आप पर शनि   साढ़ेसाती कब आई थी/आएगी ???

 

डॉ जे के शर्मा, 

पी एच डी  एजू एम् ए इंग्लिश व् हिंदी एम् एड

गोल्ड मेडलिस्ट ज्योतिष व् व्यवसाय मार्गदर्शक 

पूर्व प्राचार्य जनवि शिमला, 

2075/1, सेक्टर 45सी चंडीगढ़-इंडिया

 

 

 (नोट : यह सूचना आपको डराने या घबराने  के लिए नहीं है बल्कि  जानकारी व् सचेत होकर अपनी सुरक्षा व् कार्य आदि करते रहने के लिए है | आप सभी सकुशल व् स्वस्थ रहें व् आपकी आवश्कताएं पूरी हों, इश्वर से प्रार्थना है | )

 

समस्त संसार के  पुरुष,  स्त्रियाँ, देश,  शहर, गाँव, संस्थाएं व् कम्पनियां आदि निम्न लिखित  12 राशियों में विभाजित हैं | उस राशि के गुण दोष स्वत उनमें आ जाते हैं | समय, स्थान, देश व् भोगोलिक स्थिति अनुसार हर व्यक्ति, देश,  शहर, गाँव, संस्था व् कम्पनी  पर  अलग अलग प्रभाव पड़ता है |

आप जिस नाम से आप हस्ताक्षर करके या अंगूठा लगाकर धन कमाते हैं,  वही नाम राशि सारी उम्र के लिए  प्रभावशाली बन जाती है |

शनि जब आपकी चन्द्र राशि पर पधारने वाले होते हैं व् आपकी चन्द्र  राशि से एक राशि पहले आ जाते हैं, तब शनि साढ़ेसाती शुरू हो जाती है | यदि आपको अपनी चन्द्र राशि नहीं पता तो अपने प्रसिद्ध नाम के अनुसार अपनी राशि उपर लिखी राशियों में से चुन लें | इस राशि से पहले की राशि पर जब शनि आये थे/आये हैं/आयेंगे, उस समय आपकी शनि साढ़ेसाती शुरू हुई थी/हुई है/होगी | जिन व्यक्तियों की चन्द्र राशि अलग है व् प्रसिद्ध नाम राशि अलग है, उन पर दो बार शनि साढ़ेसाती के प्रभाव पड़ जाते है- चाहे अच्छे चाहे बुरे |

शनि देव कुंडली के बारह 12 घरों में से छे 6 घरों को हर समय देखते ही रहते हैं | बिना शनि देव के धन प्राप्ति हो ही नहीं सकती | शनि राजा भी बनाते हैं व् रंक भी | शनि साढ़ेसाती  के दोरान जब शनि ग्रह हर वर्ष वक्री होता है, उस समय हानि व् शारीरिक कष्ट विशेषकर होता है | जन्म से ही शनि ग्रह वक्री – उल्टा  (रेट्रोग्रेड - Retrograde) होने पर हानि व् कष्ट अधिक होते हैं | हर व्यक्ति के जीवन में शनि साढ़ेसाती हर सत्ताईस-अठाईस साल बाद आती है व्  अधिक  से अधिक  तीन बार आती है |  इसके अतिरिक्त शनि 30 वें तथा 36 वें वर्ष में अपना पूरा प्रभाव लाभ हानि आदि देते हैं | शनि की 19 वर्षीय विमशोत्तरी दशा भी चलती है |

शनि साढ़ेसाती के तीन फेज होते हैं |

  • आपकी जन्म राशि/प्रसिद्ध नाम राशि)से पहले वाली राशि पर जब शनि आता है, तब आपकी साढ़ेसाती शुरू हो जाती है |
  • आपकी जन्म राशि/प्रसिद्ध नाम राशि)पर जब शनि  वास्तव में आता है, तब आप पर  साढ़ेसाती चरम सीमा पर होती है |
  • आपकी जन्म राशि/प्रसिद्ध नाम राशि) पर से अगली राशि पर जब शनि चला  जाता है, तब साढ़ेसाती उतरती साढ़ेसाती  होती है |

 

शनि साढ़ेसाती शुभ होती है या अशुभ ?  इसका  ज्योतिषीय नियम नीचे लिखा जा रहा है |  परन्तु

  • प्रत्येक जन्म कुंडली में साढ़ेसाती के समय शनि कहाँ विचरण कर रहे हैं व् चन्द्रमा/चन्द्र राशि कहाँ है,
  • (2) शनि जिस राशि पर जा रहे हैं उस राशि के स्वामी ग्रह कौन हैं व् कहाँ हैं, उदय या अस्त या वक्री हैं
  • (3) विमशोत्तरी दशा किस ग्रह की चल रही है वह सकारात्मक ग्रह है या नकारात्मक आदि

इन सब से भी शनि के फल में अंतर पड़ जाता है |

 

शनि   साढ़ेसाती कब आई थी या आएगी 

 

मेष राशि(चू,चे,चो,ला,ली,लू,ले,लो,अ): 

  • पहले ढाई वर्ष शुभ (1995-अप्रैल1998 तक)/मार्च 2025-फरवरी 2028/मई 2054-जनवरी 2057 तक)/मार्च 2084-मई 2086)

(शनि नीच राशि की ओर जा रहा होता है, इसलिए पूरा लाभकारी नहीं होता/होगा )|       

  • बीच के ढाई वर्ष अशुभ  (अप्रैल 1998-जून 2000 तक)/फरवरी 2028-अगस्त 2029/जनवरी 2057-मई 2059/मई 2086-जुलाई 2088 )     
  • अंत के ढाई वर्ष शुभ | (जून 2000 – मई 2002 तक)/अगस्त 2029-जुलाई 2032/मई 2059-जुलाई 2061)      

वृष राशि(ई,उ,ए,ओ,वा,वी,वू,वे,वो)

  • पहले ढाई वर्ष अशुभ, (अप्रैल 1998-जून 2000 तक)/फरवरी 2028-अगस्त 2029/जनवरी 2057-मई 2059/मई 2086-जुलाई 2088 )     
  • बीच के ढाई वर्ष शुभ (जून 2000 – मई 2002 तक)/अगस्त 2029-जुलाई 2032/मई 2059-जुलाई 2061)      
  • अंत के ढाई वर्ष  भी शुभ ( जुलाई 2002–मई 2005 तक)/जुलाई 2032-जुलाई 2034 /जुलाई 2061-अगस्त 2063)      

मिथुन राशि(क,की,कु,घ,ड,छ,के,को,ह) :

  • पहले ढाई वर्ष शुभ, (जून 2000 – मई 2002 तक)/अगस्त 2029-जुलाई 2032/मई 2059-जुलाई 2061)      
  • बीच के ढाई वर्ष शुभ ( जुलाई 2002–मई 2005 तक)/जुलाई 2032-जुलाई 2034 /जुलाई 2061-अगस्त 2063)      
  • अंत के ढाई वर्ष अशुभ (मई 2005-जुलाई 2007तक)/जुलाई 2034-अगस्त  2036/अगस्त 2063-अक्टूबर 2065)      

कर्क राशि(हि,हु,हे,हो,डा,डी,डू,डे,डो):

  • पहले ढाई वर्ष शुभ( जुलाई 2002–मई 2005 तक)/जुलाई 2032-जुलाई 2034 /जुलाई 2061-अगस्त 2063)      
  • बीच के ढाई वर्ष अशुभ (मई 2005-जुलाई 2007तक)/जुलाई 2034-अगस्त  2036/अगस्त 2063-अक्टूबर 2065)      
  • अंत के ढाई वर्ष शुभ (जुलाई2007-सितम्बर 2009 तक)/अगस्त  2036-अक्टूबर 2038/अक्टूबर 2065-सितम्बर 2068)      

सिंह राशि(मा,मी,मू,में,मो,टा,टी,टू,टे):

  • पहले ढाई वर्ष अशुभ(मई 2005-जुलाई 2007तक)/जुलाई 2034-अगस्त  2036/अगस्त 2063-अक्टूबर 2065)      
  • बीच के ढाई वर्ष अशुभ (जुलाई2007-सितम्बर 2009 तक)/अगस्त  2036-अक्टूबर 2038/अक्टूबर 2065-सितम्बर 2068)      
  • अंत के ढाई वर्ष शुभ (सितम्बर 2009-नवम्बर 2011तक)/अक्टूबर 2038-नवम्बर 2041 /सितम्बर 2068-नवम्बर 2070)       

कन्या राशि(टो,पा,पी,पू,ष,ण,ठ,पे,पो):

  • पहले ढाई वर्ष अशुभ (जुलाई2007-सितम्बर 2009 तक)/अगस्त  2036-अक्टूबर 2038/अक्टूबर 2065-सितम्बर 2068)      
  • बीच के ढाई वर्ष अशुभ (सितम्बर 2009-नवम्बर 2011तक)/अक्टूबर 2038-नवम्बर 2041 /सितम्बर 2068-नवम्बर 2070)       
  • अंत के ढाई वर्ष शुभ (नवम्बर 2011-नवम्बर 2014 तक)/नवम्बर 2041-दिसम्बर 2043 /नवम्बर 2070-फरवरी 2073)       

 तुला राशि(रा,री,रु,रे,रो,ता,ती,तू,ते):

  • पहले ढाई वर्ष शुभ (सितम्बर 2009-नवम्बर 2011तक)/अक्टूबर 2038-नवम्बर 2041 /सितम्बर 2068-नवम्बर 2070)       
  • बीच के ढाई वर्ष शुभ (नवम्बर 2011-नवम्बर 2014 तक)/नवम्बर 2041-दिसम्बर 2043 /नवम्बर 2070-फरवरी 2073)       
  • अंत के ढाई वर्ष अशुभ (नवम्बर 2014-जनवरी 2017 तक)/दिसम्बर 2043-दिसम्बर 2046/फरवरी 2073-जनवरी 2076)       

वृश्चिक राशि (तो,ना,नी,नू,ने,नो,या,यी,यू ):

  • पहले ढाई वर्ष शुभ (नवम्बर 2011-नवम्बर 2014 तक)/नवम्बर 2041-दिसम्बर 2043 /नवम्बर 2070-फरवरी 2073)       
  • बीच के ढाई वर्ष अशुभ (नवम्बर 2014-जनवरी 2017 तक)/दिसम्बर 2043-दिसम्बर 2046/फरवरी 2073-जनवरी 2076)       
  • अंत के ढाई वर्ष  भी अशुभ (जनवरी 2017-जनवरी 2020 तक)/दिसम्बर 2046-मार्च 2049/जनवरी 2076-जनवरी 2079)       

धनु राशि(ये,यो,भा,भी,भू,धा,फ,ढ,भे):

  • पहले ढाई वर्ष अशुभ (नवम्बर 2014-जनवरी 2017 तक)/दिसम्बर 2043-दिसम्बर 2046/फरवरी 2073-जनवरी 2076)       
  • बीच के ढाई वर्ष शुभ (जनवरी 2017-जनवरी 2020 तक)/दिसम्बर 2046-मार्च 2049/जनवरी 2076-जनवरी 2079)       
  • अंत के ढाई वर्ष भी शुभ (जनवरी 2020-अप्रैल 2022 तक)/मार्च 2049-फरवरी 2052/जनवरी 2079-अप्रैल 2081)        

मकर राशि(भो,ज,जा,जी,जे,जो,खा,खी,खु,खे,खो,गा,गी)

  • पहले ढाई वर्ष अशुभ (जनवरी 2017-जनवरी 2020 तक)/दिसम्बर 2046-मार्च 2049/जनवरी 2076-जनवरी 2079)       
  • बीच के ढाई वर्ष  भी अशुभ (जनवरी 2020-अप्रैल 2022 तक)/मार्च 2049-फरवरी 2052/जनवरी 2079-अप्रैल 2081)        
  • अंत के ढाई वर्ष शुभ (अप्रैल 2022-मार्च 2025 तक)/फरवरी 2052-मई 2054/अप्रैल 2081-मार्च 2084)         

कुम्भ  राशि(गु,गे,गो,सा,सी,सु,से,सो,दा)

  • पहले ढाई वर्ष अशुभ (जनवरी 2020-अप्रैल 2022 तक)/मार्च 2049-फरवरी 2052/जनवरी 2079-अप्रैल 2081)        
  • बीच के ढाई वर्ष शुभ (अप्रैल 2022-मार्च 2025 तक)/फरवरी 2052-मई 2054/अप्रैल 2081-मार्च 2084)          
  • अंत के ढाई वर्ष अशुभ (मार्च 2025-फरवरी 2028 तक)/मई 2054-जनवरी 2057/मार्च 2084-मई 2086)         

मीन  राशि(दी,दू,थ,झ,दे,दो,चा,चि)

  • पहले ढाई वर्ष अशुभ (अप्रैल 2022-मार्च 2025 तक)/फरवरी 2052-मई 2054/अप्रैल 2081-मार्च 2084)(शनि नीच राशि मेष की ओर जाने के कारण भी हानि )          
  • बीच के ढाई वर्ष भी अशुभ (मार्च 2025-फरवरी 2028 तक)/मई 2054-जनवरी 2057/मार्च 2084-मई 2086)         
  • अंत के ढाई वर्ष भी अशुभ (फरवरी 2028-अगस्त 2029 तक)/जनवरी 2057-मई 2059/मई 2086-जुलाई 2088)          

(नोट : मीन राशि  में नक्षत्र पूर्व भाद्रा का स्वामी बृहस्पति, उत्तर भाद्रा नक्षत्र का  स्वामी शनि व् रेवती नक्षत्र का स्वामी बुध मार्गी व् उदय हों तो साढ़ेसाती के साढ़े सात वर्ष हानि नहीं होती अपितु लाभ भी मिलते हैं जबकि नियम साढ़ेसाती के सारे  वर्ष अशुभ बताता है| तीनों ग्रहों में से जो भी जन्म समय वक्री होगा, साढ़ेसाती में उस नक्षत्र पर शनि आने से हानि आदि होती है | )

 

साढ़ेसाती में कष्ट आदि से बचाव के उपाय :

  • ॐ नमः शिवाय का जाप हर समय करें |
  • शनिवार के व्रत करते रहें |
  • शनि चालीसा, शनि स्तोत्र, शनि मन्त्र या ॐ शनये नमः का पाठ, जप, तप, दान व् उपाए अधिक करें | हनुमान चालीसा भी हर रोज़ पढ़ें या सुनें  |
  • स्वयं शनि शांति पाठ व्  यज्ञ तथा आवयश्क हो तो महामृत्युन्जय जप अवश्य करें या किसी विद्वान् से करवा लें |
  • टेस्ट कर के, विद्वान् ज्योतिषी की सलाह ले कर, नीलम पहनें, अन्यथा नहीं |

उपरोक्त विवरण से उपलब्ध भूतकाल में घटित शनि साढ़ेसाती प्रभाव जांचे जा सकते हैं | भविष्य में किन वर्षों में शनि साढ़ेसाती प्रभावित करेगी, वह समय लिख दिया गया है |

 

मुफ्त में आप  एक  बार एक प्रश्न वेबसाइट  www.panditjksharma.com  पर  ईमेल This email address is being protected from spambots. You need JavaScript enabled to view it.  पर  अपना नाम, जन्म तारीख, जन्म समय, जन्म स्थान का जिला भेज कर पूछ सकते हैं  | यह सुविधा केवल एक बार मिलती है |

ज्योतिष का ज्ञान रखने वाले विद्वान उपरोक्त का खंडन तथा  आलोचना  करें व् कमियां भी लिखें तो मैं अपने ज्ञान वृद्धि के लिए उनका धन्यवादी होऊंगा  | आलोचना करते हुए अपना तर्क अवश्य दें |अकारण या नास्तिक होने पर अज्ञानी की तरह टिप्पणी करने से क्या लाभ ?

नारायण, नारायण |

 

 

 शनि साढ़ेसाती क्या होती है ?”   तथा शनि   साढ़ेसाती आप पर कब आई थी या कब आएगी विषय पर विस्तृत व् महत्वपूर्ण लेख पढें  मेरी  website www.panditjksharma.com पर |