष व् सिंह  राशियों पर पड़ने से इन राशियों को लाभ कम रहेंगे 1

     शनि शांति के उपाय : हर रोज़ शनि चालीसा व् शनि स्तोत्र पढ़ें 1 हर शनिवार साबत माह, सरसों का तेल, काले तिल, जों व्  3  मूली पत्तों सहित शनि मूर्ति या शिवलिंग पर अर्पित करें व् शनि से कुछ बचाव इस अवधि में पायें 1