शनि देव  चले वृश्चिक राशि में

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इस संसार के  हर प्राणी जीव पशु पक्षी पेड़ पौधे पर प्रकृति का पूर्ण प्रभाव पड़ता हैं  | प्रकृति  किससे बनी हे ?  गैसों, चारों  ओर के वातावरण तथा आसमान में प्रभावशाली ग्रहों से  | सूर्य, चन्द्र, मंगल, बुध, बृहस्पति, शुक्र, शनि, राहू व् केतु के साथ साथ  प्लूटो ,  नेप्चून तथा हर्षल अपना अपना प्रभाव धरती पर छोड़ते हैं

शनि देव अपनी तीसरी, सातवीं व् दसवीं दृष्टि से तो कुण्डली में देखते ही रहते हैं, तब भी शनि जहाँ भी चल रहे होते हैं वहाँ से वे पिछली राशि, अगली राशि, अपनी राशि मकर तथा कुम्भ पर निरंतर प्रभाव बनाये रखते हैं | इस प्रकार शनि कुण्डली में 6 या 7 भावों घरों -  हाउसेस को देखते रहते हैं |  जब भी हर वर्ष  शनि  लगभग 5 महीने के लिए वक्री होते हैं, ये जिस घर पर बैठे होते हैं उस  वक्र काल  में उस घर में हानि करते हैं  

शनि देव 2 नवम्बर 2014 को वृश्चिक राशि  में प्रवेश करेंगे | वृश्चिक राशि के स्वामी मंगल देव हनुमान जी  हैं  जो हमारे खून व् रेड सेल्स को गतिमान करते हैं | वृश्चिक  राशि के लोगों को  (जिनका नाम  तो,  न,ना, नी, नू ,ने , नो , या ,यी , यु) से शुरू होता है उन्हें ब्लड प्रेशर व् ब्लड सम्बन्धी समस्याए शुरू हो चुकी हैं जो 2017 के बाद ठीक होनी शुरू हो जाएँगी |

2 नवम्बर 2014 से कन्या राशि ( नाम अक्षर : टो , प ,पा , पी , पू, ष , ण ,ठ , पे ,पो ) -   की साढ़ेसती  समाप्त हो जाएगी उन्हें सर्व सुख लाभ व् आराम प्राप्त होने शुरू हो जायेंगे |  धनु राशि (नाम अक्षर ये ,यो , भा, भी ,भू, धा ,फ ,ढ ,भे ) की  शनि साढ़ेसती शुरू हो जाएगी | तुला राशि पर साढ़ेसती का अंतिम ढाई वर्ष का कष्टकारी प्रभाव दिसम्बर 2016 में समाप्त होगा | शनि नवम्बर 2014 से  तीसरी  दृष्टि से अपनी राशि मकर, सातवीं दृष्टि से वृष व् दसवीं दृष्टि से सिंह राशियों को भी देखेंगे |

शनि की राशि बदलने पर निम्न प्रभाव होंगे :-

कन्या राशि :-( नाम अक्षर : टो , प ,पा , पी , पू, ष , ण ,ठ , पे ,पो ) : उतरती साढ़ेसती , स्थान परिवर्तन, नया घर बनायें, हार्ट चेक कराएँ स्वास्थ्य का ख्याल रखेँ, भाई बहनों को कष्ट सम्भव, विदेश यात्रा योग व्  प्रमोशन योग भी |

तुला राशि :- ( नाम अक्षर : र , रा , री, रु , रे , रो ता , ती ,तू ,ते ) विदेश यात्रा लाभदायक रहेगी , विदेश से आय ,  धन संग्रह का समय, बी पी समस्या, अपने घर में जाएँ,   वैवाहिक पारिवारिक समय अच्छा व् स्थिर होने का समय 

वृश्चिक राशि :- (नाम अक्षर तो,  न,ना, नी, नू ,ने , नो , या ,यी , यु) : मंगल नीच होने पर चोट भय बी पी लो होना व् चेहरे ठोड़ी ,सिर पर चोट का संकेत | मंगल शुभ होने पर उच्च पद प्राप्ति राज पाठ प्रॉपर्टी लाभ कर्जे समाप्त, वैवाहिक सुख वृद्धि, संतान योग,  नया बड़ा घर कार्यालय आदि मिलें | बी पी अधिक होना व् चेहरे ठोड़ी ,सिर पर चोट की सम्भावना

धनु राशि :-  (नाम अक्षर ये ,यो , भा, भी ,भू, धा ,फ ,ढ ,भे ) : स्थान परिवर्तन घर से दूर , विदेश यात्रा योग लाभकारी परन्तु यदि  शनि जन्म से वक्री या नीच हैं तो शनि  हानिकारक, खर्चीला व् धन न टिके  | वैसे प्रभावशाली व् ताकतवर, अत्यधिक  आत्मविश्वासी  | यदि बृहस्पति अच्छा नहीं तो संतान /पुत्र को कष्ट सम्भव | शनि व् बृहस्पति  के उपाए करें |

मकर राशि :- (नाम अक्षर : भो, ज ,जा , जी , जू ,जे ,जो ,खा , खी , खु , खे , खो , गा , गी )  शनि की तीसरी दृष्टि अपनी राशि पर होने पर लाभकारी होगी,  धन आगमन प्रमोशन,  सफलताएँ मिलेंगी , विदेश यात्रा की तयारी ,पेट खराबी व् सन्तान को थोडा कष्ट  सम्भव |

वृष राशि :-  (नाम अक्षर : ई , उ , ए , ऑ , व , वा , वु, वे , वो, )  शनि की सातवीं  दृष्टि से यश लाभ , प्रमोशन, धन   व्यापार में वृद्धि , प्रकाशन कार्य में सफलता व् प्रसिद्धी मिलेगी |

सिंहराशि :-  (नाम अक्षर : म , मा , मी , मु , में , मो , टा , टी , टू , टे ) शनि की  दसवीं दृष्टि राज दरबार में पूर्ण सफलता , प्रमोशन, पिता को थोडा कष्ट ,  पत्नी को कष्ट या अन्य  स्त्री से सम्बन्ध सम्भव,  धन वर्षा , बड़ा  घर व् कार्यालय प्राप्त होंगे |

शेष  राशियों को शनि के शुभाशुभ लाभ आदि निम्न प्रकार होंगे :-

 मेष  राशि:- आठवें घर शनि जाकर विदेश यात्राएं करवाएगा , धन की थोड़ी कमी हो सकती हैं  | शुभ शनि  प्रॉपर्टी फ्लैट आदि में इन्वेस्ट कराएगा जो  2017 में लाभ देगा |  अशुभ शनि कर्जा  चढाएगा |

मिथुन राशि:- छ्टे घर शनि जाकर कार्य  व्यापार  बढ़ाएगा, लिखने का कार्य अधिक होगा, कोर्ट आदि के कार्य से बचें | प्रमोशन की सम्भावना | बुध वक्री या कमजोर होने पर जूनियर को प्रमोशन मिल जाएगी व आपको धोखा | धन हानि, चोरी ,  मित्रों द्वारा धोखे से बचे |

कर्क राशि:-अधिक मीठा पेट खराब करे, विदेश यात्रा, धन वृद्धि व् प्रमोशन , सन्तान को थोडा कष्ट , वाहन खराबी शुरू, चोट से बचें |

कुम्भ राशि:-घर में वृद्धि ही वृद्धि, सब कुछ प्राप्त, नया वाहन नया घर, सागर मन्थन के कुम्भ की तरह घर के कुम्भ  में पूर्ण वृद्धि | प्रमोशन की गारंटी  एक वर्ष में, शनि देव को न भूलें | जनम से शनि वक्री हो या नीच हो तो पत्नी को थोडा कष्ट व् वाहन खराबी | शनि पूजा जप तप दान अधिक करें |

मीन राशि:-भाग्य वृद्धि , भाग्य जागेगा, स्थान परिवर्तन व् धन वृद्धि , अपने घर में प्रवेश करें, प्रॉपर्टी बनाये | भाइयों से बना कर  चलें | धन , वाहन व् भाग्य बढ़ते ही जायेंगे |

 

अच्छा हो कि हर रोज़ शनि चालीसा पढ़े व्  शनि स्तोत्र  पढ़े |  हर शनिवार  साबत  माह +काले तिल + जो + तेल  सरसों + 26 रूपये शनि  मूर्ति या शिवलिंग के पास रख आयें | कष्टों में कमी आएगी व् मन शांत होगा | अपने इष्ट देव या गुरु का निरंतर स्मरण करते रहे  , वे भी शनि कष्ट से  आराम दिलाएंगे |