युद्ध की सम्भावनाएं .........

शुक्र देव 13 अक्टूबरको मंगल की वृश्चिक राशि में दुपहर 3 30 बजे प्रवेश करेंगे |  वहां पहले ही शनि देव विराजमान हैं | यहाँ शुक्र, शनि व् मंगल का मेल हो जाता है जो हिंसक घटनाक्रम की ओर संकेत देता है |

शुक्र सदेव उत्तेजित रहते हैं, मान सम्मान गर्व व् शेखी से जीना इनकी दिनचर्या होती है | वृष व् तुला राशि के लोग इस प्रकार का प्रभाव लिए होते हैं |

मंगल  खून, रेड सेल्स, उत्साह, बहादुरी, जासूसी, लड़ाई झगड़ा व् खून खराबा आदि करने कराने में तैयार रहता है |

शुक्र मंगल की वृश्चिक राशि में शनि के साथ 13 अक्टूबर से  7 नवम्बर प्रात तक रहेगा व् पाक  (PAK) के मनोबल को बढ़ा कर युद्ध के लिए हवाएं देगा अर्थात इस दौरान पाक (PAK) पंगा ले सकता है | अक्टूबर 14 जुम्मे से घटनाएँ युद्ध की ओर ले जा सकती हैं |

 

मंगल आजकल धनु राशि पर है व् उच्च राशि मकर में 1 नवम्बर प्रात आ जायेगा | याद रहे भारत की प्रभाव राशि मकर है |  मंगल 1 नवम्बर से मकर राशि में आकर भारत को विशेषकर अत्यंत बलवान व् सफल योद्धा बनाएगा |

सूर्य नीच राशि तुला में 17 अक्तूबर से 15 नवम्बर तक चला जायेगा | राहू सिंह राशि पर व् केतु कुम्भ राशि पर विद्यमान हैं |

20 अक्टूबर तक गुरु के साथ अस्त बुध कन्या में उच्च का होकर जैसे तैसे पाक (PAK)की बुधि को  संयमित व् तीव्र बुधि बनाकर सूर्य प्रभाव से गर्मी दिलाता रहेगा व् हर रोज़ के हमले करता रहेगा तथा बड़ा युद्ध रोकने का प्रयास करेगा | परन्तु, 21 अक्टूबर से अस्त बुध तुला राशि में नीच सूर्य से मिलकर पाक (PAK) अच्छा नहीं सोच पायेगा अर्थात पाक (PAK)  के अशुभ व् नकारात्मक विचार व् वैसे ही परिणाम होंगे |

शुक्र शनि के मंगल की वृश्चिक राशि में 13/14अक्टूबर से  7 नवम्बर तक होने से हिंसक, आतंकी, खून खराबा, आत्मघाती हमले आदि  अत्यधिक होंगे, कहीं भी कभी भी  जिसमे दोनों ओर के जन जीवन की हानि होगी |

21 अक्टूबर जुम्मे से समय अधिक खराब होगा जब आर्द्रा नक्षत्र में राहू व् शनि का अंतर चलेगा, बड़ी लड़ाई शुरू होने के अधिक आसार होंगे  | दिवाली चैन से मनाने में विघ्न डाला जायेगा | उन्हीं दिनों में अमावस्या के आस पास सूर्य चन्द्र कमजोर होने पर आतंकवादी व् आत्मघाती घटनाएँ  बढने पर युद्ध शुरू होने की सम्भावना है |

डरने की नहीं परन्तु सावधान व् चोक्न्ना रहने की जरूरत है |

नारायण,  नारायण |