फिर शनि धनु राशि में 26 अक्तूबर से
-डॉ जे के शर्मा
(अपनी प्रसिद्ध नाम राशि अनुसार शनि प्रभाव जानें )
शनि साढ़ेसाती : शनि एक राशि पर ढाई वर्ष रहते हैं | चन्द्र राशि से पहली राशि पर आने पर पहले शनि साढ़ेसाती शुरू हो जाती है जहां शनि ढाई वर्ष रहता है | जन्म/चन्द्र राशि चन्द्रमा पर शनि आने पर अगले ढाई वर्ष के लिए शनि साढ़ेसाती चरम सीमा पर होती है | इसके बाद, चन्द्र राशि से अगली राशि पर शनि जाने पर साढ़ेसाती उतरती होती है | इस तरह साढ़े सात-आठ वर्ष लग जाते हैं क्योंकि हर वर्ष शनि 140 दिन वक्री भी चलता है |
अलग अलग राशि पर साढ़ेसाती के इन तीनों चरणों के अलग अलग प्रभाव होते हैं | (इसी वेबसाइट पर देखें लेख : शनि साढ़ेसाती क्या होती है ? ) |
शनि देव 26 जनवरी 2017 से गुरु बृहस्पति की राशि धनु में आ पहुंचे हैं | जिन लोगों का जन्म कुंडली में गुरु बृहस्पति ठीक है, वक्री या नीच नहीं है उन्हें लाभ ही होगा | यदि कुंडली में बृहस्पति जन्म से ही वक्री व्/या नीच है तो उन जातकों को बृहस्पति व् शनि सम्बन्धी अशुभ प्रभाव अधिक होंगे |
शनि धनु राशि में 6 अप्रैल 2017 से वक्री होने पर 20 जून 2017 से वृश्चिक में वापिस आकर अपने नकारात्मक प्रभाव दिखा चुके हैं | इसके साथ ही गुरु बृहस्पति, बुध व् शुक्र भी वक्री होकर अपने कुप्रभाव दिखा चुके हैं | मंगल नीच व् अस्त ने कमजोर होने के कारण बचाव भी नहीं किया |
अब शनि फिर धनु राशि में 26 अक्टूबर को वापिस आ चुके हैं | इससे वृश्चिक राशि की उतरती साढ़ेसाती, धनु राशि की चरम पर साढ़ेसाती व् मकर राशि की पहले ढाई वर्ष की शुरूआती साढ़ेसाती फिर चल पड़ी है | शनि के धनु राशि पर आने पर अन्य राशियों पर निम्न शुभाशुभ सम्भावित प्रभाव रहेंगे :-
मेष लगन/राशि ( नाम अक्षर: चू,चे,चो,ला,ली,लू,ले,लो,अ ): शनि का कष्टकारी ढैया समाप्त हुआ | धीरे धीरे भाग लाभ प्राप्त होता जायेगा | आपके सपने धीरे धीरे फलीभूत होते जायेंगे | शनि व् गुरु के उपाए करें | 3 से 23 दिसम्बर तक बुध वक्री होने शत्रु सामने आकर भाग्य अवरोध बन सकते हैं |
वृष राशि ( नाम अक्षर: ई,उ,ए,ओ,वा,वी,वू,वे,वो ) : शनि का कष्टकारी ढैया जनवरी 2020 तक शुरू हुआ | पेट सम्बन्धी कष्ट, पत्नी परीवार पुत्र को कष्ट, रक्त सम्बन्धी सम्स्य, कार्य व्यापार में हानि | घर से दूर या विदेश की यात्रा /ट्रान्सफर |
मिथुन लगन/राशि ( नाम अक्षर: क,की,कु,घ,ड,छ,के,को,ह ) : जॉब व् व्यापार में प्रगति या नई जॉब या प्रमोशन के लाभ | खर्चों पर नियन्त्रण, बुधि पर नियंत्रण व् स्वास्थ्य का पूरा ख्याल रखें | आपकी राशि का स्वामी बुध 3 से 23 दिसम्बर तक वक्री होने पर बुधि खराब करेगा, गलत निर्णय करा सकता है | वाहन ध्यान से चलाये | शत्रु उभरेंगे | वैसे, कार्य व्यापार दिसम्बर 2019 तक सुचारू चलेंगे शनि वक्रता का समय को छोड़ कर
कर्क लगन/राशि ( नाम अक्षर: हि,हु,हे,हो,डा,डी,डू,डे,डो ): छ्टे घर बुध के घर में शनि जाने से आप के शत्रु अधिक, धोखे व् धन हानि से बचे | 3 से 23 दिसम्बर तक बुध वक्री होने पर कोर्ट, बैंक, इनकम टैक्स आदि से परेशानी सम्भव | जॉब बहुत ध्यान से करें | वाहन ध्यान से चलायें चोट दुर्घटना से बचें जनवरी 2020 तक | शनि, गुरु व् बुध के उपाए करें
सिंह लगन/राशि ( नाम अक्षर: मा,मी,मू,में,मो,टा,टी,टू,टे ) : पेट खराबी से बचें | सन्तान सम्बन्धी विषय पर पूरा ध्यान दें | विद्या में शुभ लाभ सूर्य व् गुरु अच्छा होने पर | आय में बढ़ोतरी व् प्रमोशन योग बनेगे | घर से दूर या विदेश की यात्रा स्वयं करलें अन्यथा समय सैर कराएगा व् खर्चा कराएगा |
कन्या लगन/राशि ( नाम अक्षर: टो,पा,पी,पू,ष,ण,ठ,पे,पो ) : शनि का कष्टकारी ढैया जनवरी 2020 तक फिर शुरू हुआ | 3 से 23 दिसम्बर तक बुध वक्री होने पर वाहन ध्यान से चलायें | हार्ट चेक कराएँ, घबराहट पर सयम व् काबू रखें | पति/पत्नी के स्वास्थ्य की चिंता | अनावश्यक खर्चे व् ढीला स्वास्थ्य |व्यापार कारोबार में थोड़ी रुकावट व् हानि सम्भव | शनि, बुध व् गुरु के उपाए करें |
तुला लगन/राशि ( नाम अक्षर: रा,री,रु,रे,रो,ता,ती,तू,ते ) : आपका पराक्रम बढ़ेगा, घर निवास आदि में मुरम्मत या बढ़ोतरी सम्भव | परन्तु यदि जन्म से शनि आपकी कुंडली में वक्री है तो पराक्रम घटेगा, घबराहट होगी | 3 से 23 दिसम्बर तक बुध वक्री होने पर भाई बहनों से मनमुटाव व् आपको अनावश्यक घबराहट सम्भव | 2019 अंत तक भाई बहनों को कष्ट सम्भव व् रिश्ते बिगड़ने की सम्भावना | वाहन ध्यान से चलायें, घबरा कर या डर कर नहीं |
वृश्चिक लगन/राशि ( नाम अक्षर: तो,ना,नी,नू,नेनो,या,यी,यू ): शनि साढ़ेसाती का अंतिम व् तीसरा चरण लाभकारी रहेगा | घर से दूर ट्रान्सफर या विदेश यात्रा अवश्य | धन वृद्धि व् अधिकारीयों से सम्मान तथा लाभ | तब भी, वाहन ध्यान से चलायें व् शत्रुओं से बचें | किडनी लीवर चेक कराएँ व् आवश्यक हो तो इलाज कराएँ | घर परिवार में सुख दुःख बराबर आयेंगे | अपने स्वास्थ्य की रक्षा करें |
धनु लगन/राशि ( नाम अक्षर: ये,यो,भा,भी,भू,धा,फ,ढ,भे ) : शनि साढ़ेसाती का दूसरा चरण लाभकारी है | यदि आपकी कुंडली में गुरु बृहस्पति वक्री हैं तो शनि व् गुरु बृहस्पति के उपाय आवश्यक | शारीरिक रोग व् कष्ट, रुकावटें, निज जन विरोध, धन हानि, दुर्घटना-बीमारी, अनावश्यक धन व्यय, पेट खराबी व् सन्तान को कष्ट सम्भव | 3 से 23 दिसम्बर तक बुध वक्री होने पर वहन खराबी व् दुर्घटना कराएगा, बचाव करें | महामृत्युंजय जप अवश्य करें या करवाएं |
मकर लगन/राशि ( नाम अक्षर: भो,ज,जा,जी,जे,जो,खा,खी,खु,खे,खो,गा,गी ) : शनि साढ़ेसाती का प्रथम (जनवरी 2020 तक) व् दूसरा चरण (जनवरी 2020 से अप्रैल 2022 तक ) – दोनों चरण कष्टकारी हैं, अभी पहला चरण ही चल रहा है | बैंक, इनकम टैक्स, शत्रु रूपी मित्रों से धन हानि होगी | मोबाइल, लैपटॉप व् संचार की वस्तुएं खराब या चोरी होंगी | गुरु व्/तथा बुध कुंडली में खराब होने पर बीमारी व् रक्त विकार आदि सम्भव | 3 से 23 दिसम्बर तक बुध वक्री होने पर वाहन ध्यान से चलायें व् चोट दुर्घटना आदि से बचें | स्वयम महामृत्युंजय जप करें या किसी विद्वान से कराएँ |
कुम्भ लगन/राशि ( नाम अक्षर: गु,गे,गो,सा,सी,सु,से,सो,दा ) : प्रमोशन व् धन लाभ होने पर भी अनावश्यक तनाव शनि की तीसरी दृष्टि आपकी नाम राशि कुम्भ –लग्न – पर पड़ने से | सन्तान चिंता, पेट लीवर किडनी आदि सम्बन्धी समस्या सम्भव यदि गुरु, बुध या सूर्य कुंडली में वक्री-नीच आदि हैं | शनि, गुरु, बुध व् सूर्य के दान करते रहें तो लाभ रहे |
मीन लगन/राशि ( नाम अक्षर: दी,दू,थ,झ,दे,दो,चा,चि ) : प्रमोशन तथा धन वृद्धि का समय | स्थानीय स्थान/कार्य स्थल\निवास परिवर्तन सम्भव | शनि व् गुरु के उपाय करें | धार्मिक यात्रा अवश्य करें | शराब मांस आदि से बचें | 3 से 23 दिसम्बर तक बुध वक्री होने पर ऑफिस में लिखित सवाल जवाब | साथी/मित्र शत्रु बन जायेंगे | वाहन ध्यान से चलायें |
ज्योतिष का ज्ञान रखने वाले विद्वान उपरोक्त लेख में कमियां लिखें तो मैं अपने ज्ञान वृद्धि के लिए उनका धन्यवादी होऊंगा | आलोचना करते हुए अपना तर्क अवश्य दें | केवल आलोचना के लिए आलोचना की आवश्यकता नहीं है | अकारण या नास्तिक होने पर अज्ञानी की तरह टिप्पणी करने से क्या लाभ ?
मुफ्त में आप केवल एक बार केवल एक प्रश्न का उत्तर पूछ सकते हैं वेबसाइट डब्लूडब्लूडब्लू.पंडितजेकेशर्मा.कॉमपर ईमेलजेकेशर्मा2075@जीमेल.कॉम पर अपना नाम, जन्म तारीख, जन्म समय, जन्म का जिला, वर्तमान शैक्षणिक योग्यता व् वर्तमान कार्य/जॉब पोस्ट करके |
नारायण, नारायण |
फिर शनि धनु राशि में 26 अक्तूबर से
-डॉ जे के शर्मा
(अपनी प्रसिद्ध नाम राशि अनुसार शनि प्रभाव जानें )
अब शनि फिर धनु राशि में 26 अक्टूबर को वापिस आ चुके हैं | वृश्चिक राशि की उतरती साढ़ेसाती, धनु राशि की चरम पर साढ़ेसाती व् मकर राशि की पहले ढाई वर्ष की शुरूआती साढ़ेसाती फिर चल पड़ी है | शनि के धनु राशि पर आने पर आपकी नाम राशि पर क्या प्रभाव होगा, इसके लिए कृपया आप देखें: डब्लूडब्लूडब्लू.पंडितजेकेशर्मा.कॉम या फेसबुक जय कृषण शर्मा पर पेज देखें आस्ट्रोलाजर जे के शर्मा या जे के शर्मा आस्ट्रोलाजर